छत्तीसगढ़ दस्तावेज लेखक जनकल्याण संघ ने अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की

रायपुर। छत्तीसगढ़ प्रदेश दस्तावेज लेखक जनकल्याण संघ ने राज्य शासन के एक नए अप सुगम ऐप को लेकर गहरी नाराजगी जताते हुए मोर्चा खोल दिया है दस्तावेज संघ के सदस्यों ने 21 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है इस बारे में जानकारी देते हुए दस्तावेज लेखक जन कल्याण संघ के प्रदेश अध्यक्ष मनीष गुप्ता एवं महासचिव विनोद शर्मा ने बताया कि पंजीयन कार्यालय में काफी वर्षों से दस्तावेज लेखन कार्य करते रहे हैं पिछले दिनों संगठन ने मांग को लेकर ज्ञापन समय-समय पर सोप लेकिन शासन की ओर से कोई विचार नहीं किया गया अलबत्ता दस्तावेज लेखक संघ और स्टांप विक्रेता ने 18 19 और 20 सितंबर को तीन दिवसीय हड़ताल पर जाने का निश्चय किया था इस संबंध में ज्ञापन सोपा गया किंतु महा निरीक्षक नए संघ के कार्यकर्ताओं को और पदाधिकारी को बातचीत के लिए आमंत्रित किया चर्चा स्वस्थ वातावरण में हुई और संगठन के पदाधिकारी को आश्वासन दिया गया कि एक माह भीतर समस्या का निराकरण कर लिया जाएगा परंतु आज एक माह का समय बीत गया है और शासन की ओर से कोई कदम नहीं उठाए गए इस बीच शासन की कई नई योजनाओं को पूरी गंभीरता और सघनता के साथ पालन करते हुए कार्य किया गया। इसमें आईटी सॉल्यूशन योजनाएं शामिल थी इसके बावजूद सरकार ने ध्यान नहीं दिया पिछले दिनों शासन ने एक नई योजना सुगम ऐप को लागू किया है। इससे आम व्यक्ति घर बैठे रजिस्ट्री कर सकेगा व्यवस्था दी गई है ऐसे में दस्तावेज़ लेखक संघ और स्टांप विक्रेता के सामने रोजगार की चुनौती खड़ी हो गई है इस योजना का विरोध करते हुए अब दस्तावेज लेखक संगठन ने योजना के क्रियान्वयन को लेकर आपत्ति जताई है और 21 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है।

छत्तीसगढ़ दस्तावेज लेखक जनकल्याण संघ ने अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की
रायपुर। छत्तीसगढ़ प्रदेश दस्तावेज लेखक जनकल्याण संघ ने राज्य शासन के एक नए अप सुगम ऐप को लेकर गहरी नाराजगी जताते हुए मोर्चा खोल दिया है दस्तावेज संघ के सदस्यों ने 21 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है इस बारे में जानकारी देते हुए दस्तावेज लेखक जन कल्याण संघ के प्रदेश अध्यक्ष मनीष गुप्ता एवं महासचिव विनोद शर्मा ने बताया कि पंजीयन कार्यालय में काफी वर्षों से दस्तावेज लेखन कार्य करते रहे हैं पिछले दिनों संगठन ने मांग को लेकर ज्ञापन समय-समय पर सोप लेकिन शासन की ओर से कोई विचार नहीं किया गया अलबत्ता दस्तावेज लेखक संघ और स्टांप विक्रेता ने 18 19 और 20 सितंबर को तीन दिवसीय हड़ताल पर जाने का निश्चय किया था इस संबंध में ज्ञापन सोपा गया किंतु महा निरीक्षक नए संघ के कार्यकर्ताओं को और पदाधिकारी को बातचीत के लिए आमंत्रित किया चर्चा स्वस्थ वातावरण में हुई और संगठन के पदाधिकारी को आश्वासन दिया गया कि एक माह भीतर समस्या का निराकरण कर लिया जाएगा परंतु आज एक माह का समय बीत गया है और शासन की ओर से कोई कदम नहीं उठाए गए इस बीच शासन की कई नई योजनाओं को पूरी गंभीरता और सघनता के साथ पालन करते हुए कार्य किया गया। इसमें आईटी सॉल्यूशन योजनाएं शामिल थी इसके बावजूद सरकार ने ध्यान नहीं दिया पिछले दिनों शासन ने एक नई योजना सुगम ऐप को लागू किया है। इससे आम व्यक्ति घर बैठे रजिस्ट्री कर सकेगा व्यवस्था दी गई है ऐसे में दस्तावेज़ लेखक संघ और स्टांप विक्रेता के सामने रोजगार की चुनौती खड़ी हो गई है इस योजना का विरोध करते हुए अब दस्तावेज लेखक संगठन ने योजना के क्रियान्वयन को लेकर आपत्ति जताई है और 21 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है।