ट्विटर पर ट्रेंड कर रहे हैं चंडीगढ़ मेयर इलेक्शन के रिटर्निंग ऑफिसर, क्या कह रहे हैं लोग

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को चंडीगढ़ मेयर चुनाव में हुई कथित धांधली पर सुनवाई की. इस दौरान कोर्ट ने मेयर चुनाव में रिटर्निंग ऑफिसर अनिल मसीह से कड़े सवाल भी पूछे, जिसके बाद से वे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पहले ट्विटर) पर ट्रेंड कर रहें हैं. 30 जनवरी को चंडीगढ़ मेयर के चुनाव हुए थे. अनिल मसीह पर आरोप है कि उन्होंने कथित तौर पर बैलेट पेपर को नुकसान पहुंचाया, जिसके चलते आम आदमी पार्टी का उम्मीदवार हार गया. सचिन गुप्ता नाम के एक यूजर ने लिखा, सुप्रीम कोर्ट में अनिल मसीह ने माना है कि उन्होंने बैलेट पेपर पर साइन की जगह मार्क किए थे. सीजेआई ने चंडीगढ़ मेयर इलेक्शन के सभी बैलेट पेपर, काउंटिंग की वीडियोग्राफी तलब की है. गौरव कुमार नाम के यूजर ने लिखा कि सुप्रीम कोर्ट के पास लोकतंत्र बचाने के लिए एक अनोखा प्रयोग करने का समय है. उन्होंने लिखा कि अगर रिटर्निंग ऑफिसर आठ वोट खराब कर सकता है, तो सुप्रीम कोर्ट उन आठ वोट को वैध भी करार दे सकता है और ऐसा कर लोकतंत्र को कमजोर करने वालों के मुंह पर तमाचा मार सकता है. कुछ यूजर्स ने अनिल मसीह का साथ देने वाले पत्रकारों पर भी कार्रवाई करने की मांग की है. निगार प्रवीण ने लिखा, अनिल मसीह तो एक छोटा प्यादा है ऐसे ना जाने कितने धांधली करने वाले पकड़े जाएंगे. अगर देश की अदालतें और मिलॉर्ड न्याय करने पर आ जाएं तो फर्जी चाणक्यों को भी बोरिया बिस्तर बांधकर भागना पड़ जाएगा.(bbc.com/hindi)

ट्विटर पर ट्रेंड कर रहे हैं चंडीगढ़ मेयर इलेक्शन के रिटर्निंग ऑफिसर, क्या कह रहे हैं लोग
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को चंडीगढ़ मेयर चुनाव में हुई कथित धांधली पर सुनवाई की. इस दौरान कोर्ट ने मेयर चुनाव में रिटर्निंग ऑफिसर अनिल मसीह से कड़े सवाल भी पूछे, जिसके बाद से वे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पहले ट्विटर) पर ट्रेंड कर रहें हैं. 30 जनवरी को चंडीगढ़ मेयर के चुनाव हुए थे. अनिल मसीह पर आरोप है कि उन्होंने कथित तौर पर बैलेट पेपर को नुकसान पहुंचाया, जिसके चलते आम आदमी पार्टी का उम्मीदवार हार गया. सचिन गुप्ता नाम के एक यूजर ने लिखा, सुप्रीम कोर्ट में अनिल मसीह ने माना है कि उन्होंने बैलेट पेपर पर साइन की जगह मार्क किए थे. सीजेआई ने चंडीगढ़ मेयर इलेक्शन के सभी बैलेट पेपर, काउंटिंग की वीडियोग्राफी तलब की है. गौरव कुमार नाम के यूजर ने लिखा कि सुप्रीम कोर्ट के पास लोकतंत्र बचाने के लिए एक अनोखा प्रयोग करने का समय है. उन्होंने लिखा कि अगर रिटर्निंग ऑफिसर आठ वोट खराब कर सकता है, तो सुप्रीम कोर्ट उन आठ वोट को वैध भी करार दे सकता है और ऐसा कर लोकतंत्र को कमजोर करने वालों के मुंह पर तमाचा मार सकता है. कुछ यूजर्स ने अनिल मसीह का साथ देने वाले पत्रकारों पर भी कार्रवाई करने की मांग की है. निगार प्रवीण ने लिखा, अनिल मसीह तो एक छोटा प्यादा है ऐसे ना जाने कितने धांधली करने वाले पकड़े जाएंगे. अगर देश की अदालतें और मिलॉर्ड न्याय करने पर आ जाएं तो फर्जी चाणक्यों को भी बोरिया बिस्तर बांधकर भागना पड़ जाएगा.(bbc.com/hindi)