जन कल्याणकारी, दूरदर्शी, आत्मनिर्भर भारत की ओर बढ़ते कदम को परिभाषित करने वाला बजट-टंकराम
जन कल्याणकारी, दूरदर्शी, आत्मनिर्भर भारत की ओर बढ़ते कदम को परिभाषित करने वाला बजट-टंकराम
छत्तीसगढ़ संवाददाता
बलौदाबाजार, 17 फरवरी। भाजपा जिला कार्यालय बलौदाबाजार में केंद्रीय बजट 2026 के संबंध में प्रेस वार्ता की गई। प्रेस वार्ता में कैबिनेट मंत्री टंकराम वर्मा, प्रदेश अध्यक्ष अजा मोर्चा डॉ. सनम जांगड़े, प्रदेश प्रवक्ता प्रमोद शर्मा, जिलाध्यक्ष आनंद यादव, जिला महामंत्री कृष्णा अवस्थी नपा अध्यक्ष अशोक जैन, भाजपा नेता विजय केशरवानी सहित जिला पदाधिकारी, मंडल पदाधिकारी, उपस्थित थे।
मंत्री श्री वर्मा ने कहा -एनडीए सरकार के द्वारा प्रस्तुत बजट जन कल्याणकारी, दूरदर्शी, आत्मनिर्भर भारत की ओर बढ़ते कदम को परिभाषित करने वाला बजट है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल का तीसरा प्रस्तुत बजट आत्म निर्भर एवं विकसित भारत के विजन को साकार करने वाला आर्थिक विकास को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का एक महत्वपूर्ण दस्तावेज साबित होने वाला है। यह बजट मध्यम वर्ग को कर राहत, किसानों को समृद्ध बनाने वाला होगा।
आर्थिक सर्वेक्षण की सिफारिशों पर आधारित यह बजट महंगाई पर काबू पाते हुए रोजगार और निवेश को प्रोत्साहित करेगा। यह बजट न केवल आर्थिक स्थिरता सुनिश्चित करेगा, बल्कि सभी वर्गों को समान अवसर प्रदान करके एक समावेशी भारत का निर्माण करेगा। सरकार की यह पहल देशवासियों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने में मील का पत्थर साबित होगी।
आगे बताया कि बजट में हर वर्ग की चिंता की गई है। किसान, गरीब, युवा हर कोई इस बजट से बेहद खुश है। 12 लाख रुपए तक की आय पर कोई कर नहीं लगेगा। यह निर्णय मध्यम वर्ग के लिए बड़ी राहत की बात है। विकसित भारत की मजबूत नींव रखने वाले ऐतिहासिक केंद्रीय बजट 2026-27 ने देश की प्रगति को एक नई दिशा दी है। यह बजट इसलिए भी विशेष है क्योंकि यह कर्तव्य भवन में तैयार किया गया पहला बजट है। यह बजट केवल आंकड़ों का लेखा-जोखा नहीं, बल्कि एक आत्मनिर्भर और सशक्त भारतप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण जी को बधाई। इस बजट से हर वर्ग विशेषकर युवा, किसान, महिलाएं और मध्यम वर्ग को लाभ मिलेगा।
पिछले साल, शिक्षा बजट के तहत 1,28,650.05 करोड़ रुपये अलॉट हुए थे, जो 6.65 फीसदी की बढ़ोतरी थी। हायर एजुकेशन पर खर्च 2025-26 में 7.74 फीसदी बढक़र 50,077.95 करोड़ रुपये हो गया, जबकि स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग को 78,572 करोड़ रुपये आवंटित किए गए, जो संशोधित अनुमानों से लगभग 11,000 करोड़ रुपये अधिक थे। इस बढ़ोतरी का एक बड़ा हिस्सा शिक्षा को मिला, जिसमें आवंटन बढक़र 41,250 करोड़ रुपये हो गया। पीएम श्री स्कूलों को भी लगातार फंडिंग मिलती रही, जिनका मकसद एनईपी के अनुसार मॉडल सरकारी स्कूल विकसित करना है।
इस अवसर पर आलोक अग्रवाल, राकेश ध्रुव, रितेश श्रीवास्तव, हितेश रात्रे, मदन वर्मा, सरिता मार्के, वेदांत रजक, योगेश अग्रवाल सहित भाजपा पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
शिक्षा और रोजगार के लिए बड़ी घोषणाएं
प्रेस वार्ता में कैबिनेट मंत्री टंकराम वर्मा ने आगे बताया कि आम बजट अगले 5 सालों में 10,000 करोड़ रुपये के खर्च से बायो फार्मा शक्ति की स्थापना करके भारत को एक ग्लोबल बायो-फार्मा मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में विकसित किया जाएगा। तीन नए संस्थान खुलेंगे। इससे फार्मा क्षेत्र में करियर के मौके बढ़ेंगे। बिहार में नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ फूड टेक्नोलॉजी, एंटरप्रेन्योरशिप एंड मैनेजमेंट स्थापित किया जाएगा। बजट 2026 एआई एप्लीकेशन और युवा शक्ति-संचालित बजट पर फोकस करेगा। देश के सरकारी स्कूलों में 50 हजार अटल टिंकरिंग लैब्स स्थापित किए जाएंगे।
नए बजट 2026 के अनुसार, 3 नए नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मास्युटिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (एनआईपीईआर) स्थापित किए जाएंगे, और 7 मौजूदा एनआईपीईआर को अपग्रेड किया जाएगा। 2014 के बाद शुरू होने वाले 5 नए आईआईटी में 6500 सीटें बढ़ाई जाएंगी। इसी अनुसार इन आईआईटी में हॉस्टल की सुविधा और इन्फ्रास्ट्रक्चर को भी बनाया जाएगा। नेशनल इन्वेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर फंड (एनआईआईएफ) और नेशनल एग्रीकल्चरल कोऑपरेटिव मार्केटिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (हृ्रस्नस्नश्वष्ठ) टियर 2-3 शहरों में इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलप करने पर ध्यान देंगे।
सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस फॉर एजुकेशन की स्थापना की जाएगी। इसके लिए 500 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। सरकार ने आयुर्वेद पर फोकस किया है। 5 नए आयुर्वेद संस्थान बनाए जाएंगे। अगले एक साल के अंदर देश में मेडिकल की 10 हजार सीटें बढ़ाई जाएंगी। अगले 5 साल में 75000 मेडिकल सीट बढ़ाई जाएंगी। इनमें एमबीबीएस सीट (यूजी मेडिकल सीट) के अलावा पीजी मेडिकल सीटें भी शामिल होंगी।देश के हर जिले में एक गर्ल्स हॉस्टल बनाया जाएगा। मेक फॉर इंडिया के तहत युवाओं को स्किल ट्रेनिंग देने के लिए ग्लोबल एक्सपर्ट्स की साझेदारी से 5 नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर स्किलिंग की स्थापना होगी।5 निजी विश्वविद्यालय खोलने में मदद की जाएगी। भारतनेट परियोजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों के सभी गवर्नमेंट सेकंडरी स्कूों में ब्रॉडबैंड यानी इंटरनेट कनेक्टिविटी उपलब्ध कराई जाएगी। आयुष फार्मेसी को अपग्रेड किया जाएगा। वेटरनरी प्रोफेशनल्स की संख्या 20 हजार तक बढ़ाने के लिए वेटनरी और पैरा वेटरनरी कॉलेज स्थापित किए जाएंगे। सरकार इसके लिए आर्थिक तौर पर मदद करेगी। स्कूल और हायर एजुकेशन में भारतीय भाषाओं की डिजिटल किताबें उपलब्ध कराने के उद्देश्य से भारतीय भाषा पुस्तक परियोजना शुरू की जाएगी। पूरे भारत के 15,000 सेकेंडरी स्कूलों और 500 कॉलेजों में कंटेंट क्रिएटर लैब शुरू करने की घोषणा की गई। इससे भारत के एनिमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक (एबीजीसी) सेक्टर को बढ़ावा मिलेगा।
छत्तीसगढ़ संवाददाता
बलौदाबाजार, 17 फरवरी। भाजपा जिला कार्यालय बलौदाबाजार में केंद्रीय बजट 2026 के संबंध में प्रेस वार्ता की गई। प्रेस वार्ता में कैबिनेट मंत्री टंकराम वर्मा, प्रदेश अध्यक्ष अजा मोर्चा डॉ. सनम जांगड़े, प्रदेश प्रवक्ता प्रमोद शर्मा, जिलाध्यक्ष आनंद यादव, जिला महामंत्री कृष्णा अवस्थी नपा अध्यक्ष अशोक जैन, भाजपा नेता विजय केशरवानी सहित जिला पदाधिकारी, मंडल पदाधिकारी, उपस्थित थे।
मंत्री श्री वर्मा ने कहा -एनडीए सरकार के द्वारा प्रस्तुत बजट जन कल्याणकारी, दूरदर्शी, आत्मनिर्भर भारत की ओर बढ़ते कदम को परिभाषित करने वाला बजट है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल का तीसरा प्रस्तुत बजट आत्म निर्भर एवं विकसित भारत के विजन को साकार करने वाला आर्थिक विकास को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का एक महत्वपूर्ण दस्तावेज साबित होने वाला है। यह बजट मध्यम वर्ग को कर राहत, किसानों को समृद्ध बनाने वाला होगा।
आर्थिक सर्वेक्षण की सिफारिशों पर आधारित यह बजट महंगाई पर काबू पाते हुए रोजगार और निवेश को प्रोत्साहित करेगा। यह बजट न केवल आर्थिक स्थिरता सुनिश्चित करेगा, बल्कि सभी वर्गों को समान अवसर प्रदान करके एक समावेशी भारत का निर्माण करेगा। सरकार की यह पहल देशवासियों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने में मील का पत्थर साबित होगी।
आगे बताया कि बजट में हर वर्ग की चिंता की गई है। किसान, गरीब, युवा हर कोई इस बजट से बेहद खुश है। 12 लाख रुपए तक की आय पर कोई कर नहीं लगेगा। यह निर्णय मध्यम वर्ग के लिए बड़ी राहत की बात है। विकसित भारत की मजबूत नींव रखने वाले ऐतिहासिक केंद्रीय बजट 2026-27 ने देश की प्रगति को एक नई दिशा दी है। यह बजट इसलिए भी विशेष है क्योंकि यह कर्तव्य भवन में तैयार किया गया पहला बजट है। यह बजट केवल आंकड़ों का लेखा-जोखा नहीं, बल्कि एक आत्मनिर्भर और सशक्त भारतप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण जी को बधाई। इस बजट से हर वर्ग विशेषकर युवा, किसान, महिलाएं और मध्यम वर्ग को लाभ मिलेगा।
पिछले साल, शिक्षा बजट के तहत 1,28,650.05 करोड़ रुपये अलॉट हुए थे, जो 6.65 फीसदी की बढ़ोतरी थी। हायर एजुकेशन पर खर्च 2025-26 में 7.74 फीसदी बढक़र 50,077.95 करोड़ रुपये हो गया, जबकि स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग को 78,572 करोड़ रुपये आवंटित किए गए, जो संशोधित अनुमानों से लगभग 11,000 करोड़ रुपये अधिक थे। इस बढ़ोतरी का एक बड़ा हिस्सा शिक्षा को मिला, जिसमें आवंटन बढक़र 41,250 करोड़ रुपये हो गया। पीएम श्री स्कूलों को भी लगातार फंडिंग मिलती रही, जिनका मकसद एनईपी के अनुसार मॉडल सरकारी स्कूल विकसित करना है।
इस अवसर पर आलोक अग्रवाल, राकेश ध्रुव, रितेश श्रीवास्तव, हितेश रात्रे, मदन वर्मा, सरिता मार्के, वेदांत रजक, योगेश अग्रवाल सहित भाजपा पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
शिक्षा और रोजगार के लिए बड़ी घोषणाएं
प्रेस वार्ता में कैबिनेट मंत्री टंकराम वर्मा ने आगे बताया कि आम बजट अगले 5 सालों में 10,000 करोड़ रुपये के खर्च से बायो फार्मा शक्ति की स्थापना करके भारत को एक ग्लोबल बायो-फार्मा मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में विकसित किया जाएगा। तीन नए संस्थान खुलेंगे। इससे फार्मा क्षेत्र में करियर के मौके बढ़ेंगे। बिहार में नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ फूड टेक्नोलॉजी, एंटरप्रेन्योरशिप एंड मैनेजमेंट स्थापित किया जाएगा। बजट 2026 एआई एप्लीकेशन और युवा शक्ति-संचालित बजट पर फोकस करेगा। देश के सरकारी स्कूलों में 50 हजार अटल टिंकरिंग लैब्स स्थापित किए जाएंगे।
नए बजट 2026 के अनुसार, 3 नए नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मास्युटिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (एनआईपीईआर) स्थापित किए जाएंगे, और 7 मौजूदा एनआईपीईआर को अपग्रेड किया जाएगा। 2014 के बाद शुरू होने वाले 5 नए आईआईटी में 6500 सीटें बढ़ाई जाएंगी। इसी अनुसार इन आईआईटी में हॉस्टल की सुविधा और इन्फ्रास्ट्रक्चर को भी बनाया जाएगा। नेशनल इन्वेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर फंड (एनआईआईएफ) और नेशनल एग्रीकल्चरल कोऑपरेटिव मार्केटिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (हृ्रस्नस्नश्वष्ठ) टियर 2-3 शहरों में इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलप करने पर ध्यान देंगे।
सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस फॉर एजुकेशन की स्थापना की जाएगी। इसके लिए 500 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। सरकार ने आयुर्वेद पर फोकस किया है। 5 नए आयुर्वेद संस्थान बनाए जाएंगे। अगले एक साल के अंदर देश में मेडिकल की 10 हजार सीटें बढ़ाई जाएंगी। अगले 5 साल में 75000 मेडिकल सीट बढ़ाई जाएंगी। इनमें एमबीबीएस सीट (यूजी मेडिकल सीट) के अलावा पीजी मेडिकल सीटें भी शामिल होंगी।देश के हर जिले में एक गर्ल्स हॉस्टल बनाया जाएगा। मेक फॉर इंडिया के तहत युवाओं को स्किल ट्रेनिंग देने के लिए ग्लोबल एक्सपर्ट्स की साझेदारी से 5 नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर स्किलिंग की स्थापना होगी।5 निजी विश्वविद्यालय खोलने में मदद की जाएगी। भारतनेट परियोजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों के सभी गवर्नमेंट सेकंडरी स्कूों में ब्रॉडबैंड यानी इंटरनेट कनेक्टिविटी उपलब्ध कराई जाएगी। आयुष फार्मेसी को अपग्रेड किया जाएगा। वेटरनरी प्रोफेशनल्स की संख्या 20 हजार तक बढ़ाने के लिए वेटनरी और पैरा वेटरनरी कॉलेज स्थापित किए जाएंगे। सरकार इसके लिए आर्थिक तौर पर मदद करेगी। स्कूल और हायर एजुकेशन में भारतीय भाषाओं की डिजिटल किताबें उपलब्ध कराने के उद्देश्य से भारतीय भाषा पुस्तक परियोजना शुरू की जाएगी। पूरे भारत के 15,000 सेकेंडरी स्कूलों और 500 कॉलेजों में कंटेंट क्रिएटर लैब शुरू करने की घोषणा की गई। इससे भारत के एनिमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक (एबीजीसी) सेक्टर को बढ़ावा मिलेगा।