भोपाल में कब्रिस्तान के नीचे मेट्रो...अब हिंदू संगठन की आपत्ति:कहा-मेट्रो की जरूरत सरकार तय करती है; विकास कार्य में बाधक नहीं बनना चाहिए

भोपाल में कब्रिस्तान के नीचे से मेट्रो के गुजरने को लेकर वक्फ बोर्ड में सुनवाई चल रही है। स्टे पर बहस के लिए 14 मई की तारीख तय की गई है। इसमें मेट्रो प्रबंधन अपना पक्ष रखेगा। इससे पहले हिंदू संगठनों ने आपत्ति जताई है। संगठन पदाधिकारियों का कहना है कि मेट्रो की जरूरत सरकार तय करती है। किसी को भी विकास में बाधक नहीं बनना चाहिए। बता दें कि मेट्रो प्रोजेक्ट को लेकर वक्फ संपत्तियों पर विवाद अब कानूनी हो गया है। भोपाल टॉकीज स्थित प्राचीन कब्रिस्तान के नीचे प्रस्तावित अंडरग्राउंड मेट्रो लाइन और नारियलखेड़ा की वक्फ जमीन पर निर्माण के खिलाफ कमेटी इंतेजामियां औकाफ-ए-आम्मा ने मध्यप्रदेश राज्य वक्फ अधिकरण में दो अलग-अलग प्रकरण दायर किए हैं। दोनों मामलों में मेट्रो निर्माण पर तत्काल रोक लगाने की मांग की गई है। समुदाय के हिसाब से नहीं गिने जाए धर्मस्थल इसे लेकर सोमवार को हिंदू उत्सव समिति और संस्कृति बचाओ मंच आगे आए। अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी ने कहा कि अगर कब्रिस्तान और अन्य धर्म स्थल विकास कार्य में बाधक है और उन्हें नहीं हटाया जा रहा तो हिंदू धर्म स्थलों को भी हटाने नहीं दिया जाएगा। यदि विकास कार्य में बाधक बन रहे धर्मस्थलों को समुदाय के अनुसार गिना जाएगा तो इसे हिंदू उत्सव समिति बर्दाश्त नहीं करेगी। भोपाल में मेट्रो की जरूरत है या नहीं? यह विधायक तय नहीं करेंगे। सरकार जरूरत के हिसाब से तय करती है। हिंदू समाज हमेशा से सहयोगी भूमिका निभाकर विकास कार्य में अपना सहयोग प्रदान करता है किंतु अगर सिर्फ हिंदू समाज के धार्मिक स्थलों को हटाया जाएगा तो यह उचित नहीं होगा और इन्हें हिंदू उत्सव समिति हटाने नहीं देगी। अंडरग्राउंड मेट्रो लाइन पर यह है विवाद याचिका में हमीदिया रोड स्थित मासूमा तकिया अम्मनशाह, मस्जिद नूरानी, मुल्लाशाह और अन्य पंजीकृत वक्फ कब्रिस्तान क्षेत्रों के नीचे से अंडरग्राउंड मेट्रो लाइन निकालने की योजना पर आपत्ति दर्ज कराई गई है। याचिका में कहा गया है कि यह कब्रिस्तान न केवल ऐतिहासिक और धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि शहर के सबसे पुराने और बड़े कब्रिस्तानों में शुमार है, जहां हजारों की संख्या में कब्रें मौजूद हैं। नारियलखेड़ा: वक्फ जमीन पर ‘बिना अनुमति’ निर्माण का आरोप यह खबर भी पढ़ें… भोपाल में 3.39Km अंडरग्राउंड रहेगी मेट्रो, दो स्टेशन बनेंगे भोपाल मेट्रो के अंडरग्राउंड रूट के लिए सोमवार से जमीन के अंदर 24 मीटर गहराई में खुदाई शुरू कर दी गई। टनल बोरिंग मशीन (टीबीएम) के जरिए कुल 3.39 किलोमीटर लंबी सुरंग की खुदाई होगी। इसी में दो स्टेशन भी बनेंगे। पढ़ें पूरी खबर…

भोपाल में कब्रिस्तान के नीचे मेट्रो...अब हिंदू संगठन की आपत्ति:कहा-मेट्रो की जरूरत सरकार तय करती है; विकास कार्य में बाधक नहीं बनना चाहिए
भोपाल में कब्रिस्तान के नीचे से मेट्रो के गुजरने को लेकर वक्फ बोर्ड में सुनवाई चल रही है। स्टे पर बहस के लिए 14 मई की तारीख तय की गई है। इसमें मेट्रो प्रबंधन अपना पक्ष रखेगा। इससे पहले हिंदू संगठनों ने आपत्ति जताई है। संगठन पदाधिकारियों का कहना है कि मेट्रो की जरूरत सरकार तय करती है। किसी को भी विकास में बाधक नहीं बनना चाहिए। बता दें कि मेट्रो प्रोजेक्ट को लेकर वक्फ संपत्तियों पर विवाद अब कानूनी हो गया है। भोपाल टॉकीज स्थित प्राचीन कब्रिस्तान के नीचे प्रस्तावित अंडरग्राउंड मेट्रो लाइन और नारियलखेड़ा की वक्फ जमीन पर निर्माण के खिलाफ कमेटी इंतेजामियां औकाफ-ए-आम्मा ने मध्यप्रदेश राज्य वक्फ अधिकरण में दो अलग-अलग प्रकरण दायर किए हैं। दोनों मामलों में मेट्रो निर्माण पर तत्काल रोक लगाने की मांग की गई है। समुदाय के हिसाब से नहीं गिने जाए धर्मस्थल इसे लेकर सोमवार को हिंदू उत्सव समिति और संस्कृति बचाओ मंच आगे आए। अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी ने कहा कि अगर कब्रिस्तान और अन्य धर्म स्थल विकास कार्य में बाधक है और उन्हें नहीं हटाया जा रहा तो हिंदू धर्म स्थलों को भी हटाने नहीं दिया जाएगा। यदि विकास कार्य में बाधक बन रहे धर्मस्थलों को समुदाय के अनुसार गिना जाएगा तो इसे हिंदू उत्सव समिति बर्दाश्त नहीं करेगी। भोपाल में मेट्रो की जरूरत है या नहीं? यह विधायक तय नहीं करेंगे। सरकार जरूरत के हिसाब से तय करती है। हिंदू समाज हमेशा से सहयोगी भूमिका निभाकर विकास कार्य में अपना सहयोग प्रदान करता है किंतु अगर सिर्फ हिंदू समाज के धार्मिक स्थलों को हटाया जाएगा तो यह उचित नहीं होगा और इन्हें हिंदू उत्सव समिति हटाने नहीं देगी। अंडरग्राउंड मेट्रो लाइन पर यह है विवाद याचिका में हमीदिया रोड स्थित मासूमा तकिया अम्मनशाह, मस्जिद नूरानी, मुल्लाशाह और अन्य पंजीकृत वक्फ कब्रिस्तान क्षेत्रों के नीचे से अंडरग्राउंड मेट्रो लाइन निकालने की योजना पर आपत्ति दर्ज कराई गई है। याचिका में कहा गया है कि यह कब्रिस्तान न केवल ऐतिहासिक और धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि शहर के सबसे पुराने और बड़े कब्रिस्तानों में शुमार है, जहां हजारों की संख्या में कब्रें मौजूद हैं। नारियलखेड़ा: वक्फ जमीन पर ‘बिना अनुमति’ निर्माण का आरोप यह खबर भी पढ़ें… भोपाल में 3.39Km अंडरग्राउंड रहेगी मेट्रो, दो स्टेशन बनेंगे भोपाल मेट्रो के अंडरग्राउंड रूट के लिए सोमवार से जमीन के अंदर 24 मीटर गहराई में खुदाई शुरू कर दी गई। टनल बोरिंग मशीन (टीबीएम) के जरिए कुल 3.39 किलोमीटर लंबी सुरंग की खुदाई होगी। इसी में दो स्टेशन भी बनेंगे। पढ़ें पूरी खबर…