दहेज हत्या मामले में पति को आजीवन कारावास:सतना में सास को 10 साल की सजा; शादी के 6 महीने बाद प्रताड़ित करना शुरू किया

सतना के उचेहरा की द्वितीय अपर सत्र न्यायालय ने शुक्रवार को दहेज के लिए नवविवाहिता को आत्महत्या के लिए मजबूर करने वाले पति धीरज सिंह को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।कोर्ट ने आरोपी की रहम की अपील को खारिज करते हुए सास शकुंतला सिंह को 10 वर्ष के कठोर कारावास और 7-7 हजार रुपए जुर्माने से दंडित किया है। यह फैसला न्यायाधीश सदाशिव दॉगौड़े की अदालत ने सुनाया। मामले की पैरवी अपर लोक अभियोजक राजेश मिश्रा ने की। शादी के छह माह बाद ही शुरू हुई दहेज की प्रताड़ना अभियोजन के अनुसार, मृतका ज्योति सिंह की शादी आरोपी धीरज सिंह से 8 मई 2017 को हुई थी।शादी के कुछ माह बाद ही आरोपी मां-बेटे ने एक लाख रुपए दहेज की मांग शुरू कर दी थी। ज्योति को अक्सर मारपीट और भूखा रखने जैसी यातनाएं दी जाती थीं।गर्भावस्था के दौरान भी उस पर अत्याचार जारी रहे। लगातार दबाव के चलते ज्योति की मां ने 50 हजार रुपए आरोपियों को दिए, लेकिन अत्याचार नहीं रुके। चार दिन भूखा रखा, फिर उसी रात ज्योति ने फांसी लगा ली 1 मार्च 2021 को ज्योति ने अपनी मां को फोन पर बताया था कि मुझे चार दिन से खाना नहीं दिया जा रहा है, 50 हजार रुपए के लिए मारपीट की जा रही है। उसी रात ज्योति ने फांसी लगाकर अपनी जान दे दी।उचेहरा थाना पुलिस ने सूचना पर मर्ग कायम कर जांच शुरू की।विवेचना के दौरान धारा 304बी (दहेज मृत्यु), 498ए (क्रूरता) और दहेज प्रतिषेध अधिनियम की धारा 3/4 के तहत आरोप प्रमाणित पाए गए। सजा सुनते ही कोर्ट में सन्नाटा, मां-बेटे के चेहरे पर मायूसी फैसले के दौरान कोर्ट में सन्नाटा छा गया।जैसे ही न्यायाधीश ने धीरज सिंह को उम्रकैद और सास शकुंतला सिंह को 10 साल की सजा सुनाई, मां-बेटे के चेहरे पर मायूसी छा गई।

दहेज हत्या मामले में पति को आजीवन कारावास:सतना में सास को 10 साल की सजा; शादी के 6 महीने बाद प्रताड़ित करना शुरू किया
सतना के उचेहरा की द्वितीय अपर सत्र न्यायालय ने शुक्रवार को दहेज के लिए नवविवाहिता को आत्महत्या के लिए मजबूर करने वाले पति धीरज सिंह को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।कोर्ट ने आरोपी की रहम की अपील को खारिज करते हुए सास शकुंतला सिंह को 10 वर्ष के कठोर कारावास और 7-7 हजार रुपए जुर्माने से दंडित किया है। यह फैसला न्यायाधीश सदाशिव दॉगौड़े की अदालत ने सुनाया। मामले की पैरवी अपर लोक अभियोजक राजेश मिश्रा ने की। शादी के छह माह बाद ही शुरू हुई दहेज की प्रताड़ना अभियोजन के अनुसार, मृतका ज्योति सिंह की शादी आरोपी धीरज सिंह से 8 मई 2017 को हुई थी।शादी के कुछ माह बाद ही आरोपी मां-बेटे ने एक लाख रुपए दहेज की मांग शुरू कर दी थी। ज्योति को अक्सर मारपीट और भूखा रखने जैसी यातनाएं दी जाती थीं।गर्भावस्था के दौरान भी उस पर अत्याचार जारी रहे। लगातार दबाव के चलते ज्योति की मां ने 50 हजार रुपए आरोपियों को दिए, लेकिन अत्याचार नहीं रुके। चार दिन भूखा रखा, फिर उसी रात ज्योति ने फांसी लगा ली 1 मार्च 2021 को ज्योति ने अपनी मां को फोन पर बताया था कि मुझे चार दिन से खाना नहीं दिया जा रहा है, 50 हजार रुपए के लिए मारपीट की जा रही है। उसी रात ज्योति ने फांसी लगाकर अपनी जान दे दी।उचेहरा थाना पुलिस ने सूचना पर मर्ग कायम कर जांच शुरू की।विवेचना के दौरान धारा 304बी (दहेज मृत्यु), 498ए (क्रूरता) और दहेज प्रतिषेध अधिनियम की धारा 3/4 के तहत आरोप प्रमाणित पाए गए। सजा सुनते ही कोर्ट में सन्नाटा, मां-बेटे के चेहरे पर मायूसी फैसले के दौरान कोर्ट में सन्नाटा छा गया।जैसे ही न्यायाधीश ने धीरज सिंह को उम्रकैद और सास शकुंतला सिंह को 10 साल की सजा सुनाई, मां-बेटे के चेहरे पर मायूसी छा गई।