नीमच में मुआवजे की मांग को लेकर हाईवे जाम:ओलावृष्टि से अफीम सहित रबी की फसलें बर्बाद, किसान सड़क पर बैठे
नीमच में मुआवजे की मांग को लेकर हाईवे जाम:ओलावृष्टि से अफीम सहित रबी की फसलें बर्बाद, किसान सड़क पर बैठे
मध्य प्रदेश के नीमच जिले में ओलावृष्टि और बारिश से फसलें बर्बाद होने के बाद किसानों ने महू-नसीराबाद हाईवे पर चक्काजाम कर दिया। किसान बिना सर्वे तत्काल मुआवजे और बीमा राशि की मांग कर रहे हैं। यह घटना कल हुई भीषण ओलावृष्टि के बाद सामने आई है। जिले में हुई भीषण ओलावृष्टि से अफीम, चना, गेहूं, चिया, जो, लहसुन, प्याज, सरसों, मेथी, अलसी, मसूर और किनवा जैसी फसलें पूरी तरह तबाह हो गई हैं। किसानों के अनुसार, खेतों में अब कुछ भी शेष नहीं बचा है और फसलें शत-प्रतिशत बर्बाद हो चुकी हैं। भंवरासा, कचोली, खेताखेड़ा, केलुखेड़ा, बामनिया, पालसोड़ा, पिपलियाव्यास, मेलकी मेवाड़, विशन्या और दिपुखेड़ी सहित क्षेत्र के करीब 10 गांवों के किसान इस प्राकृतिक आपदा से प्रभावित हुए हैं। किसानों में भारी नुकसान को लेकर आक्रोश है। आक्रोशित किसानों ने महू-नसीराबाद हाईवे पर भंवरासा फंटे पर चक्काजाम कर दिया। करीब आधे घंटे तक हाईवे पर वाहनों की आवाजाही ठप रही। किसानों ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मांग की कि बिना किसी कागजी सर्वे के तुरंत उचित मुआवजा और बीमा राशि स्वीकृत की जाए। अफसर मौके पर पहुंचे स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नवल सिंह सिसोदिया, अपर कलेक्टर बीएस क्लेश, सीएसपी किरण चौहान, जीरन थाना प्रभारी उमेश यादव और नीमच सिटी थाना प्रभारी पुष्पा चौहान भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। प्रशासनिक अधिकारियों ने किसानों से बातचीत कर उन्हें समझाने का प्रयास किया और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद स्थिति को नियंत्रण में लाने के प्रयास जारी हैं।
मध्य प्रदेश के नीमच जिले में ओलावृष्टि और बारिश से फसलें बर्बाद होने के बाद किसानों ने महू-नसीराबाद हाईवे पर चक्काजाम कर दिया। किसान बिना सर्वे तत्काल मुआवजे और बीमा राशि की मांग कर रहे हैं। यह घटना कल हुई भीषण ओलावृष्टि के बाद सामने आई है। जिले में हुई भीषण ओलावृष्टि से अफीम, चना, गेहूं, चिया, जो, लहसुन, प्याज, सरसों, मेथी, अलसी, मसूर और किनवा जैसी फसलें पूरी तरह तबाह हो गई हैं। किसानों के अनुसार, खेतों में अब कुछ भी शेष नहीं बचा है और फसलें शत-प्रतिशत बर्बाद हो चुकी हैं। भंवरासा, कचोली, खेताखेड़ा, केलुखेड़ा, बामनिया, पालसोड़ा, पिपलियाव्यास, मेलकी मेवाड़, विशन्या और दिपुखेड़ी सहित क्षेत्र के करीब 10 गांवों के किसान इस प्राकृतिक आपदा से प्रभावित हुए हैं। किसानों में भारी नुकसान को लेकर आक्रोश है। आक्रोशित किसानों ने महू-नसीराबाद हाईवे पर भंवरासा फंटे पर चक्काजाम कर दिया। करीब आधे घंटे तक हाईवे पर वाहनों की आवाजाही ठप रही। किसानों ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मांग की कि बिना किसी कागजी सर्वे के तुरंत उचित मुआवजा और बीमा राशि स्वीकृत की जाए। अफसर मौके पर पहुंचे स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नवल सिंह सिसोदिया, अपर कलेक्टर बीएस क्लेश, सीएसपी किरण चौहान, जीरन थाना प्रभारी उमेश यादव और नीमच सिटी थाना प्रभारी पुष्पा चौहान भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। प्रशासनिक अधिकारियों ने किसानों से बातचीत कर उन्हें समझाने का प्रयास किया और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद स्थिति को नियंत्रण में लाने के प्रयास जारी हैं।