मैनपाट में हाथी दल, बस्तियों में घुसकर फसलों को पहुंचा रहे नुकसान, ग्रामीण दहशत में
मैनपाट में हाथी दल, बस्तियों में घुसकर फसलों को पहुंचा रहे नुकसान, ग्रामीण दहशत में
छत्तीसगढ़ संवाददाता
अंबिकापुर,13 अप्रैल। सरगुजा जिले के मैनपाट क्षेत्र में 14 हाथियों का दल पिछले कई दिनों से डेरा डाले हुए है। हाथियों का झुंड रात के समय टाइगर प्वाइंट के आसपास की बस्तियों में घुसकर फसलों को नुकसान पहुंचा रहा है, जिससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल है और लोगों को रातभर जागकर अपने घरों व खेतों की रखवाली करनी पड़ रही है।
जानकारी के अनुसार, मैनपाट के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल टाइगर प्वाइंट के समीप मूसाखोल जंगल में हाथियों का झुंड कई दिनों से मौजूद है। बीती रात यह दल मूसाखोल बस्ती में पहुंच गया और खेतों में लगी फसलों को नुकसान पहुंचाया। ग्रामीणों ने पूरी रात मशक्कत कर हाथियों को बस्ती से दूर रखने की कोशिश की। सुबह होते ही हाथियों का झुंड फिर जंगल की ओर लौट गया।
हाथियों की लगातार मौजूदगी के कारण मूसाखोल, बिजलहवा, कलजीबा, असकरा और कुनिया बस्तियों के ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों के अनुसार, शाम ढलते ही हाथी जंगल से निकलकर बस्तियों की ओर बढऩे लगते हैं, जिससे उन्हें रात में खेतों और घरों की निगरानी करनी पड़ रही है।
वन विभाग की टीम हाथियों की गतिविधियों पर लगातार नजर बनाए हुए है और ग्रामीणों को सतर्क कर रही है। वहीं हाथियों का दल मैनपाट-सीतापुर मुख्य मार्ग पर भी कई बार दिखाई दे रहा है, जिससे राहगीरों में भी दहशत बनी हुई है। सुरक्षा की दृष्टि से शाम चार बजे के बाद टाइगर प्वाइंट जाने वाले पर्यटकों को भी रोका जा रहा है।
फिलहाल हाथियों का दल आक्रामक नहीं दिखा है, लेकिन स्थिति को देखते हुए वन विभाग द्वारा लोगों से सतर्क रहने की अपील की जा रही है।
छत्तीसगढ़ संवाददाता
अंबिकापुर,13 अप्रैल। सरगुजा जिले के मैनपाट क्षेत्र में 14 हाथियों का दल पिछले कई दिनों से डेरा डाले हुए है। हाथियों का झुंड रात के समय टाइगर प्वाइंट के आसपास की बस्तियों में घुसकर फसलों को नुकसान पहुंचा रहा है, जिससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल है और लोगों को रातभर जागकर अपने घरों व खेतों की रखवाली करनी पड़ रही है।
जानकारी के अनुसार, मैनपाट के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल टाइगर प्वाइंट के समीप मूसाखोल जंगल में हाथियों का झुंड कई दिनों से मौजूद है। बीती रात यह दल मूसाखोल बस्ती में पहुंच गया और खेतों में लगी फसलों को नुकसान पहुंचाया। ग्रामीणों ने पूरी रात मशक्कत कर हाथियों को बस्ती से दूर रखने की कोशिश की। सुबह होते ही हाथियों का झुंड फिर जंगल की ओर लौट गया।
हाथियों की लगातार मौजूदगी के कारण मूसाखोल, बिजलहवा, कलजीबा, असकरा और कुनिया बस्तियों के ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों के अनुसार, शाम ढलते ही हाथी जंगल से निकलकर बस्तियों की ओर बढऩे लगते हैं, जिससे उन्हें रात में खेतों और घरों की निगरानी करनी पड़ रही है।
वन विभाग की टीम हाथियों की गतिविधियों पर लगातार नजर बनाए हुए है और ग्रामीणों को सतर्क कर रही है। वहीं हाथियों का दल मैनपाट-सीतापुर मुख्य मार्ग पर भी कई बार दिखाई दे रहा है, जिससे राहगीरों में भी दहशत बनी हुई है। सुरक्षा की दृष्टि से शाम चार बजे के बाद टाइगर प्वाइंट जाने वाले पर्यटकों को भी रोका जा रहा है।
फिलहाल हाथियों का दल आक्रामक नहीं दिखा है, लेकिन स्थिति को देखते हुए वन विभाग द्वारा लोगों से सतर्क रहने की अपील की जा रही है।