पाकिस्तान से माल के आयात-पारगमन पर रोक लगाने के सरकार के फैसले का हमें स्वागत-कैट
पाकिस्तान से माल के आयात-पारगमन पर रोक लगाने के सरकार के फैसले का हमें स्वागत-कैट
रायपुर,6 मई। व्यापारिक संगठन कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के राष्ट्रीय वाइस चेयरमैन अमर पारवानी, चेयरमेन मगेलाल मालू , प्रदेश अध्यक्ष जितेन्द्र दोशी, कार्यकारी अध्यक्ष विक्रम सिंहदेव, परमानन्द जैन, वाशु माखीजा, महामंत्री सुरिन्द्रर सिंह, कार्यकारी महामंत्री भरत जैन, एवं कोषाध्यक्ष अजय अग्रवाल ने बताया कि कन्फ़ेडरेशन ऑफ़ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने पाकिस्तान से आने वाले या निर्यात किए जाने वाले सभी सामानों के प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष आयात और पारगमन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने के भारत सरकार द्वारा उठाए गए साहसिक और निर्णायक कदम का तहे दिल से स्वागत किया है।
श्री पारवानी और श्री दोशी ने बताया कि यह कदम न केवल राष्ट्रीय सुरक्षा हितों के अनुरूप है, बल्कि व्यापारिक समुदाय और भारत के नागरिकों की भावना को भी दर्शाता है, जो लंबे समय से आतंकवाद का समर्थन या सहन करने वाले देशों के साथ आर्थिक संबंधों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। पाकिस्तानी सामानों के सभी व्यापार और पारगमन को रोककर, सरकार ने राष्ट्रीय संप्रभुता और सुरक्षा की रक्षा के लिए अपनी दृढ़ प्रतिबद्धता का प्रदर्शन किया है।
रायपुर,6 मई। व्यापारिक संगठन कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के राष्ट्रीय वाइस चेयरमैन अमर पारवानी, चेयरमेन मगेलाल मालू , प्रदेश अध्यक्ष जितेन्द्र दोशी, कार्यकारी अध्यक्ष विक्रम सिंहदेव, परमानन्द जैन, वाशु माखीजा, महामंत्री सुरिन्द्रर सिंह, कार्यकारी महामंत्री भरत जैन, एवं कोषाध्यक्ष अजय अग्रवाल ने बताया कि कन्फ़ेडरेशन ऑफ़ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने पाकिस्तान से आने वाले या निर्यात किए जाने वाले सभी सामानों के प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष आयात और पारगमन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने के भारत सरकार द्वारा उठाए गए साहसिक और निर्णायक कदम का तहे दिल से स्वागत किया है।
श्री पारवानी और श्री दोशी ने बताया कि यह कदम न केवल राष्ट्रीय सुरक्षा हितों के अनुरूप है, बल्कि व्यापारिक समुदाय और भारत के नागरिकों की भावना को भी दर्शाता है, जो लंबे समय से आतंकवाद का समर्थन या सहन करने वाले देशों के साथ आर्थिक संबंधों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। पाकिस्तानी सामानों के सभी व्यापार और पारगमन को रोककर, सरकार ने राष्ट्रीय संप्रभुता और सुरक्षा की रक्षा के लिए अपनी दृढ़ प्रतिबद्धता का प्रदर्शन किया है।