ग्रामीणों बोले– पीढ़ियों से रह रहे, अब कहां जाए:सिगनपुरी में 20 साल से रह रहे 45 परिवारों को जमीन खाली करने का आदेश
ग्रामीणों बोले– पीढ़ियों से रह रहे, अब कहां जाए:सिगनपुरी में 20 साल से रह रहे 45 परिवारों को जमीन खाली करने का आदेश
सिगनपुरी ग्राम पंचायत के अंतर्गत आने वाले सिमरा गांव में करीब 45 दलित और आदिवासी परिवारों को राजस्व विभाग द्वारा भूमि खाली करने का नोटिस दिए जाने से हड़कंप मच गया है। ये परिवार करीब 20 वर्षों से खसरा नंबर 617 और 420 की भूमि पर निवास कर रहे हैं। नोटिस के विरोध में शुक्रवार को सभी ग्रामीण सरपंच के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट पहुंचे और अपर कलेक्टर साधना परस्ते को एक मांग पत्र सौंपा। उन्होंने भूमि को आबादी घोषित कर पट्टा दिए जाने की मांग की। पीढ़ियों से रह रहे, अब कैसे जाएं?- ग्रामीण ग्रामीण पुरुषोत्तम दास ने बताया कि "जिन 45 परिवारों को नोटिस मिला है, वे सभी गरीब तबके के हैं, जिनमें से अधिकांश दलित और आदिवासी समुदाय से हैं। हम यहां बीस साल से घर बनाकर रह रहे हैं। अब अचानक जमीन खाली करने का आदेश दिया गया है।" मिलन पिता मक्कू साहू ने कहा, "हमारे पास कोई और जमीन नहीं है। यहीं रहकर मेहनत-मजदूरी करते हैं। अगर यह भूमि खाली करनी पड़ी तो हमारा जीवन बर्बाद हो जाएगा।" ग्रामीणों का कहना है कि बाहरी लोगों की शिकायत पर यह कार्रवाई की गई है। प्रशासन ने जताई जांच की मंशा अपर कलेक्टर साधना परस्ते ने बताया कि उन्हें ग्रामीणों की ओर से मांग पत्र प्राप्त हुआ है और वे इस मामले की गंभीरता से जांच करेंगी। ग्रामीणों की आजीविका और सामाजिक पृष्ठभूमि को ध्यान में रखते हुए विधिक प्रावधानों के तहत उचित निर्णय लिया जाएगा।
सिगनपुरी ग्राम पंचायत के अंतर्गत आने वाले सिमरा गांव में करीब 45 दलित और आदिवासी परिवारों को राजस्व विभाग द्वारा भूमि खाली करने का नोटिस दिए जाने से हड़कंप मच गया है। ये परिवार करीब 20 वर्षों से खसरा नंबर 617 और 420 की भूमि पर निवास कर रहे हैं। नोटिस के विरोध में शुक्रवार को सभी ग्रामीण सरपंच के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट पहुंचे और अपर कलेक्टर साधना परस्ते को एक मांग पत्र सौंपा। उन्होंने भूमि को आबादी घोषित कर पट्टा दिए जाने की मांग की। पीढ़ियों से रह रहे, अब कैसे जाएं?- ग्रामीण ग्रामीण पुरुषोत्तम दास ने बताया कि "जिन 45 परिवारों को नोटिस मिला है, वे सभी गरीब तबके के हैं, जिनमें से अधिकांश दलित और आदिवासी समुदाय से हैं। हम यहां बीस साल से घर बनाकर रह रहे हैं। अब अचानक जमीन खाली करने का आदेश दिया गया है।" मिलन पिता मक्कू साहू ने कहा, "हमारे पास कोई और जमीन नहीं है। यहीं रहकर मेहनत-मजदूरी करते हैं। अगर यह भूमि खाली करनी पड़ी तो हमारा जीवन बर्बाद हो जाएगा।" ग्रामीणों का कहना है कि बाहरी लोगों की शिकायत पर यह कार्रवाई की गई है। प्रशासन ने जताई जांच की मंशा अपर कलेक्टर साधना परस्ते ने बताया कि उन्हें ग्रामीणों की ओर से मांग पत्र प्राप्त हुआ है और वे इस मामले की गंभीरता से जांच करेंगी। ग्रामीणों की आजीविका और सामाजिक पृष्ठभूमि को ध्यान में रखते हुए विधिक प्रावधानों के तहत उचित निर्णय लिया जाएगा।