संघ प्रमुख मोहन भागवत का शहडोल प्रवास का समापन:कड़ी सुरक्षा के बीच रायपुर के लिए हुए रवाना

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने अपना तीन दिवसीय शहडोल प्रवास पूरा किया। वे देर रात कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच सारनाथ एक्सप्रेस से रायपुर के लिए रवाना हुए। आदिवासी अंचल में संघ प्रमुख का यह दौरा संगठनात्मक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना गया। संघ प्रमुख 20 मई को कटनी से शहडोल पहुंचे थे। उनका यह दौरा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रथम विकास वर्ग के आयोजन के सिलसिले में था। इस प्रशिक्षण वर्ग में मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के मालवा एवं मध्य क्षेत्र से 383 स्वयंसेवकों ने भाग लिया। 19 मई से शुरू हुए इस वर्ग के दौरान डॉ. भागवत ने स्वयंसेवकों से संवाद किया। उन्होंने कई बौद्धिक सत्रों को संबोधित किया और संघ के संगठनात्मक विषयों पर पदाधिकारियों के साथ चर्चा की। 350 अधिकारी कर्मचारी तैनात रहे संघ प्रमुख के दौरे के मद्देनजर पूरे शहर को हाई-सिक्योरिटी जोन में बदल दिया गया था। उनकी Z+ श्रेणी की सुरक्षा के तहत सीआईएसएफ, स्पेशल ब्रांच, जिला पुलिस और अन्य जिलों से आए लगभग 350 अधिकारी-कर्मचारी सुरक्षा में तैनात थे। पांडवनगर स्थित सरस्वती स्कूल परिसर में 24 घंटे सुरक्षा निगरानी की गई। डीएसपी रैंक के अधिकारियों के साथ सीआईएसएफ की विशेष टीम लगातार सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रख रही थी। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का कार्यकर्ता विकास वर्ग (सामान्य प्रथम वर्ष) 18 मई से सरस्वती स्कूल पांडवनगर में आयोजित किया जा रहा है, जिसका समापन 7 जून को होगा। संघ प्रमुख तीन दिनों तक इसी वर्ग के कार्यक्रमों में शामिल रहे और पूरे समय परिसर के भीतर ही रुके। पांडवनगर में रही कड़ी सुरक्षा सुरक्षा कारणों से पांडवनगर क्षेत्र के 500 मीटर दायरे में ड्रोन उड़ाने पर प्रतिबंध था। आगमन और प्रस्थान के दौरान शहर के कई प्रमुख मार्गों पर यातायात भी डायवर्ट किया गया। प्रवास के अंतिम दिन देर रात डॉ. भागवत शहडोल रेलवे स्टेशन पहुंचे, जहां सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी में उन्हें सारनाथ एक्सप्रेस से रायपुर के लिए रवाना किया गया।

संघ प्रमुख मोहन भागवत का शहडोल प्रवास का समापन:कड़ी सुरक्षा के बीच रायपुर के लिए हुए रवाना
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने अपना तीन दिवसीय शहडोल प्रवास पूरा किया। वे देर रात कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच सारनाथ एक्सप्रेस से रायपुर के लिए रवाना हुए। आदिवासी अंचल में संघ प्रमुख का यह दौरा संगठनात्मक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना गया। संघ प्रमुख 20 मई को कटनी से शहडोल पहुंचे थे। उनका यह दौरा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रथम विकास वर्ग के आयोजन के सिलसिले में था। इस प्रशिक्षण वर्ग में मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के मालवा एवं मध्य क्षेत्र से 383 स्वयंसेवकों ने भाग लिया। 19 मई से शुरू हुए इस वर्ग के दौरान डॉ. भागवत ने स्वयंसेवकों से संवाद किया। उन्होंने कई बौद्धिक सत्रों को संबोधित किया और संघ के संगठनात्मक विषयों पर पदाधिकारियों के साथ चर्चा की। 350 अधिकारी कर्मचारी तैनात रहे संघ प्रमुख के दौरे के मद्देनजर पूरे शहर को हाई-सिक्योरिटी जोन में बदल दिया गया था। उनकी Z+ श्रेणी की सुरक्षा के तहत सीआईएसएफ, स्पेशल ब्रांच, जिला पुलिस और अन्य जिलों से आए लगभग 350 अधिकारी-कर्मचारी सुरक्षा में तैनात थे। पांडवनगर स्थित सरस्वती स्कूल परिसर में 24 घंटे सुरक्षा निगरानी की गई। डीएसपी रैंक के अधिकारियों के साथ सीआईएसएफ की विशेष टीम लगातार सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रख रही थी। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का कार्यकर्ता विकास वर्ग (सामान्य प्रथम वर्ष) 18 मई से सरस्वती स्कूल पांडवनगर में आयोजित किया जा रहा है, जिसका समापन 7 जून को होगा। संघ प्रमुख तीन दिनों तक इसी वर्ग के कार्यक्रमों में शामिल रहे और पूरे समय परिसर के भीतर ही रुके। पांडवनगर में रही कड़ी सुरक्षा सुरक्षा कारणों से पांडवनगर क्षेत्र के 500 मीटर दायरे में ड्रोन उड़ाने पर प्रतिबंध था। आगमन और प्रस्थान के दौरान शहर के कई प्रमुख मार्गों पर यातायात भी डायवर्ट किया गया। प्रवास के अंतिम दिन देर रात डॉ. भागवत शहडोल रेलवे स्टेशन पहुंचे, जहां सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी में उन्हें सारनाथ एक्सप्रेस से रायपुर के लिए रवाना किया गया।