वर्ल्ड नो स्मोकिंग डे पर ब्रह्माकुमारीज़ ने कराया नशामुक्ति संकल्प:ध्यान और आध्यात्मिकता से बढ़ता है आत्मबल, छोड़ी जा सकती हैं बुरी आदतें-बीके नीता

वर्ल्ड नो स्मोकिंग डे के अवसर पर ब्रह्माकुमारीज़ सुख शांति भवन, दुर्गेश विहार में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य तंबाकू और धूम्रपान से होने वाले घातक प्रभावों के प्रति लोगों को सचेत करना और उन्हें नशामुक्त जीवन अपनाने के लिए प्रेरित करना था। इस मौके पर ब्रह्माकुमारीज़ सुख शांति भवन की निदेशिका आदरणीय नीता दीदी ने कहा, "यदि व्यक्ति संकल्प लें और आंतरिक शक्तियों को जागृत करें, तो वे धूम्रपान छोड़कर एक स्वस्थ और खुशहाल जीवन जी सकते हैं। ध्यान और आध्यात्मिकता से आत्मबल बढ़ता है, जिससे बुरी आदतों को छोड़ा जा सकता है।" कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों ने तंबाकू से दूर रहने और स्वस्थ जीवन शैली अपनाने का संकल्प लिया। इस वर्ष वर्ल्ड नो स्मोकिंग डे की थीम "कनेक्टिंग टबैको एंड योर हेल्थ" रखी गई है, जिसका उद्देश्य तंबाकू और स्वास्थ्य के बीच संबंध को उजागर करना है। सरकारी अस्पतालों और क्लीनिकों में धूम्रपान छोड़ने के लिए मुफ्त काउंसलिंग और चिकित्सा सहायता भी उपलब्ध कराई जा रही है। इस अवसर पर इंजीनियर बीके नीरज ने कार्यक्रम का कुशल संचालन किया। कार्यक्रम में डॉ. दीप्ति दाते, डॉ. प्रियंका नेगी, डॉ. संजीव जयंत सहित कई विशेषज्ञ उपस्थित रहे। उन्होंने धूम्रपान और तंबाकू के सेवन से होने वाली गंभीर बीमारियों, जैसे कैंसर, हृदय रोग, और श्वसन संबंधी समस्याओं पर प्रकाश डाला। विशेषज्ञों ने बताया कि हर साल लाखों लोग तंबाकू जनित बीमारियों से अपनी जान गंवा देते हैं।

वर्ल्ड नो स्मोकिंग डे पर ब्रह्माकुमारीज़ ने कराया नशामुक्ति संकल्प:ध्यान और आध्यात्मिकता से बढ़ता है आत्मबल, छोड़ी जा सकती हैं बुरी आदतें-बीके नीता
वर्ल्ड नो स्मोकिंग डे के अवसर पर ब्रह्माकुमारीज़ सुख शांति भवन, दुर्गेश विहार में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य तंबाकू और धूम्रपान से होने वाले घातक प्रभावों के प्रति लोगों को सचेत करना और उन्हें नशामुक्त जीवन अपनाने के लिए प्रेरित करना था। इस मौके पर ब्रह्माकुमारीज़ सुख शांति भवन की निदेशिका आदरणीय नीता दीदी ने कहा, "यदि व्यक्ति संकल्प लें और आंतरिक शक्तियों को जागृत करें, तो वे धूम्रपान छोड़कर एक स्वस्थ और खुशहाल जीवन जी सकते हैं। ध्यान और आध्यात्मिकता से आत्मबल बढ़ता है, जिससे बुरी आदतों को छोड़ा जा सकता है।" कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों ने तंबाकू से दूर रहने और स्वस्थ जीवन शैली अपनाने का संकल्प लिया। इस वर्ष वर्ल्ड नो स्मोकिंग डे की थीम "कनेक्टिंग टबैको एंड योर हेल्थ" रखी गई है, जिसका उद्देश्य तंबाकू और स्वास्थ्य के बीच संबंध को उजागर करना है। सरकारी अस्पतालों और क्लीनिकों में धूम्रपान छोड़ने के लिए मुफ्त काउंसलिंग और चिकित्सा सहायता भी उपलब्ध कराई जा रही है। इस अवसर पर इंजीनियर बीके नीरज ने कार्यक्रम का कुशल संचालन किया। कार्यक्रम में डॉ. दीप्ति दाते, डॉ. प्रियंका नेगी, डॉ. संजीव जयंत सहित कई विशेषज्ञ उपस्थित रहे। उन्होंने धूम्रपान और तंबाकू के सेवन से होने वाली गंभीर बीमारियों, जैसे कैंसर, हृदय रोग, और श्वसन संबंधी समस्याओं पर प्रकाश डाला। विशेषज्ञों ने बताया कि हर साल लाखों लोग तंबाकू जनित बीमारियों से अपनी जान गंवा देते हैं।