अमलाहा में पूर्व मंडी अध्यक्ष के मकान में लगी आग:3 शहरों की दमकलों ने 7 घंटे में पाया काबू; 5 लाख का सामान जला

सीहोर के भोपाल-इंदौर हाईवे स्थित ग्राम अमलाहा में सोमवार-मंगलवार रात करीब ढाई बजे पूर्व मंडी अध्यक्ष शंकर लाल पटेल के मकान में अचानक आग लग गई। 8-10 फायर ब्रिगेड को मकान में लगी आग को काबू करने में करीब 7 घंटे का समय लगा। सूचना मिलते ही ग्रामीणों ने माैके पर पहुंचकर आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद सीहोर, आष्टा और कोठरी से दमकल वाहन बुलाए गए। गांव की संकरी गलियों के कारण बड़ी दमकल अंदर नहीं पहुंच पाई, जिसके बाद छोटी दमकलों को भेजकर आग पर काबू पाया गया। करीब 3 घंटे में पाया काबू सुबह करीब पांच बजे तक चले अग्निशमन अभियान में 8-10 फायर ब्रिगेड की गाड़ियों का इस्तेमाल किया गया। हादसे में मकान पूरी तरह जलकर खाक हो गया और लगभग 5 लाख रुपए का नुकसान हुआ। ग्रामीणों ने बताया कि अगर समय रहते आग पर काबू नहीं पाया जाता, तो यह पूरे गांव को अपनी चपेट में ले सकती थी। घटना के समय मकान में कोई मौजूद नहीं था और आग लगने के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है। ग्रामीणों ने की अतिक्रमण हटाने की मांग ग्रामीणों ने प्रशासन से गांव में अतिक्रमण हटाने की मांग की है। उनका कहना है कि गलियों में खड़े ट्रैक्टर-ट्रॉली और अतिक्रमण के कारण आपातकालीन वाहनों को अंदर आने में परेशानी होती है, जिससे इस तरह की आपात स्थितियों में बचाव कार्य प्रभावित होता है।

अमलाहा में पूर्व मंडी अध्यक्ष के मकान में लगी आग:3 शहरों की दमकलों ने 7 घंटे में पाया काबू; 5 लाख का सामान जला
सीहोर के भोपाल-इंदौर हाईवे स्थित ग्राम अमलाहा में सोमवार-मंगलवार रात करीब ढाई बजे पूर्व मंडी अध्यक्ष शंकर लाल पटेल के मकान में अचानक आग लग गई। 8-10 फायर ब्रिगेड को मकान में लगी आग को काबू करने में करीब 7 घंटे का समय लगा। सूचना मिलते ही ग्रामीणों ने माैके पर पहुंचकर आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद सीहोर, आष्टा और कोठरी से दमकल वाहन बुलाए गए। गांव की संकरी गलियों के कारण बड़ी दमकल अंदर नहीं पहुंच पाई, जिसके बाद छोटी दमकलों को भेजकर आग पर काबू पाया गया। करीब 3 घंटे में पाया काबू सुबह करीब पांच बजे तक चले अग्निशमन अभियान में 8-10 फायर ब्रिगेड की गाड़ियों का इस्तेमाल किया गया। हादसे में मकान पूरी तरह जलकर खाक हो गया और लगभग 5 लाख रुपए का नुकसान हुआ। ग्रामीणों ने बताया कि अगर समय रहते आग पर काबू नहीं पाया जाता, तो यह पूरे गांव को अपनी चपेट में ले सकती थी। घटना के समय मकान में कोई मौजूद नहीं था और आग लगने के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है। ग्रामीणों ने की अतिक्रमण हटाने की मांग ग्रामीणों ने प्रशासन से गांव में अतिक्रमण हटाने की मांग की है। उनका कहना है कि गलियों में खड़े ट्रैक्टर-ट्रॉली और अतिक्रमण के कारण आपातकालीन वाहनों को अंदर आने में परेशानी होती है, जिससे इस तरह की आपात स्थितियों में बचाव कार्य प्रभावित होता है।