5 रुपए की चुस्की पर आदिवासी पिता-पुत्री पर हमला:पारदी बदमाश ने डंडों से पीटा; बोले- जब से ये यहां बसे है, अत्याचार कर रहे
5 रुपए की चुस्की पर आदिवासी पिता-पुत्री पर हमला:पारदी बदमाश ने डंडों से पीटा; बोले- जब से ये यहां बसे है, अत्याचार कर रहे
बजरंगगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम गढ़ला गिर्द में बुधवार दोपहर 5 रुपए की चुस्की (बर्फ का गोला) को लेकर हुए विवाद में एक पारदी बदमाश ने आदिवासी पिता-पुत्री पर डंडों से जानलेवा हमला कर दिया। इस हमले में 48 वर्षीय कल्याण सहरिया गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना के बाद गांव के सहरिया आदिवासियों में भारी आक्रोश है और उन्होंने उग्र प्रदर्शन की चेतावनी दी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस व प्रशासन की टीम ने गांव पहुंचकर हालात का जायजा लिया है। पुलिस में दर्ज रिपोर्ट के अनुसार, फरियादी कल्याण सहरिया (पिता फगनी सहरिया) बुधवार दोपहर करीब 2 बजे गांव के काली मैया मंदिर पर प्रसाद बना रहे थे। इसी दौरान कुख्यात बदमाश विक्की पारदी वहां चुस्की बेचने पहुंचा। जब कल्याण के बच्चे चुस्की लेने लगे, तो उन्होंने विक्की से 5 रुपए वाली चुस्की देने को कहा। इस बात पर विक्की भड़क गया और उसने कहा कि 5 रुपए वाली चुस्की नहीं है। जब कल्याण ने उसे गाली-गलौज करने से मना किया, तो विक्की पारदी ने डंडे से उन पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। बीच-बचाव करने आई बेटी को भी पीटा
डंडे के प्रहार से कल्याण के दाहिने हाथ से खून बहने लगा और बाएं पैर के घुटने व कमर में गंभीर चोटें आईं। पिता को बेरहमी से पिटता देख उनकी बेटी मनीषा सहरिया बचाने दौड़ी, तो आरोपी ने उस पर भी डंडे से वार किए। इससे मनीषा के घुटने और जांघ में चोटें आई हैं। घटना के दौरान मौके पर मौजूद रामकली सहरिया और दामाद नीलम सहरिया ने बीच-बचाव कर उनकी जान बचाई। गंभीर रूप से घायल कल्याण सहरिया को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उनकी हालत इतनी नाजुक है कि वे बोल भी नहीं पा रहे हैं। गांव में तनाव, पुलिस और जनप्रतिनिधियों ने किया दौरा
बताया जा रहा है कि गढ़ला गिर्द गांव में पारदी समुदाय के डेरा जमाने के बाद से सहरिया आदिवासी परिवारों में असुरक्षा और भय का माहौल है। इस ताजा घटना के बाद आदिवासियों ने जिला मुख्यालय पहुंचकर उग्र प्रदर्शन की चेतावनी दी थी। तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए जिला पंचायत उपाध्यक्ष प्रतिनिधि क्षितिज लुंबा, सीएसपी प्रियंका मिश्रा और कैंट थाना प्रभारी अनूप भार्गव गांव पहुंचे। अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने ग्रामीणों से चर्चा कर उन्हें शांत कराया। इस दौरान क्षितिज लुंबा ने पूर्व मंत्री महेंद्र सिंह सिसोदिया और कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल से ग्रामीणों की फोन पर बात कराई। दोनों ने पीड़ितों को हरसंभव मदद दिलाने और गांव को पूरी तरह से भयमुक्त बनाने का आश्वासन दिया है।
बजरंगगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम गढ़ला गिर्द में बुधवार दोपहर 5 रुपए की चुस्की (बर्फ का गोला) को लेकर हुए विवाद में एक पारदी बदमाश ने आदिवासी पिता-पुत्री पर डंडों से जानलेवा हमला कर दिया। इस हमले में 48 वर्षीय कल्याण सहरिया गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना के बाद गांव के सहरिया आदिवासियों में भारी आक्रोश है और उन्होंने उग्र प्रदर्शन की चेतावनी दी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस व प्रशासन की टीम ने गांव पहुंचकर हालात का जायजा लिया है। पुलिस में दर्ज रिपोर्ट के अनुसार, फरियादी कल्याण सहरिया (पिता फगनी सहरिया) बुधवार दोपहर करीब 2 बजे गांव के काली मैया मंदिर पर प्रसाद बना रहे थे। इसी दौरान कुख्यात बदमाश विक्की पारदी वहां चुस्की बेचने पहुंचा। जब कल्याण के बच्चे चुस्की लेने लगे, तो उन्होंने विक्की से 5 रुपए वाली चुस्की देने को कहा। इस बात पर विक्की भड़क गया और उसने कहा कि 5 रुपए वाली चुस्की नहीं है। जब कल्याण ने उसे गाली-गलौज करने से मना किया, तो विक्की पारदी ने डंडे से उन पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। बीच-बचाव करने आई बेटी को भी पीटा
डंडे के प्रहार से कल्याण के दाहिने हाथ से खून बहने लगा और बाएं पैर के घुटने व कमर में गंभीर चोटें आईं। पिता को बेरहमी से पिटता देख उनकी बेटी मनीषा सहरिया बचाने दौड़ी, तो आरोपी ने उस पर भी डंडे से वार किए। इससे मनीषा के घुटने और जांघ में चोटें आई हैं। घटना के दौरान मौके पर मौजूद रामकली सहरिया और दामाद नीलम सहरिया ने बीच-बचाव कर उनकी जान बचाई। गंभीर रूप से घायल कल्याण सहरिया को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उनकी हालत इतनी नाजुक है कि वे बोल भी नहीं पा रहे हैं। गांव में तनाव, पुलिस और जनप्रतिनिधियों ने किया दौरा
बताया जा रहा है कि गढ़ला गिर्द गांव में पारदी समुदाय के डेरा जमाने के बाद से सहरिया आदिवासी परिवारों में असुरक्षा और भय का माहौल है। इस ताजा घटना के बाद आदिवासियों ने जिला मुख्यालय पहुंचकर उग्र प्रदर्शन की चेतावनी दी थी। तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए जिला पंचायत उपाध्यक्ष प्रतिनिधि क्षितिज लुंबा, सीएसपी प्रियंका मिश्रा और कैंट थाना प्रभारी अनूप भार्गव गांव पहुंचे। अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने ग्रामीणों से चर्चा कर उन्हें शांत कराया। इस दौरान क्षितिज लुंबा ने पूर्व मंत्री महेंद्र सिंह सिसोदिया और कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल से ग्रामीणों की फोन पर बात कराई। दोनों ने पीड़ितों को हरसंभव मदद दिलाने और गांव को पूरी तरह से भयमुक्त बनाने का आश्वासन दिया है।