बस्तर की पंचायतों को 1 करोड़ रु. और विशेष पैकेज दिया जाए-कांग्रेस

छत्तीसगढ़ संवाददाता जगदलपुर, 10 अप्रैल। बस्तर जिला कांग्रेस कमेटी (शहर) के अध्यक्ष सुशील मौर्य ने केंद्र और राज्य सरकार से बस्तर क्षेत्र के विकास को लेकर कई मांगें रखी हैं। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा नक्सल मुक्त गांवों को 1 करोड़ रुपये देने की घोषणा के बावजूद अब तक किसी पंचायत को राशि नहीं मिली है। पत्रकारवार्ता में सुशील मौर्य ने कहा कि यदि सरकार बस्तर को नक्सल मुक्त घोषित कर चुकी है, तो अपनी घोषणा के अनुरूप सभी ग्राम पंचायतों को तत्काल 1 करोड़ रुपये की सहायता दी जानी चाहिए। यह राशि बस्तर सहित अन्य नक्सल प्रभावित जिलों में भी जारी की जाए। उन्होंने डबल इंजन सरकार से बस्तर के समग्र विकास के लिए 50 हजार करोड़ रुपये का विशेष आर्थिक पैकेज घोषित करने की मांग की। उनका कहना है कि इससे क्षेत्र में रोजगार, आधारभूत संरचना और उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा। एनएमडीसी का मुख्यालय बस्तर में स्थापित करने की भी मांग उठाई गई। उनका कहना है कि जब खनिज संपदा बस्तर से निकलती है, तो मुख्यालय भी यहीं होना चाहिए, जिससे स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर मिल सकें। कांग्रेस नेता ने आशंका जताई कि बस्तर की खनिज संपदा और औद्योगिक परियोजनाओं को निजी कंपनियों को सौंपा जा सकता है। उन्होंने सरकार से इस संबंध में स्पष्ट आश्वासन देने की मांग की कि स्थानीय हितों के साथ कोई समझौता नहीं होगा। दल्लीराजहरा-जगदलपुर रेल लाइन के निर्माण में देरी को लेकर भी सवाल उठाए गए। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017-18 में शुरू हुई यह परियोजना अब तक पूरी नहीं हो पाई है, जो क्षेत्र की जनता के साथ अन्याय है।

बस्तर की पंचायतों को 1 करोड़ रु. और विशेष पैकेज दिया जाए-कांग्रेस
छत्तीसगढ़ संवाददाता जगदलपुर, 10 अप्रैल। बस्तर जिला कांग्रेस कमेटी (शहर) के अध्यक्ष सुशील मौर्य ने केंद्र और राज्य सरकार से बस्तर क्षेत्र के विकास को लेकर कई मांगें रखी हैं। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा नक्सल मुक्त गांवों को 1 करोड़ रुपये देने की घोषणा के बावजूद अब तक किसी पंचायत को राशि नहीं मिली है। पत्रकारवार्ता में सुशील मौर्य ने कहा कि यदि सरकार बस्तर को नक्सल मुक्त घोषित कर चुकी है, तो अपनी घोषणा के अनुरूप सभी ग्राम पंचायतों को तत्काल 1 करोड़ रुपये की सहायता दी जानी चाहिए। यह राशि बस्तर सहित अन्य नक्सल प्रभावित जिलों में भी जारी की जाए। उन्होंने डबल इंजन सरकार से बस्तर के समग्र विकास के लिए 50 हजार करोड़ रुपये का विशेष आर्थिक पैकेज घोषित करने की मांग की। उनका कहना है कि इससे क्षेत्र में रोजगार, आधारभूत संरचना और उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा। एनएमडीसी का मुख्यालय बस्तर में स्थापित करने की भी मांग उठाई गई। उनका कहना है कि जब खनिज संपदा बस्तर से निकलती है, तो मुख्यालय भी यहीं होना चाहिए, जिससे स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर मिल सकें। कांग्रेस नेता ने आशंका जताई कि बस्तर की खनिज संपदा और औद्योगिक परियोजनाओं को निजी कंपनियों को सौंपा जा सकता है। उन्होंने सरकार से इस संबंध में स्पष्ट आश्वासन देने की मांग की कि स्थानीय हितों के साथ कोई समझौता नहीं होगा। दल्लीराजहरा-जगदलपुर रेल लाइन के निर्माण में देरी को लेकर भी सवाल उठाए गए। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017-18 में शुरू हुई यह परियोजना अब तक पूरी नहीं हो पाई है, जो क्षेत्र की जनता के साथ अन्याय है।