मोक्ष का द्वार है काशी इसलिए जीवन में एक बार काशी का दर्शन जरूरी: पंडित प्रदीप मिश्रा
मोक्ष का द्वार है काशी इसलिए जीवन में एक बार काशी का दर्शन जरूरी: पंडित प्रदीप मिश्रा
देवांगन समाज के प्रदेश अध्यक्ष डॉ ओमप्रकाश देवांगन और उनके टीम को श्री शिव महापुराण के भव्य एवं ऐतिहासिक सफल आयोजन के लिए गुरूजी ने मंच से दिया धन्यवाद
रायपुर। सेजबहार में आयोजित श्री शिव महापुराण कथा के अंतिम दिवस ढाई लाख से भी अधिक रही श्रद्धालूओं ने कथा का रसपान किया। सुबह 8 बजे अंतर्राष्ट्रीय कथाकार पंडित प्रदीप मिश्रा की कथा की शुरुआत। आचार्य ने भक्तों को कथा का रसपान कराते हुए भगवान भोलेनाथ की महिमा का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि काशी विश्वनाथ के दर्शन को भक्तों को क्यों जाना चाहिए उन्होंने बताया कि एक बार माता पार्वती ने भगवान शिव से हिमालय पर्वत की जगह कहीं और बसने का स्थान चुनने को कहा तो शिवजी को सारे संसार में राजा दिवोदास की वाराणसी नगरी बहुत पसंद आयी. तब राजा दिवोदास ने ब्रह्मा जी का तप किया और महादेव को वास करने नहीं दिया. ब्रह्मा जी के कहने पर शिव जी मंदराचल पर्वत को चले गए. लेकिन काशी नगरी के लिए अपना मोह नहीं त्याग सके. तब भगवान विष्णु ने राजा को तपोवन में जाने का आदेश दिया. उसके बाद वाराणसी महादेव का स्थायी वास हो गया. महाराज श्री ने आगे कहा कि काशी विश्वनाथ का प्राचीन नाम अविमुक्तेश्वर है और काशी हज़ारों साल से अविमुक्तेश्वर महादेव का घर है।
भगवान शंकर ने सब कुछ त्याग कर मृत्यु लोक स्वीकार किया
आचार्य ने बताया कि सभी देवी देवताओं का अपना अलग-अलग लोक है ब्रह्मा ब्रह्मलोक में रहते हैं विष्णु जी विष्णु लोक में रहते हैं इंद्र जी इंद्रलोक में रहते हैं पर भोलेनाथ जिस लोक में रहने के लिए अपना महल बनाए थे उसे रावण ने भगवान शंकर से मांग लिया था और भगवान शंकर ने हंसते हुए अपने घर को रावण को दान कर दिया था। इसलिए भगवान शंकर ने मृत्यु लोक को चुना की मृत्यु लोक में भक्तों के कष्ट, भक्तों के दुख, भक्तों के तकलीफ देखने और उसे दूर करने के लिए मृत्यु लोक में रहना स्वीकारा। इसलिए आज भगवान भोलेनाथ के ऊपर एक लोटा जल चढ़ाएं अक्षत चढ़ाए बिल्व पत्र चढ़ाए और यह चढ़ाकर भक्त जो भी श्रद्धा भाव से भगवान भोलेनाथ से मांगते हैं निश्चित ही भक्तों की झोली भगवान भर देते हैं।
वर्ष 2025 भक्तों के लिए सुखमय हो
आचार्य ने आयोजक परिवार के प्रमुख कमल देवांगन और देवांगन समाज के प्रदेश अध्यक्ष डॉ ओमप्रकाश देवांगन को शिव महापुराण के भव्य आयोजन के लिए बधाई देते हुए कहां की 2024 के अंतिम दिवस मे छत्तीसगढ़ वासियों को श्री शिव महापुराण कथा सुनने का सौभाग्य प्राप्त हुआ वर्ष 2025 भक्तों के जीवन के लिए सुखमय हो।
30 लाख भक्तों ने प्राप्त किया भंडारे में भोग प्रसादी
श्री शिव महापुराण कथा के दौरान आयोजक समिति के द्वारा कथा में आए हुए भक्तों के लिए भंडारे की व्यवस्था की गई थी, कथा के पहले से ही भंडारे की व्यवस्था शुरू हो गई थी और कथा के अंतिम दिवस तक भंडारे चलते रहे। हर दिन लाखों लोगों ने भोग प्रसादी को प्राप्त किया। शिव महापुराण कथा के दौरान लगभग 30 लाख भक्तों ने भंडारे में भोजन प्रसादी लिया है।
आयोजक कमल देवांगन और डॉ ओमप्रकाश देवांगन किया धन्यवाद ज्ञापित...
रायपुर स्थित सेजबहार की पावन धरा पर श्री शिव महापुराण की कथा के सफलतापूर्वक संपन्न होने पर आयोजकों ने आयोजन के लिए बनाए हुए 35 विभागों के प्रमुखों को धन्यवाद ज्ञापित किया इसके साथ ही सुरक्षा व्यवस्था के लिए लगे हुए पुलिस प्रशासन नगर निगम जिला प्रशासन बिजली विभाग के साथ है अन्य जितने भी विभाग तथा जितने भी भक्तों के द्वारा प्रत्यक्ष अप्रत्यक्ष रूप से कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग प्रदान किया गया उन सभी को धन्यवाद ज्ञापित किया गया और भगवान शिव की कृपा सभी के ऊपर बनी रहे ऐसी कामना की गई।
आयोजन के दौरान कथा सुनने के लिए प्रमुख रूप से मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की धर्मपत्नी, रायपुर दक्षिण के विधायक सुनील सोनी, देवांगन समाज की प्रदेश अध्यक्ष डॉक्टर ओमप्रकाश देवांगन समाज की युवा अध्यक्ष लक्ष्मी नारायण देवांगन आयोजक परिवार के प्रमुख कमल देवांगन, हेमंत देवांगन विनोद देवांगन भीखम लाल देवांगन के साथ प्रदीप साहू , दान सिंह देवांगन हेमलाल देवांगन भावेश देवांगन बिसेन देवांगन, नरेंद्र देवांगन ,परस देवांगन ,गजेंद्र देवांगन ,शरद देवांगन ,रेणु देवांगन ,टकेश देवांगन ,चंद्रकला देवांगन ,डोमेश देवांगन ,रूपेंद्र देवांगन ,अजय देवांगन,चंपा लाल देवांगन ,धनेश देवांगन , रामकुमार देवांगन, प्रीतम देवांगन के साथ भारी संख्या में आए हुए अतिथि और भक्तों की उपस्थिति रही।
देवांगन समाज के प्रदेश अध्यक्ष डॉ ओमप्रकाश देवांगन और उनके टीम को श्री शिव महापुराण के भव्य एवं ऐतिहासिक सफल आयोजन के लिए गुरूजी ने मंच से दिया धन्यवाद
रायपुर। सेजबहार में आयोजित श्री शिव महापुराण कथा के अंतिम दिवस ढाई लाख से भी अधिक रही श्रद्धालूओं ने कथा का रसपान किया। सुबह 8 बजे अंतर्राष्ट्रीय कथाकार पंडित प्रदीप मिश्रा की कथा की शुरुआत। आचार्य ने भक्तों को कथा का रसपान कराते हुए भगवान भोलेनाथ की महिमा का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि काशी विश्वनाथ के दर्शन को भक्तों को क्यों जाना चाहिए उन्होंने बताया कि एक बार माता पार्वती ने भगवान शिव से हिमालय पर्वत की जगह कहीं और बसने का स्थान चुनने को कहा तो शिवजी को सारे संसार में राजा दिवोदास की वाराणसी नगरी बहुत पसंद आयी. तब राजा दिवोदास ने ब्रह्मा जी का तप किया और महादेव को वास करने नहीं दिया. ब्रह्मा जी के कहने पर शिव जी मंदराचल पर्वत को चले गए. लेकिन काशी नगरी के लिए अपना मोह नहीं त्याग सके. तब भगवान विष्णु ने राजा को तपोवन में जाने का आदेश दिया. उसके बाद वाराणसी महादेव का स्थायी वास हो गया. महाराज श्री ने आगे कहा कि काशी विश्वनाथ का प्राचीन नाम अविमुक्तेश्वर है और काशी हज़ारों साल से अविमुक्तेश्वर महादेव का घर है।
भगवान शंकर ने सब कुछ त्याग कर मृत्यु लोक स्वीकार किया
आचार्य ने बताया कि सभी देवी देवताओं का अपना अलग-अलग लोक है ब्रह्मा ब्रह्मलोक में रहते हैं विष्णु जी विष्णु लोक में रहते हैं इंद्र जी इंद्रलोक में रहते हैं पर भोलेनाथ जिस लोक में रहने के लिए अपना महल बनाए थे उसे रावण ने भगवान शंकर से मांग लिया था और भगवान शंकर ने हंसते हुए अपने घर को रावण को दान कर दिया था। इसलिए भगवान शंकर ने मृत्यु लोक को चुना की मृत्यु लोक में भक्तों के कष्ट, भक्तों के दुख, भक्तों के तकलीफ देखने और उसे दूर करने के लिए मृत्यु लोक में रहना स्वीकारा। इसलिए आज भगवान भोलेनाथ के ऊपर एक लोटा जल चढ़ाएं अक्षत चढ़ाए बिल्व पत्र चढ़ाए और यह चढ़ाकर भक्त जो भी श्रद्धा भाव से भगवान भोलेनाथ से मांगते हैं निश्चित ही भक्तों की झोली भगवान भर देते हैं।
वर्ष 2025 भक्तों के लिए सुखमय हो
आचार्य ने आयोजक परिवार के प्रमुख कमल देवांगन और देवांगन समाज के प्रदेश अध्यक्ष डॉ ओमप्रकाश देवांगन को शिव महापुराण के भव्य आयोजन के लिए बधाई देते हुए कहां की 2024 के अंतिम दिवस मे छत्तीसगढ़ वासियों को श्री शिव महापुराण कथा सुनने का सौभाग्य प्राप्त हुआ वर्ष 2025 भक्तों के जीवन के लिए सुखमय हो।
30 लाख भक्तों ने प्राप्त किया भंडारे में भोग प्रसादी
श्री शिव महापुराण कथा के दौरान आयोजक समिति के द्वारा कथा में आए हुए भक्तों के लिए भंडारे की व्यवस्था की गई थी, कथा के पहले से ही भंडारे की व्यवस्था शुरू हो गई थी और कथा के अंतिम दिवस तक भंडारे चलते रहे। हर दिन लाखों लोगों ने भोग प्रसादी को प्राप्त किया। शिव महापुराण कथा के दौरान लगभग 30 लाख भक्तों ने भंडारे में भोजन प्रसादी लिया है।
आयोजक कमल देवांगन और डॉ ओमप्रकाश देवांगन किया धन्यवाद ज्ञापित...
रायपुर स्थित सेजबहार की पावन धरा पर श्री शिव महापुराण की कथा के सफलतापूर्वक संपन्न होने पर आयोजकों ने आयोजन के लिए बनाए हुए 35 विभागों के प्रमुखों को धन्यवाद ज्ञापित किया इसके साथ ही सुरक्षा व्यवस्था के लिए लगे हुए पुलिस प्रशासन नगर निगम जिला प्रशासन बिजली विभाग के साथ है अन्य जितने भी विभाग तथा जितने भी भक्तों के द्वारा प्रत्यक्ष अप्रत्यक्ष रूप से कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग प्रदान किया गया उन सभी को धन्यवाद ज्ञापित किया गया और भगवान शिव की कृपा सभी के ऊपर बनी रहे ऐसी कामना की गई।
आयोजन के दौरान कथा सुनने के लिए प्रमुख रूप से मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की धर्मपत्नी, रायपुर दक्षिण के विधायक सुनील सोनी, देवांगन समाज की प्रदेश अध्यक्ष डॉक्टर ओमप्रकाश देवांगन समाज की युवा अध्यक्ष लक्ष्मी नारायण देवांगन आयोजक परिवार के प्रमुख कमल देवांगन, हेमंत देवांगन विनोद देवांगन भीखम लाल देवांगन के साथ प्रदीप साहू , दान सिंह देवांगन हेमलाल देवांगन भावेश देवांगन बिसेन देवांगन, नरेंद्र देवांगन ,परस देवांगन ,गजेंद्र देवांगन ,शरद देवांगन ,रेणु देवांगन ,टकेश देवांगन ,चंद्रकला देवांगन ,डोमेश देवांगन ,रूपेंद्र देवांगन ,अजय देवांगन,चंपा लाल देवांगन ,धनेश देवांगन , रामकुमार देवांगन, प्रीतम देवांगन के साथ भारी संख्या में आए हुए अतिथि और भक्तों की उपस्थिति रही।