कोण्डागांव पुलिस की नि:शुल्क कोचिंग से बढ़ा आत्मविश्वास
छत्तीसगढ़ संवाददाता
कोण्डागांव, 18 जून। प्रतियोगी परीक्षाओं और यूनिफॉर्म सेवाओं में करियर बनाने का सपना देखने वाले ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के युवाओं के लिए कोण्डागांव पुलिस का आरोहण अभियान नई उम्मीद लेकर आया है। जिला पुलिस द्वारा शुरू किए गए इस निशुल्क प्रशिक्षण कार्यक्रम में वर्तमान में लगभग 60 अभ्यर्थी नियमित रूप से अध्ययन और शारीरिक प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। पुलिस अधीक्षक पंकज चंद्रा के मार्गदर्शन में संचालित इस पहल का उद्देश्य उन युवाओं तक गुणवत्तापूर्ण कोचिंग पहुंचाना है, जो संसाधनों और महंगी कोचिंग संस्थाओं के अभाव में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी नहीं कर पाते। कार्यक्रम के तहत व्यापम, पीएससी, पुलिस भर्ती, बस्तर फाइटर्स, अग्निवीर तथा अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराई जा रही है, वहीं पुलिस लाइन में भर्ती परीक्षाओं के लिए आवश्यक शारीरिक प्रशिक्षण की भी व्यवस्था की गई है।
पुलिस अधीक्षक पंकज चंद्रा ने बताया कि, जिले के अनेक प्रतिभाशाली युवा शारीरिक दक्षता में तो बेहतर प्रदर्शन कर लेते हैं, लेकिन लिखित परीक्षा में उचित मार्गदर्शन और अध्ययन सामग्री के अभाव में पीछे रह जाते हैं। इसी आवश्यकता को देखते हुए आरोहण अभियान शुरू किया गया। उन्होंने बताया कि शुरुआत में 16-17 अभ्यर्थियों के साथ शुरू हुई यह पहल अब 60 से अधिक युवाओं तक पहुंच चुकी है। पुलिस विभाग का प्रयास है कि, जिले का प्रत्येक इच्छुक युवा प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता हासिल कर सके। उन्होंने यह भी बताया कि पूर्व में इस प्रकार के प्रशिक्षण से जुड़े 60 में से 35 अभ्यर्थियों का चयन विभिन्न भर्तियों में हुआ था, जिससे अभियान की उपयोगिता साबित हुई है।
इस पहल का लाभ उठा रही फरसगांव क्षेत्र की छात्रा सत्यवंती नेताम बताती हैं कि, वह वर्तमान में स्नातकोत्तर की पढ़ाई कर रही हैं और व्यापम सहित अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही हैं। उनके अनुसार विज्ञान वर्ग की छात्रा होने के कारण सामान्य ज्ञान और गणित जैसे विषयों में उन्हें कठिनाई महसूस होती थी, लेकिन आरोहण में विषयों को सरल और व्यवस्थित तरीके से पढ़ाया जा रहा है। अभ्यास प्रश्नों और नियमित मार्गदर्शन से उनकी समझ और आत्मविश्वास दोनों बढ़े हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग द्वारा निशुल्क कोचिंग उपलब्ध कराना युवाओं के भविष्य के लिए एक बड़ा अवसर है।
शामपुर की सरस्वती ठाकुर भी इस अभियान को अपने सपनों को साकार करने का माध्यम मानती हैं। उन्होंने बताया कि, वह पुलिस विभाग में भर्ती होकर देश और समाज की सेवा करना चाहती हैं। आरोहण के माध्यम से उन्हें न केवल पढ़ाई की सुविधा मिल रही है, बल्कि अनुभवी प्रशिक्षकों द्वारा निशुल्क शारीरिक प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। उनका कहना है कि आर्थिक बोझ के बिना प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर पाना उनके जैसे अनेक युवाओं के लिए बड़ी राहत है और इससे लक्ष्य प्राप्ति का विश्वास मजबूत हुआ है।
इस अभियान का लाभ केवल छात्र-छात्राएं ही नहीं, बल्कि पुलिस विभाग के कर्मचारी भी उठा रहे हैं।
पुलिस लाइन में पदस्थ आरक्षक संदीप कुमार पोयाम ने बताया कि उन्होंने सब-इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा के लिए आवेदन किया है। ड्यूटी की व्यस्तता के कारण नियमित कोचिंग लेना संभव नहीं था, लेकिन अब खाली समय में आरोहण के माध्यम से निशुल्क अध्ययन कर पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह पहल उन लोगों के लिए भी बेहद उपयोगी है जो नौकरी करते हुए उच्च पदों के लिए तैयारी करना चाहते हैं।
जिला पुलिस का मानना है कि शिक्षा, मार्गदर्शन और सकारात्मक वातावरण युवाओं के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकते हैं। यही कारण है कि आरोहण अभियान को केवल एक कोचिंग कार्यक्रम नहीं, बल्कि युवा सशक्तिकरण और करियर निर्माण की पहल के रूप में देखा जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का विश्वास है कि आने वाले समय में इस अभियान से तैयार होने वाले युवा विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता हासिल कर जिले और प्रदेश का नाम रोशन करेंगे।
कोण्डागांव पुलिस की नि:शुल्क कोचिंग से बढ़ा आत्मविश्वास
छत्तीसगढ़ संवाददाता
कोण्डागांव, 18 जून। प्रतियोगी परीक्षाओं और यूनिफॉर्म सेवाओं में करियर बनाने का सपना देखने वाले ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के युवाओं के लिए कोण्डागांव पुलिस का आरोहण अभियान नई उम्मीद लेकर आया है। जिला पुलिस द्वारा शुरू किए गए इस निशुल्क प्रशिक्षण कार्यक्रम में वर्तमान में लगभग 60 अभ्यर्थी नियमित रूप से अध्ययन और शारीरिक प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। पुलिस अधीक्षक पंकज चंद्रा के मार्गदर्शन में संचालित इस पहल का उद्देश्य उन युवाओं तक गुणवत्तापूर्ण कोचिंग पहुंचाना है, जो संसाधनों और महंगी कोचिंग संस्थाओं के अभाव में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी नहीं कर पाते। कार्यक्रम के तहत व्यापम, पीएससी, पुलिस भर्ती, बस्तर फाइटर्स, अग्निवीर तथा अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराई जा रही है, वहीं पुलिस लाइन में भर्ती परीक्षाओं के लिए आवश्यक शारीरिक प्रशिक्षण की भी व्यवस्था की गई है।
पुलिस अधीक्षक पंकज चंद्रा ने बताया कि, जिले के अनेक प्रतिभाशाली युवा शारीरिक दक्षता में तो बेहतर प्रदर्शन कर लेते हैं, लेकिन लिखित परीक्षा में उचित मार्गदर्शन और अध्ययन सामग्री के अभाव में पीछे रह जाते हैं। इसी आवश्यकता को देखते हुए आरोहण अभियान शुरू किया गया। उन्होंने बताया कि शुरुआत में 16-17 अभ्यर्थियों के साथ शुरू हुई यह पहल अब 60 से अधिक युवाओं तक पहुंच चुकी है। पुलिस विभाग का प्रयास है कि, जिले का प्रत्येक इच्छुक युवा प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता हासिल कर सके। उन्होंने यह भी बताया कि पूर्व में इस प्रकार के प्रशिक्षण से जुड़े 60 में से 35 अभ्यर्थियों का चयन विभिन्न भर्तियों में हुआ था, जिससे अभियान की उपयोगिता साबित हुई है।
इस पहल का लाभ उठा रही फरसगांव क्षेत्र की छात्रा सत्यवंती नेताम बताती हैं कि, वह वर्तमान में स्नातकोत्तर की पढ़ाई कर रही हैं और व्यापम सहित अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही हैं। उनके अनुसार विज्ञान वर्ग की छात्रा होने के कारण सामान्य ज्ञान और गणित जैसे विषयों में उन्हें कठिनाई महसूस होती थी, लेकिन आरोहण में विषयों को सरल और व्यवस्थित तरीके से पढ़ाया जा रहा है। अभ्यास प्रश्नों और नियमित मार्गदर्शन से उनकी समझ और आत्मविश्वास दोनों बढ़े हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग द्वारा निशुल्क कोचिंग उपलब्ध कराना युवाओं के भविष्य के लिए एक बड़ा अवसर है।
शामपुर की सरस्वती ठाकुर भी इस अभियान को अपने सपनों को साकार करने का माध्यम मानती हैं। उन्होंने बताया कि, वह पुलिस विभाग में भर्ती होकर देश और समाज की सेवा करना चाहती हैं। आरोहण के माध्यम से उन्हें न केवल पढ़ाई की सुविधा मिल रही है, बल्कि अनुभवी प्रशिक्षकों द्वारा निशुल्क शारीरिक प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। उनका कहना है कि आर्थिक बोझ के बिना प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर पाना उनके जैसे अनेक युवाओं के लिए बड़ी राहत है और इससे लक्ष्य प्राप्ति का विश्वास मजबूत हुआ है।
इस अभियान का लाभ केवल छात्र-छात्राएं ही नहीं, बल्कि पुलिस विभाग के कर्मचारी भी उठा रहे हैं।
पुलिस लाइन में पदस्थ आरक्षक संदीप कुमार पोयाम ने बताया कि उन्होंने सब-इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा के लिए आवेदन किया है। ड्यूटी की व्यस्तता के कारण नियमित कोचिंग लेना संभव नहीं था, लेकिन अब खाली समय में आरोहण के माध्यम से निशुल्क अध्ययन कर पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह पहल उन लोगों के लिए भी बेहद उपयोगी है जो नौकरी करते हुए उच्च पदों के लिए तैयारी करना चाहते हैं।
जिला पुलिस का मानना है कि शिक्षा, मार्गदर्शन और सकारात्मक वातावरण युवाओं के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकते हैं। यही कारण है कि आरोहण अभियान को केवल एक कोचिंग कार्यक्रम नहीं, बल्कि युवा सशक्तिकरण और करियर निर्माण की पहल के रूप में देखा जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का विश्वास है कि आने वाले समय में इस अभियान से तैयार होने वाले युवा विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता हासिल कर जिले और प्रदेश का नाम रोशन करेंगे।