पन्ना में एजेंसी पर सिलेंडर कम, रसीदें ज्यादा:342 सिलेंडर के लिए से हजार से अधिक रसीदें काटीं; भीषण गर्मी में जनता गुस्साएं

गुनौर मुख्यालय स्थित एचपी गैस एजेंसी पर गैस सिलेंडर की किल्लत के कारण उपभोक्ताओं में आक्रोश देखा गया। भीषण गर्मी के बीच सैकड़ों लोग एजेंसी के बाहर लंबी कतारों में खड़े रहे, लेकिन उन्हें गैस नहीं मिली। तापमान 42 डिग्री दर्ज किया गया। मामला तब सामने आया जब पता चला कि एजेंसी के पास वितरण के लिए केवल 342 एलपीजी सिलेंडर थे। इसके बावजूद, गैस एजेंसी ने 1000 से अधिक उपभोक्ताओं की रसीदें काट दीं और उनसे पैसे जमा करा लिए। 42 डिग्री से अधिक तापमान में बुजुर्ग, महिलाएं और मजदूर वर्ग के लोग सुबह से ही कतारों में खड़े थे। जब उन्हें पता चला कि पैसे जमा करने और रसीदें कटवाने के बावजूद उन्हें गैस नहीं मिलेगी, तो उनका धैर्य जवाब दे गया। उपभोक्ताओं ने गैस एजेंसी के खिलाफ नारेबाजी की और प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की। उनका आरोप है कि एजेंसी के कुप्रबंधन के कारण उनका पूरा दिन बर्बाद हो गया और उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ा। स्थानीय नागरिकों और प्रभावित उपभोक्ताओं ने जिला प्रशासन तथा खाद्य विभाग के अधिकारियों से इस मामले की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। उन्होंने दोषी गैस एजेंसी संचालक के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने और उसका लाइसेंस निलंबित करने की अपील की है, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति उत्पन्न न हो।

पन्ना में एजेंसी पर सिलेंडर कम, रसीदें ज्यादा:342 सिलेंडर के लिए से हजार से अधिक रसीदें काटीं; भीषण गर्मी में जनता गुस्साएं
गुनौर मुख्यालय स्थित एचपी गैस एजेंसी पर गैस सिलेंडर की किल्लत के कारण उपभोक्ताओं में आक्रोश देखा गया। भीषण गर्मी के बीच सैकड़ों लोग एजेंसी के बाहर लंबी कतारों में खड़े रहे, लेकिन उन्हें गैस नहीं मिली। तापमान 42 डिग्री दर्ज किया गया। मामला तब सामने आया जब पता चला कि एजेंसी के पास वितरण के लिए केवल 342 एलपीजी सिलेंडर थे। इसके बावजूद, गैस एजेंसी ने 1000 से अधिक उपभोक्ताओं की रसीदें काट दीं और उनसे पैसे जमा करा लिए। 42 डिग्री से अधिक तापमान में बुजुर्ग, महिलाएं और मजदूर वर्ग के लोग सुबह से ही कतारों में खड़े थे। जब उन्हें पता चला कि पैसे जमा करने और रसीदें कटवाने के बावजूद उन्हें गैस नहीं मिलेगी, तो उनका धैर्य जवाब दे गया। उपभोक्ताओं ने गैस एजेंसी के खिलाफ नारेबाजी की और प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की। उनका आरोप है कि एजेंसी के कुप्रबंधन के कारण उनका पूरा दिन बर्बाद हो गया और उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ा। स्थानीय नागरिकों और प्रभावित उपभोक्ताओं ने जिला प्रशासन तथा खाद्य विभाग के अधिकारियों से इस मामले की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। उन्होंने दोषी गैस एजेंसी संचालक के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने और उसका लाइसेंस निलंबित करने की अपील की है, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति उत्पन्न न हो।