गुना में अलाव तापते समय जलने से महिला की मौत:साड़ी में लगी आग; बचने भागी तो पूरी झोपड़ी में फैली, घर पर अकेली थी बुजुर्ग

गुना के मधुसुदनगढ़ इलाके में मंगलवार रात 91 वर्षीय वृद्ध महिला की जलने से मौत हो गई। महिला झोपड़ी के बाहर अलाव ताप रही थी, तभी उसके कपड़ों में आग लग गई, जिससे कच्ची झोपड़ी भी जल उठी। गंभीर रूप से झुलसी महिला ने जिला अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। मधुसुदनगढ़ में 91 वर्षीय वृद्धा की जलने से मौत जानकारी के अनुसार सिंगरामपुर निवासी नारानी बाई (91), जिनका जन्म वर्ष 1935 में हुआ था, का मकान निर्माणाधीन था। इसी कारण वे पास में बनी कच्ची झोपड़ी में रह रही थीं। मंगलवार रात गांव में भंडारे का आयोजन था, जिसमें परिवार के अन्य सदस्य शामिल होने गए थे। इस दौरान नारानी बाई घर पर अकेली थीं। शाम करीब 7 बजे ठंड से बचने के लिए उन्होंने झोपड़ी के बाहर अलाव जलाया। इसी दौरान उनकी साड़ी में आग लग गई। आग फैलते ही वे घबरा गईं और इधर-उधर भागने लगीं, जिससे आग कच्ची झोपड़ी तक पहुंच गई और पूरा टपरा जल गया। इस हादसे में वे गंभीर रूप से झुलस गईं। घटना को पास के एक युवक ने देखा और ग्रामीणों को सूचना दी। परिवार के लोग मौके पर पहुंचे और उन्हें तत्काल मधुसुदनगढ़ अस्पताल ले जाया गया, जहां से हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने गुना जिला अस्पताल रेफर कर दिया। रात करीब 12 बजे उन्हें जिला अस्पताल लाया गया, जहां बुधवार सुबह करीब 4 बजे उनकी मौत हो गई। परिवार के सदस्य बाबूलाल ने बताया कि महिला घर पर अकेली थीं और आग तापते समय साड़ी में आग लगने से हादसा हुआ। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है।

गुना में अलाव तापते समय जलने से महिला की मौत:साड़ी में लगी आग; बचने भागी तो पूरी झोपड़ी में फैली, घर पर अकेली थी बुजुर्ग
गुना के मधुसुदनगढ़ इलाके में मंगलवार रात 91 वर्षीय वृद्ध महिला की जलने से मौत हो गई। महिला झोपड़ी के बाहर अलाव ताप रही थी, तभी उसके कपड़ों में आग लग गई, जिससे कच्ची झोपड़ी भी जल उठी। गंभीर रूप से झुलसी महिला ने जिला अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। मधुसुदनगढ़ में 91 वर्षीय वृद्धा की जलने से मौत जानकारी के अनुसार सिंगरामपुर निवासी नारानी बाई (91), जिनका जन्म वर्ष 1935 में हुआ था, का मकान निर्माणाधीन था। इसी कारण वे पास में बनी कच्ची झोपड़ी में रह रही थीं। मंगलवार रात गांव में भंडारे का आयोजन था, जिसमें परिवार के अन्य सदस्य शामिल होने गए थे। इस दौरान नारानी बाई घर पर अकेली थीं। शाम करीब 7 बजे ठंड से बचने के लिए उन्होंने झोपड़ी के बाहर अलाव जलाया। इसी दौरान उनकी साड़ी में आग लग गई। आग फैलते ही वे घबरा गईं और इधर-उधर भागने लगीं, जिससे आग कच्ची झोपड़ी तक पहुंच गई और पूरा टपरा जल गया। इस हादसे में वे गंभीर रूप से झुलस गईं। घटना को पास के एक युवक ने देखा और ग्रामीणों को सूचना दी। परिवार के लोग मौके पर पहुंचे और उन्हें तत्काल मधुसुदनगढ़ अस्पताल ले जाया गया, जहां से हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने गुना जिला अस्पताल रेफर कर दिया। रात करीब 12 बजे उन्हें जिला अस्पताल लाया गया, जहां बुधवार सुबह करीब 4 बजे उनकी मौत हो गई। परिवार के सदस्य बाबूलाल ने बताया कि महिला घर पर अकेली थीं और आग तापते समय साड़ी में आग लगने से हादसा हुआ। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है।