सीहोर में तूफान से भारी नुकसान:श्यामपुर-खजुरियाकलां मार्ग पर कई रास्ते हुए बाधित;24 घंटे में जिले में औसतन 0.81 इंच बारिश, बुधनी में सबसे ज्यादा वर्षा दर्ज
सीहोर में तूफान से भारी नुकसान:श्यामपुर-खजुरियाकलां मार्ग पर कई रास्ते हुए बाधित;24 घंटे में जिले में औसतन 0.81 इंच बारिश, बुधनी में सबसे ज्यादा वर्षा दर्ज
सीहोर जिले में बुधवार-गुरुवार की मध्यरात्रि आए तेज तूफान ने कई ग्रामीण इलाकों में नुकसान पहुंचाया। श्यामपुर और खजुरियाकलां के बीच सड़क किनारे खड़े बड़े पेड़ और उनकी टहनियां टूटकर मुख्य मार्गों पर गिर गईं, जिससे कई स्थानों पर यातायात प्रभावित हुआ। तेज हवा के चलते मवेशियों के बाड़े, यात्री प्रतीक्षालय और वेयरहाउस की टीन की छतें उड़ गईं, जबकि कुछ कच्चे मकान और टीन शेड भी क्षतिग्रस्त हो गए। तूफान से ग्रामीण क्षेत्रों में सबसे ज्यादा नुकसान तूफान का सबसे अधिक असर श्यामपुर और आसपास के गांवों में देखने को मिला। कई स्थानों पर पेड़ सड़क पर गिरने से लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों ने स्थानीय स्तर पर पेड़ों की शाखाएं हटाकर रास्ते खोलने का प्रयास किया। ग्रामीण उमेश माहेश्वरी ने बताया कि तेज हवा के कारण कई टीन शेड उड़ गए और रास्तों पर पेड़ गिरने से आवाजाही प्रभावित रही। कई मवेशी बाड़ों को भी नुकसान पहुंचा है। बारिश से बदला मौसम का मिजाज तूफान के बाद जिले में मानसून फिर सक्रिय हो गया। गुरुवार को सीहोर सहित कई इलाकों में झमाझम और मध्यम बारिश हुई, जिससे उमस से राहत मिली और तापमान में गिरावट दर्ज की गई। भू-अभिलेख विभाग के अनुसार, पिछले 24 घंटों में जिले में औसतन 0.81 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई। सबसे अधिक 1.99 इंच वर्षा बुधनी में हुई, जबकि इछावर में 1.26 इंच और सीहोर मुख्यालय पर 1.14 इंच बारिश दर्ज की गई। अब तक 18.94 इंच औसत बारिश 1 जून से अब तक जिले में औसतन 18.94 इंच वर्षा दर्ज की जा चुकी है। वर्षामापी केंद्रों के अनुसार: पिछले साल से अब भी पीछे बारिश आंकड़ों के अनुसार, पिछले वर्ष इसी अवधि तक जिले में औसतन 25.30 इंच वर्षा हो चुकी थी। इस बार मानसून की शुरुआत अपेक्षाकृत धीमी रही, हालांकि हाल के दिनों में हुई बारिश से वर्षा का आंकड़ा तेजी से बढ़ने लगा है। अगले कुछ दिनों में अच्छी बारिश की उम्मीद मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि मानसूनी गतिविधियां फिर सक्रिय होने से आने वाले दिनों में जिले में और अच्छी बारिश हो सकती है। इससे किसानों को राहत मिलने के साथ जलस्रोतों में भी जलस्तर बढ़ने की उम्मीद है।
सीहोर जिले में बुधवार-गुरुवार की मध्यरात्रि आए तेज तूफान ने कई ग्रामीण इलाकों में नुकसान पहुंचाया। श्यामपुर और खजुरियाकलां के बीच सड़क किनारे खड़े बड़े पेड़ और उनकी टहनियां टूटकर मुख्य मार्गों पर गिर गईं, जिससे कई स्थानों पर यातायात प्रभावित हुआ। तेज हवा के चलते मवेशियों के बाड़े, यात्री प्रतीक्षालय और वेयरहाउस की टीन की छतें उड़ गईं, जबकि कुछ कच्चे मकान और टीन शेड भी क्षतिग्रस्त हो गए। तूफान से ग्रामीण क्षेत्रों में सबसे ज्यादा नुकसान तूफान का सबसे अधिक असर श्यामपुर और आसपास के गांवों में देखने को मिला। कई स्थानों पर पेड़ सड़क पर गिरने से लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों ने स्थानीय स्तर पर पेड़ों की शाखाएं हटाकर रास्ते खोलने का प्रयास किया। ग्रामीण उमेश माहेश्वरी ने बताया कि तेज हवा के कारण कई टीन शेड उड़ गए और रास्तों पर पेड़ गिरने से आवाजाही प्रभावित रही। कई मवेशी बाड़ों को भी नुकसान पहुंचा है। बारिश से बदला मौसम का मिजाज तूफान के बाद जिले में मानसून फिर सक्रिय हो गया। गुरुवार को सीहोर सहित कई इलाकों में झमाझम और मध्यम बारिश हुई, जिससे उमस से राहत मिली और तापमान में गिरावट दर्ज की गई। भू-अभिलेख विभाग के अनुसार, पिछले 24 घंटों में जिले में औसतन 0.81 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई। सबसे अधिक 1.99 इंच वर्षा बुधनी में हुई, जबकि इछावर में 1.26 इंच और सीहोर मुख्यालय पर 1.14 इंच बारिश दर्ज की गई। अब तक 18.94 इंच औसत बारिश 1 जून से अब तक जिले में औसतन 18.94 इंच वर्षा दर्ज की जा चुकी है। वर्षामापी केंद्रों के अनुसार: पिछले साल से अब भी पीछे बारिश आंकड़ों के अनुसार, पिछले वर्ष इसी अवधि तक जिले में औसतन 25.30 इंच वर्षा हो चुकी थी। इस बार मानसून की शुरुआत अपेक्षाकृत धीमी रही, हालांकि हाल के दिनों में हुई बारिश से वर्षा का आंकड़ा तेजी से बढ़ने लगा है। अगले कुछ दिनों में अच्छी बारिश की उम्मीद मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि मानसूनी गतिविधियां फिर सक्रिय होने से आने वाले दिनों में जिले में और अच्छी बारिश हो सकती है। इससे किसानों को राहत मिलने के साथ जलस्रोतों में भी जलस्तर बढ़ने की उम्मीद है।