व्हाट्सएप पर राजनीतिक पोस्ट, पटवारी निलंबित

छत्तीसगढ़ संवाददाता बलरामपुर, 31 जुलाई। सोशल मीडिया पर राजनीतिक गतिविधियों से जुड़ी पोस्ट का प्रचार-प्रसार करना एक पटवारी को महंगा पड़ गया। बलरामपुर अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) ने हल्का पटवारी सम्प्रीत एक्का को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के उल्लंघन का दोषी पाए जाने पर तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। जारी आदेश के अनुसार, हल्का पटवारी क्रमांक-13, तहसील डौरा-कोचली में पदस्थ सम्प्रीत एक्का के विरुद्ध शिकायत प्राप्त हुई थी कि उन्होंने 25 जुलाई 2026 को अपने व्हाट्सएप अकाउंट के माध्यम से केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान के कथित इस्तीफे से संबंधित राजनीतिक पोस्ट का प्रचार-प्रसार किया। शिकायत मिलने के बाद कार्यालय द्वारा 26 जुलाई को कारण बताओ सूचना पत्र जारी कर पटवारी से जवाब मांगा गया। सम्प्रीत एक्का ने 28 जुलाई को उपस्थित होकर अपना जवाब प्रस्तुत किया, लेकिन सक्षम अधिकारी ने उसके जवाब को असंतोषजनक और समाधानकारक नहीं माना। आदेश में कहा गया है कि पटवारी का यह कृत्य छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम 5, 6 एवं 9 का उल्लंघन है। इसके चलते उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि के दौरान सम्प्रीत एक्का का मुख्यालय तहसील कार्यालय बलरामपुर निर्धारित किया गया है तथा नियमानुसार उन्हें जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा। आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।

व्हाट्सएप पर राजनीतिक पोस्ट, पटवारी निलंबित
छत्तीसगढ़ संवाददाता बलरामपुर, 31 जुलाई। सोशल मीडिया पर राजनीतिक गतिविधियों से जुड़ी पोस्ट का प्रचार-प्रसार करना एक पटवारी को महंगा पड़ गया। बलरामपुर अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) ने हल्का पटवारी सम्प्रीत एक्का को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के उल्लंघन का दोषी पाए जाने पर तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। जारी आदेश के अनुसार, हल्का पटवारी क्रमांक-13, तहसील डौरा-कोचली में पदस्थ सम्प्रीत एक्का के विरुद्ध शिकायत प्राप्त हुई थी कि उन्होंने 25 जुलाई 2026 को अपने व्हाट्सएप अकाउंट के माध्यम से केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान के कथित इस्तीफे से संबंधित राजनीतिक पोस्ट का प्रचार-प्रसार किया। शिकायत मिलने के बाद कार्यालय द्वारा 26 जुलाई को कारण बताओ सूचना पत्र जारी कर पटवारी से जवाब मांगा गया। सम्प्रीत एक्का ने 28 जुलाई को उपस्थित होकर अपना जवाब प्रस्तुत किया, लेकिन सक्षम अधिकारी ने उसके जवाब को असंतोषजनक और समाधानकारक नहीं माना। आदेश में कहा गया है कि पटवारी का यह कृत्य छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम 5, 6 एवं 9 का उल्लंघन है। इसके चलते उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि के दौरान सम्प्रीत एक्का का मुख्यालय तहसील कार्यालय बलरामपुर निर्धारित किया गया है तथा नियमानुसार उन्हें जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा। आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।