खंडवा-भुसावल तीसरी, चौथी रेल लाइन को मंजूरी:केंद्र ने 131 किमी मार्ग के लिए 3 हजार करोड़ दिए, 4 साल में बिछेगी पटरी

केंद्रीय आर्थिक मामलों की कमेटी की सोमवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बैठक आयोजित हुई। जिसमें तीन रेल परियोजना को 8 हजार करोड़ की मंजूरी दी गई। इसमें भुसावल मंडल में खंडवा, बुरहानपुर, भुसावल और जलगांव-मनमाड़ रेल खंड के 391 किमी पर तीसरी और चौथी रेल लाइन बिछाने की मंजूरी मिली है। खंडवा सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल ने बताया कि खंडवा, बुरहानपुर और भुसावल के बीच 131 किमी रेल मार्ग को तीसरी एवं चौथी रेल लाइन बिछाने की सौगात केंद्र सरकार ने दी है। इस परियोजना में अनुमानित लागत 3 हजार 284 करोड़ रूपए आएगी। इस कार्य को 4 साल में पूरा किया जाएगा। निर्माण अवधि के दौरान परियोजनाओं से लगभग एक लाख मानव-दिनों के लिए प्रत्यक्ष रोजगार पैदा होगा। सांसद पाटिल ने बताया की कैबिनेट ने भारतीय रेलवे में तीन मल्टी ट्रैकिंग परियोजनाओं को मंजूरी दी। इससे कनेक्टिविटी प्रदान करने, यात्रा को आसान बनाने, लॉजिस्टिक्स लागत को कम करने, तेल आयात को कम करने और कार्बन उत्सर्जन को कम करने के लिए बढ़ावा मिलेगा। परियोजना से इन रेल खंडों की मौजूदा लाइन क्षमता में वृद्धि और परिवहन नेटवर्क को बढ़ाकर लॉजिस्टिक्स दक्षता में सुधार होगा।

खंडवा-भुसावल तीसरी, चौथी रेल लाइन को मंजूरी:केंद्र ने 131 किमी मार्ग के लिए 3 हजार करोड़ दिए, 4 साल में बिछेगी पटरी
केंद्रीय आर्थिक मामलों की कमेटी की सोमवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बैठक आयोजित हुई। जिसमें तीन रेल परियोजना को 8 हजार करोड़ की मंजूरी दी गई। इसमें भुसावल मंडल में खंडवा, बुरहानपुर, भुसावल और जलगांव-मनमाड़ रेल खंड के 391 किमी पर तीसरी और चौथी रेल लाइन बिछाने की मंजूरी मिली है। खंडवा सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल ने बताया कि खंडवा, बुरहानपुर और भुसावल के बीच 131 किमी रेल मार्ग को तीसरी एवं चौथी रेल लाइन बिछाने की सौगात केंद्र सरकार ने दी है। इस परियोजना में अनुमानित लागत 3 हजार 284 करोड़ रूपए आएगी। इस कार्य को 4 साल में पूरा किया जाएगा। निर्माण अवधि के दौरान परियोजनाओं से लगभग एक लाख मानव-दिनों के लिए प्रत्यक्ष रोजगार पैदा होगा। सांसद पाटिल ने बताया की कैबिनेट ने भारतीय रेलवे में तीन मल्टी ट्रैकिंग परियोजनाओं को मंजूरी दी। इससे कनेक्टिविटी प्रदान करने, यात्रा को आसान बनाने, लॉजिस्टिक्स लागत को कम करने, तेल आयात को कम करने और कार्बन उत्सर्जन को कम करने के लिए बढ़ावा मिलेगा। परियोजना से इन रेल खंडों की मौजूदा लाइन क्षमता में वृद्धि और परिवहन नेटवर्क को बढ़ाकर लॉजिस्टिक्स दक्षता में सुधार होगा।