इंजीनियर ने परिवार समेत खुद को घर में बंद किया:घंटों तक न फोन उठाया, न दरवाजा खोला; दरवाजा तोड़कर अंदर घुसी पुलिस, सभी सुरक्षित

विदिशा नगर पालिका में पदस्थ सब इंजीनियर संजीव जैन ने रविवार को अपने परिवार सहित खुद को घर में बंद कर लिया। घंटों तक न कोई आवाज आई और न ही फोन रिसीव किया गया। इससे परिजनों और परिचितों को अनहोनी की आशंका हुई। बता दें कि संजीव जैन शेरपुरा क्षेत्र में परिवार के साथ रहते हैं। रविवार दोपहर से उनके परिचितों ने संपर्क करने के कई प्रयास किए। लेकिन न तो कॉल रिसीव हुआ और न ही घर का दरवाजा खुला। घर के बाहर सन्नाटा देख लोगों ने सिविल लाइन पुलिस को सूचना दी। कई बार दरवाजा खटखटाया, आवाजें दीं; नहीं मिला जवाब सूचना मिलते ही पुलिस बल के साथ नगर पालिका सीएमओ दुर्गेश ठाकुर, पार्षद और कई कर्मचारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने कई बार दरवाजा खटखटाया और आवाजें दीं। लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। पुलिस ने एक दरवाजा तोड़ा स्थिति को देखते हुए पुलिस ने दरवाजा तोड़ने की कार्रवाई शुरू की। एक दरवाजा तोड़ा भी गया। तभी अचानक अंदर से दूसरा दरवाजा संजीव जैन ने खुद खोल दिया। 'डर के चलते परिवार को कमरे में बंद किया था' घर के अंदर संजीव जैन और उनके परिजन सुरक्षित मिले। पूछताछ में संजीव जैन ने पुलिस को बताया कि उन्होंने किसी 'अज्ञात भय' के कारण खुद को और परिवार को कमरे में बंद कर लिया था। हालांकि उन्होंने इस भय के कारणों की कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी। सभी परिजन अंदर सुरक्षित मिले सिविल लाइन टीआई विमलेश राय ने बताया कि सूचना मिलते ही वह मौके पर पहुंचे थे। घर का पहला दरवाजा तोड़ने के बाद अंदर जाने पर सभी परिजन सुरक्षित पाए गए। मामले में जांच जारी है कि संजीव जैन को किस कारण से भय महसूस हुआ।

इंजीनियर ने परिवार समेत खुद को घर में बंद किया:घंटों तक न फोन उठाया, न दरवाजा खोला; दरवाजा तोड़कर अंदर घुसी पुलिस, सभी सुरक्षित
विदिशा नगर पालिका में पदस्थ सब इंजीनियर संजीव जैन ने रविवार को अपने परिवार सहित खुद को घर में बंद कर लिया। घंटों तक न कोई आवाज आई और न ही फोन रिसीव किया गया। इससे परिजनों और परिचितों को अनहोनी की आशंका हुई। बता दें कि संजीव जैन शेरपुरा क्षेत्र में परिवार के साथ रहते हैं। रविवार दोपहर से उनके परिचितों ने संपर्क करने के कई प्रयास किए। लेकिन न तो कॉल रिसीव हुआ और न ही घर का दरवाजा खुला। घर के बाहर सन्नाटा देख लोगों ने सिविल लाइन पुलिस को सूचना दी। कई बार दरवाजा खटखटाया, आवाजें दीं; नहीं मिला जवाब सूचना मिलते ही पुलिस बल के साथ नगर पालिका सीएमओ दुर्गेश ठाकुर, पार्षद और कई कर्मचारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने कई बार दरवाजा खटखटाया और आवाजें दीं। लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। पुलिस ने एक दरवाजा तोड़ा स्थिति को देखते हुए पुलिस ने दरवाजा तोड़ने की कार्रवाई शुरू की। एक दरवाजा तोड़ा भी गया। तभी अचानक अंदर से दूसरा दरवाजा संजीव जैन ने खुद खोल दिया। 'डर के चलते परिवार को कमरे में बंद किया था' घर के अंदर संजीव जैन और उनके परिजन सुरक्षित मिले। पूछताछ में संजीव जैन ने पुलिस को बताया कि उन्होंने किसी 'अज्ञात भय' के कारण खुद को और परिवार को कमरे में बंद कर लिया था। हालांकि उन्होंने इस भय के कारणों की कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी। सभी परिजन अंदर सुरक्षित मिले सिविल लाइन टीआई विमलेश राय ने बताया कि सूचना मिलते ही वह मौके पर पहुंचे थे। घर का पहला दरवाजा तोड़ने के बाद अंदर जाने पर सभी परिजन सुरक्षित पाए गए। मामले में जांच जारी है कि संजीव जैन को किस कारण से भय महसूस हुआ।