राजीव मितान क्लब योजना के लिए लगा युवा विकास उपकर

छत्तीसगढ़ संवाददाता रायपुर, 12 फरवरी। प्रदेश में अभिलेखों के पंजीयन शुल्क पर अधिरोपित रोजगार और युवा विकास उपकर को छत्तीसगढ़ रोजगार मिशन के साथ ही राजीव मितान क्लब योजना से संबंधित प्रयोजन के लिए था। उपकर लागू होने के बाद से अब तक कुल 48 करोड़ 5 लाख रूपए प्राप्त हो चुके हैं। यह जानकारी वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी। प्रश्नकाल में भाजपा सदस्य अजय चंद्राकर ने जानना चाहा कि पंजीयन विभाग के द्वारा, अभिलेखों के पंजीयन शुल्क पर अधिरोपित रोजगार एवं युवा विकास उपकर का उद्देश्य क्या है? इसके जवाब में वित्त मंत्री चौधरी ने बताया कि 30 नवम्बर 2023 की स्थिति में पंजीयन विभाग के द्वारा अभिलेखों के पंजीयन शुल्क पर अधिरोपित रोजगार एवं युवा विकास उपकर का उद्देश्य छत्तीसगढ़ रोजगार मिशन और राजीव मितान क्लब योजना से संबंधित प्रयोजनों के लिए है। उन्होंने बताया कि प्राप्त राशि छत्तीसगढ़ रोजगार मिशन, और राजीव मितान क्लब योजना से संबंधित प्रयोजनों के लिए उपयोजित की जानी है। यह उपकर 22 फरवरी 2023 से लागू होकर वर्तमान में प्रभावशील है। इस उपकर के लागू होने से 30 नवम्बर 2023 तक कुल 48 करोड़ 5 लाख की प्राप्ति हुई है।

राजीव मितान क्लब योजना के लिए लगा युवा विकास उपकर
छत्तीसगढ़ संवाददाता रायपुर, 12 फरवरी। प्रदेश में अभिलेखों के पंजीयन शुल्क पर अधिरोपित रोजगार और युवा विकास उपकर को छत्तीसगढ़ रोजगार मिशन के साथ ही राजीव मितान क्लब योजना से संबंधित प्रयोजन के लिए था। उपकर लागू होने के बाद से अब तक कुल 48 करोड़ 5 लाख रूपए प्राप्त हो चुके हैं। यह जानकारी वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी। प्रश्नकाल में भाजपा सदस्य अजय चंद्राकर ने जानना चाहा कि पंजीयन विभाग के द्वारा, अभिलेखों के पंजीयन शुल्क पर अधिरोपित रोजगार एवं युवा विकास उपकर का उद्देश्य क्या है? इसके जवाब में वित्त मंत्री चौधरी ने बताया कि 30 नवम्बर 2023 की स्थिति में पंजीयन विभाग के द्वारा अभिलेखों के पंजीयन शुल्क पर अधिरोपित रोजगार एवं युवा विकास उपकर का उद्देश्य छत्तीसगढ़ रोजगार मिशन और राजीव मितान क्लब योजना से संबंधित प्रयोजनों के लिए है। उन्होंने बताया कि प्राप्त राशि छत्तीसगढ़ रोजगार मिशन, और राजीव मितान क्लब योजना से संबंधित प्रयोजनों के लिए उपयोजित की जानी है। यह उपकर 22 फरवरी 2023 से लागू होकर वर्तमान में प्रभावशील है। इस उपकर के लागू होने से 30 नवम्बर 2023 तक कुल 48 करोड़ 5 लाख की प्राप्ति हुई है।