ग्वालियर में पिता ने ही कराया हिस्ट्रीशीटर बेटे का मर्डर:नशे-जुएं की लत से परेशान था परिवार, 50 हजार रुपए में दो शूटर्स को दी थी सुपारी

ग्वालियर में तीन दिन पहले अकबरपुर की पहाड़ियों पर हुई हत्या का खुलासा हो गया है। मृतक इरफान खान की हत्या उसके ही पिता हसन उर्फ हासिन खान ने कराई थी। पिता ने ही भाड़े पर शूटर बुलाकर बेटे की हत्या की साजिश रची थी। हिस्ट्रीशीटर बेटे को जुआ और स्मैक-गांजे के नशे की लत थी। इसके चलते वो परिवार के लोगों को भी आए दिन परेशान करता रहता था। इस मामले में 20 से ज्यादा संदेहियों से पूछताछ करने के बाद पुलिस को कुछ क्लू मिले थे। एक क्लू को दूसरे से जोड़कर पुलिस मृतक के पिता तक पहुंची। पुलिस ने जब उसको हिरासत में लेकर पूछताछ की तो पूरे मामले का खुलासा हो गया। पिता का कहना है कि बेटे ने जुए और नशे की लत में सब बर्बाद कर दिया था। यह है पूरा मामला शहर के पुरानी छावनी थाना निवासी इरफान (28) पुत्र हसन खान की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इरफान का शव बदनापुरा-अकबरपुर की पहाड़ी पर मिला था। वह सोमवार रात को बदनापुरा के पास ही एक शादी के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए निकला था। इस कार्यक्रम में उसके परिवार के सदस्य भी थे। इरफान को रात 12 बजे तक शादी में देखा गया। इसके बाद उसका कुछ पता नहीं चल रहा था। मंगलवार सुबह से परिजन उसकी तलाश कर रहे थे। सुबह करीब 11 से 12 बजे के बीच कुछ लोगों ने इरफान के पिता हसन खान को सूचना दी थी कि उनका बेटा लहूलुहान हालत में पहाड़ियों पर पड़ा हुआ है। परिजन पहुंचे तो वहां इरफान मृत अवस्था में पड़ा हुआ था। उसके सिर और सीने में गोली लगने से छेद था और खून निकलने के बाद जम गया था। पुलिस ने शव का पोस्टमॉर्टम कराने के बाद हत्या का मामला दर्ज कर लिया था। चार पाइंट में समझिए कैसे हुआ खुलासा 50 हजार रुपए में दी थी सुपारी मृतक के पिता ने पुलिस को बताया कि उन्होंने इरफान की हत्या के लिए दो लोगों को 50 हजार रुपए में सुपारी दी थी। घटना स्थल तक वह खुद इरफान को लेकर पहुंचे थे। आरोपी पिता ने शूटर्स के नाम भी पुलिस को बता दिए हैं। शूटर्स के नाम अर्जुन उर्फ शराफत खान (39) पुत्र बाबू खान, निवासी अकबरपुर पहाड़िया मस्जिद के पास, थाना पुरानी छावनी और उसका दोस्त भीम सिंह परिहार (30) पुत्र मुंशी सिंह परिहार, निवासी हेम सिंह की परेड, मां का बाजार थाना, माधवगंज हैं। पुलिस दोनों की तलाश में जुटी है। हिस्ट्रीशीटर था इरफान, हो गया था हत्या का अंदेशा पुलिस जांच में पता चला था कि मृतक इरफान खान की पृष्ठभूमि भी आपराधिक थी। उस पर पुरानी छावनी थाना के अलावा शहर के अन्य थानों में लूट और मारपीट सहित कई मुकदमे दर्ज थे। इरफान को अपनी हत्या का अंदेशा भी था। लेकिन वो नहीं जानता था कि उसके पिता ही उसे मरवाना चाहते हैं। शूटर्स उसे कुछ दुश्मनों को फंसाने के लिए हाथ में गोली मारने की बात कहकर साथ ले गए थे। युवक की हत्या में उसके पिता की भूमिका संदिग्ध मिली थी। जिसके बाद उसके पिता को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो मामले का खुलासा हो गया है। बेटे की नशे और जुए की लत से परेशान होकर पिता ने बेटे की हत्या करवाई थी। - धर्मवीर सिंह,एसपी ग्वालियर

ग्वालियर में पिता ने ही कराया हिस्ट्रीशीटर बेटे का मर्डर:नशे-जुएं की लत से परेशान था परिवार, 50 हजार रुपए में दो शूटर्स को दी थी सुपारी
ग्वालियर में तीन दिन पहले अकबरपुर की पहाड़ियों पर हुई हत्या का खुलासा हो गया है। मृतक इरफान खान की हत्या उसके ही पिता हसन उर्फ हासिन खान ने कराई थी। पिता ने ही भाड़े पर शूटर बुलाकर बेटे की हत्या की साजिश रची थी। हिस्ट्रीशीटर बेटे को जुआ और स्मैक-गांजे के नशे की लत थी। इसके चलते वो परिवार के लोगों को भी आए दिन परेशान करता रहता था। इस मामले में 20 से ज्यादा संदेहियों से पूछताछ करने के बाद पुलिस को कुछ क्लू मिले थे। एक क्लू को दूसरे से जोड़कर पुलिस मृतक के पिता तक पहुंची। पुलिस ने जब उसको हिरासत में लेकर पूछताछ की तो पूरे मामले का खुलासा हो गया। पिता का कहना है कि बेटे ने जुए और नशे की लत में सब बर्बाद कर दिया था। यह है पूरा मामला शहर के पुरानी छावनी थाना निवासी इरफान (28) पुत्र हसन खान की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इरफान का शव बदनापुरा-अकबरपुर की पहाड़ी पर मिला था। वह सोमवार रात को बदनापुरा के पास ही एक शादी के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए निकला था। इस कार्यक्रम में उसके परिवार के सदस्य भी थे। इरफान को रात 12 बजे तक शादी में देखा गया। इसके बाद उसका कुछ पता नहीं चल रहा था। मंगलवार सुबह से परिजन उसकी तलाश कर रहे थे। सुबह करीब 11 से 12 बजे के बीच कुछ लोगों ने इरफान के पिता हसन खान को सूचना दी थी कि उनका बेटा लहूलुहान हालत में पहाड़ियों पर पड़ा हुआ है। परिजन पहुंचे तो वहां इरफान मृत अवस्था में पड़ा हुआ था। उसके सिर और सीने में गोली लगने से छेद था और खून निकलने के बाद जम गया था। पुलिस ने शव का पोस्टमॉर्टम कराने के बाद हत्या का मामला दर्ज कर लिया था। चार पाइंट में समझिए कैसे हुआ खुलासा 50 हजार रुपए में दी थी सुपारी मृतक के पिता ने पुलिस को बताया कि उन्होंने इरफान की हत्या के लिए दो लोगों को 50 हजार रुपए में सुपारी दी थी। घटना स्थल तक वह खुद इरफान को लेकर पहुंचे थे। आरोपी पिता ने शूटर्स के नाम भी पुलिस को बता दिए हैं। शूटर्स के नाम अर्जुन उर्फ शराफत खान (39) पुत्र बाबू खान, निवासी अकबरपुर पहाड़िया मस्जिद के पास, थाना पुरानी छावनी और उसका दोस्त भीम सिंह परिहार (30) पुत्र मुंशी सिंह परिहार, निवासी हेम सिंह की परेड, मां का बाजार थाना, माधवगंज हैं। पुलिस दोनों की तलाश में जुटी है। हिस्ट्रीशीटर था इरफान, हो गया था हत्या का अंदेशा पुलिस जांच में पता चला था कि मृतक इरफान खान की पृष्ठभूमि भी आपराधिक थी। उस पर पुरानी छावनी थाना के अलावा शहर के अन्य थानों में लूट और मारपीट सहित कई मुकदमे दर्ज थे। इरफान को अपनी हत्या का अंदेशा भी था। लेकिन वो नहीं जानता था कि उसके पिता ही उसे मरवाना चाहते हैं। शूटर्स उसे कुछ दुश्मनों को फंसाने के लिए हाथ में गोली मारने की बात कहकर साथ ले गए थे। युवक की हत्या में उसके पिता की भूमिका संदिग्ध मिली थी। जिसके बाद उसके पिता को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो मामले का खुलासा हो गया है। बेटे की नशे और जुए की लत से परेशान होकर पिता ने बेटे की हत्या करवाई थी। - धर्मवीर सिंह,एसपी ग्वालियर