आवारा पशुओं को हादसों से बचाने खाली जमीन की साफ-सफाई कर बना दिया गौठान
आवारा पशुओं को हादसों से बचाने खाली जमीन की साफ-सफाई कर बना दिया गौठान
छत्तीसगढ़ संवाददाता
महासमुंद,6 नवंबर। शासन-प्रशासन के निर्दश के बावजूद आवारा मवेशियों से उपजी विभिन्न प्रकार की समस्याओं से पूरा प्रदेश जूझ रहा है। महासमुंद जिले में भी नेशनल हाइवे से लेकर स्टेट हाइवे और भीतरी सडक़ों से लेकर शहर व गांवों तक की सडक़ें गौठान में तब्दील होती जा रही है। मवेशियों की वजह से सुगम यातायात तो लोग भूल ही चुके हैं। हादसों में मारे जा रहे मवेशियों के खून से भी सडक़ें लाल हो रही हैं। ऐसे में खल्लारी के ग्रामीणों की मदद से संतोष कुमार यादव ने गांव व आसपास आवारा घूमने वाले मवेशियों को सडक़ों से हटाकर खाली पड़ी एक सुरक्षित जमीन पर एकत्र करने की अनुकरणीय पहल की है। उन्होंने इसकी शुरूआत सितम्बर 2025 से की, जो निरंतर जारी है।
संतोष यादव कहते हैं-गांव के सभी छोटे-बड़े मवेशी रात्रि में पशुपालकों के घर नहीं जाते थे और गांवों के विभिन्न चौक-चौराहों पर रात्रि बसर करते थे। कई बार इन्हीं मवेशियों के झुंड पर रात्रि के समय जंगली जानवरों का हमला भी हुआ। ये मवेशी लगातार फसलों को नुकसान पहुंचा रहे थे।
छत्तीसगढ़ संवाददाता
महासमुंद,6 नवंबर। शासन-प्रशासन के निर्दश के बावजूद आवारा मवेशियों से उपजी विभिन्न प्रकार की समस्याओं से पूरा प्रदेश जूझ रहा है। महासमुंद जिले में भी नेशनल हाइवे से लेकर स्टेट हाइवे और भीतरी सडक़ों से लेकर शहर व गांवों तक की सडक़ें गौठान में तब्दील होती जा रही है। मवेशियों की वजह से सुगम यातायात तो लोग भूल ही चुके हैं। हादसों में मारे जा रहे मवेशियों के खून से भी सडक़ें लाल हो रही हैं। ऐसे में खल्लारी के ग्रामीणों की मदद से संतोष कुमार यादव ने गांव व आसपास आवारा घूमने वाले मवेशियों को सडक़ों से हटाकर खाली पड़ी एक सुरक्षित जमीन पर एकत्र करने की अनुकरणीय पहल की है। उन्होंने इसकी शुरूआत सितम्बर 2025 से की, जो निरंतर जारी है।
संतोष यादव कहते हैं-गांव के सभी छोटे-बड़े मवेशी रात्रि में पशुपालकों के घर नहीं जाते थे और गांवों के विभिन्न चौक-चौराहों पर रात्रि बसर करते थे। कई बार इन्हीं मवेशियों के झुंड पर रात्रि के समय जंगली जानवरों का हमला भी हुआ। ये मवेशी लगातार फसलों को नुकसान पहुंचा रहे थे।