समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी 15 अप्रैल से शुरू:सिवनी में बारदानों की कमी बनी समस्या; किसानों परेशान

सिवनी जिले में समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी इस साल चुनौतियों के कारण देरी से शुरू होगी। प्रशासन ने पहली बार खरीदी की तारीख बढ़ाई है। पहले 7 अप्रैल से खरीदी शुरू होनी थी, जिसे अब बढ़ाकर 15 अप्रैल कर दिया गया है। जिले में गेहूं खरीदी के लिए लगभग 8 हजार गठान बारदाने की आवश्यकता है, जिसमें एक गठान में 500 बारदाने होते हैं। इस प्रकार कुल 40 लाख बारदानों की जरूरत है। हालांकि, बारदानों की आपूर्ति की स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है, जिससे खरीदी प्रक्रिया प्रभावित होने की आशंका है। विभाग के अनुसार, लगभग 3 हजार गठान बारदाना उपलब्ध है, लेकिन इसे पर्याप्त नहीं माना जा रहा। गेहूं खरीदी के लिए कुल 78 केंद्र स्थापित स्थिति इसलिए भी जटिल हो गई है क्योंकि समर्थन मूल्य पर खरीदी गई धान की मिलिंग समय पर नहीं हो पा रही है। इस कारण पुराने बारदाने दोबारा उपयोग के लिए उपलब्ध नहीं हो सके हैं। यदि मिलिंग कार्य सुचारु रूप से होता, तो बारदानों की कमी कुछ हद तक कम हो सकती थी। जिले में गेहूं खरीदी के लिए कुल 78 केंद्र स्थापित किए गए हैं। इस वर्ष 54 हजार से अधिक किसानों ने पंजीयन कराया है। खरीदी केंद्रों के निर्धारण के बाद ही स्लॉट बुकिंग प्रक्रिया शुरू होगी, जिसका किसान इंतजार कर रहे हैं। स्लॉट देरी से किसान निजी व्यापारियों को गेहूं बेचने लगे अधिकांश किसानों की फसल कट चुकी है और वे गेहूं बेचने के लिए तैयार हैं। स्लॉट बुकिंग में देरी के कारण कई किसान निजी व्यापारियों को गेहूं बेचने लगे हैं। किसानों का कहना है कि व्यापारी खेत या घर से ही गेहूं तौलकर खरीद रहे हैं, जिससे उन्हें तत्काल भुगतान मिल जाता है। इस वर्ष सरकार ने गेहूं का समर्थन मूल्य 2585 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया है। हालांकि, बोनस को लेकर अभी स्पष्ट निर्देश जारी नहीं हुए हैं। जिले में इस बार गेहूं की बंपर आवक की संभावना है, जिससे किसानों को बाजार में बेहतर दाम मिलने की उम्मीद भी है। पिछले वर्ष भी किसानों को समर्थन मूल्य और भुगतान संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ा था। इस बार भी शुरुआती व्यवस्थाओं में कमी के कारण वैसी ही स्थिति दोहराने की आशंका व्यक्त की जा रही है।

समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी 15 अप्रैल से शुरू:सिवनी में बारदानों की कमी बनी समस्या; किसानों परेशान
सिवनी जिले में समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी इस साल चुनौतियों के कारण देरी से शुरू होगी। प्रशासन ने पहली बार खरीदी की तारीख बढ़ाई है। पहले 7 अप्रैल से खरीदी शुरू होनी थी, जिसे अब बढ़ाकर 15 अप्रैल कर दिया गया है। जिले में गेहूं खरीदी के लिए लगभग 8 हजार गठान बारदाने की आवश्यकता है, जिसमें एक गठान में 500 बारदाने होते हैं। इस प्रकार कुल 40 लाख बारदानों की जरूरत है। हालांकि, बारदानों की आपूर्ति की स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है, जिससे खरीदी प्रक्रिया प्रभावित होने की आशंका है। विभाग के अनुसार, लगभग 3 हजार गठान बारदाना उपलब्ध है, लेकिन इसे पर्याप्त नहीं माना जा रहा। गेहूं खरीदी के लिए कुल 78 केंद्र स्थापित स्थिति इसलिए भी जटिल हो गई है क्योंकि समर्थन मूल्य पर खरीदी गई धान की मिलिंग समय पर नहीं हो पा रही है। इस कारण पुराने बारदाने दोबारा उपयोग के लिए उपलब्ध नहीं हो सके हैं। यदि मिलिंग कार्य सुचारु रूप से होता, तो बारदानों की कमी कुछ हद तक कम हो सकती थी। जिले में गेहूं खरीदी के लिए कुल 78 केंद्र स्थापित किए गए हैं। इस वर्ष 54 हजार से अधिक किसानों ने पंजीयन कराया है। खरीदी केंद्रों के निर्धारण के बाद ही स्लॉट बुकिंग प्रक्रिया शुरू होगी, जिसका किसान इंतजार कर रहे हैं। स्लॉट देरी से किसान निजी व्यापारियों को गेहूं बेचने लगे अधिकांश किसानों की फसल कट चुकी है और वे गेहूं बेचने के लिए तैयार हैं। स्लॉट बुकिंग में देरी के कारण कई किसान निजी व्यापारियों को गेहूं बेचने लगे हैं। किसानों का कहना है कि व्यापारी खेत या घर से ही गेहूं तौलकर खरीद रहे हैं, जिससे उन्हें तत्काल भुगतान मिल जाता है। इस वर्ष सरकार ने गेहूं का समर्थन मूल्य 2585 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया है। हालांकि, बोनस को लेकर अभी स्पष्ट निर्देश जारी नहीं हुए हैं। जिले में इस बार गेहूं की बंपर आवक की संभावना है, जिससे किसानों को बाजार में बेहतर दाम मिलने की उम्मीद भी है। पिछले वर्ष भी किसानों को समर्थन मूल्य और भुगतान संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ा था। इस बार भी शुरुआती व्यवस्थाओं में कमी के कारण वैसी ही स्थिति दोहराने की आशंका व्यक्त की जा रही है।