रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय में 26 दिन बाद कामकाज बहिष्कार समाप्त:कर्मियों को मिला 30 दिन का लिखित आश्वासन
रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय में 26 दिन बाद कामकाज बहिष्कार समाप्त:कर्मियों को मिला 30 दिन का लिखित आश्वासन
रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय में बीते 26 दिनों से चल रहा शैक्षणेत्तर कर्मचारी संघ का कार्य बहिष्कार आंदोलन आखिरकार स्थगित हो गया है। विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा कर्मचारियों की 20 सूत्रीय मांगों को पूरा करने के लिए एक महीने का लिखित समय मांगे जाने के बाद आम सभा में यह फैसला लिया गया। इस स्थगन के साथ ही सोमवार से विश्वविद्यालय के सभी कार्यालयों में कामकाज सामान्य रूप से शुरू हो जाएगा, जिससे छात्रों और विवि के हित में बड़ी राहत मिली है। कर्मचारी संघ के महासचिव राजेंद्र प्रसाद शुक्ला ने बताया कि कुलपति और कुलसचिव से हुई चर्चा के बाद प्रशासन की ओर से पत्र मिला। इसमें सेवानिवृत्त कर्मचारियों के पेंशन प्रकरण, समयमान वेतनमान की अंतर राशि, बैकलॉग कर्मचारियों को समयमान सहित सभी प्रमुख मांगों को पूरा करने के लिए 30 दिन का वक्त मांगा गया है। हालांकि, आम सभा में कई कर्मचारियों ने केवल लिखित आश्वासन पर आंदोलन स्थगित करने का विरोध किया। उनका तर्क था कि 26 दिन के संघर्ष के बाद सिर्फ एक महीने का समय लेना पर्याप्त नहीं है। इसके बावजूद, संघ अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह पटेल के पूर्व के स्थगन संबंधी पत्र, आगामी दशहरा और दीपावली के अवकाश तथा कर्मचारियों के वेतन भुगतान जैसी व्यावहारिक जरूरतों को देखते हुए आंदोलन स्थगित करने पर सहमति बनी। कर्मचारियों ने विश्वविद्यालय और छात्र हित को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया है। आम सभा को प्रेम प्रकाश पुरोहित, वीरेंद्र तिवारी, राजकुमार तिवारी, केपी नापित, अंकित श्रीवास, ओम प्रकाश शुक्ला और हरे कृष्ण पाण्डेय जैसे पदाधिकारियों ने भी संबोधित किया। इस निर्णय से विश्वविद्यालय में ठप पड़े कामकाज के फिर से शुरू होने का रास्ता साफ हो गया है।
रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय में बीते 26 दिनों से चल रहा शैक्षणेत्तर कर्मचारी संघ का कार्य बहिष्कार आंदोलन आखिरकार स्थगित हो गया है। विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा कर्मचारियों की 20 सूत्रीय मांगों को पूरा करने के लिए एक महीने का लिखित समय मांगे जाने के बाद आम सभा में यह फैसला लिया गया। इस स्थगन के साथ ही सोमवार से विश्वविद्यालय के सभी कार्यालयों में कामकाज सामान्य रूप से शुरू हो जाएगा, जिससे छात्रों और विवि के हित में बड़ी राहत मिली है। कर्मचारी संघ के महासचिव राजेंद्र प्रसाद शुक्ला ने बताया कि कुलपति और कुलसचिव से हुई चर्चा के बाद प्रशासन की ओर से पत्र मिला। इसमें सेवानिवृत्त कर्मचारियों के पेंशन प्रकरण, समयमान वेतनमान की अंतर राशि, बैकलॉग कर्मचारियों को समयमान सहित सभी प्रमुख मांगों को पूरा करने के लिए 30 दिन का वक्त मांगा गया है। हालांकि, आम सभा में कई कर्मचारियों ने केवल लिखित आश्वासन पर आंदोलन स्थगित करने का विरोध किया। उनका तर्क था कि 26 दिन के संघर्ष के बाद सिर्फ एक महीने का समय लेना पर्याप्त नहीं है। इसके बावजूद, संघ अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह पटेल के पूर्व के स्थगन संबंधी पत्र, आगामी दशहरा और दीपावली के अवकाश तथा कर्मचारियों के वेतन भुगतान जैसी व्यावहारिक जरूरतों को देखते हुए आंदोलन स्थगित करने पर सहमति बनी। कर्मचारियों ने विश्वविद्यालय और छात्र हित को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया है। आम सभा को प्रेम प्रकाश पुरोहित, वीरेंद्र तिवारी, राजकुमार तिवारी, केपी नापित, अंकित श्रीवास, ओम प्रकाश शुक्ला और हरे कृष्ण पाण्डेय जैसे पदाधिकारियों ने भी संबोधित किया। इस निर्णय से विश्वविद्यालय में ठप पड़े कामकाज के फिर से शुरू होने का रास्ता साफ हो गया है।