तराना में ओलावृष्टि से फसल बर्बाद, किसान ने फांसी लगाई:2 माह बाद होनी थी बहन की शादी, सुसाइड से पहले लगाया स्टेटस

उज्जैन जिले की तराना तहसील के गांवों में मंगलवार शाम तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि से गेहूं की फसल को भारी नुकसान हुआ है। फसल पूरी तरह बर्बाद होने से आहत एक किसान ने आत्महत्या कर ली। खेड़ा जामुनिया गांव के 30 वर्षीय किसान पंकज मालवीय की करीब 6 बीघा जमीन पर लगी गेहूं की फसल ओलावृष्टि में नष्ट हो गई थी। परिजनों के अनुसार, फसल खराब होने के बाद से पंकज काफी परेशान था और मंगलवार रात घर नहीं लौटा। बुधवार सुबह जब परिवार के लोग खेत पहुंचे तो उसका शव मिला। परिवार ने बताया कि घटना से पहले पंकज ने अपनी खराब फसल का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर स्टेटस लगाया था और वह शाम से ही मानसिक तनाव में थे। किसान की मौत की सूचना मिलने पर क्षेत्रीय विधायक महेश परमार पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे और सरकार से 50 लाख रुपए मुआवजा देने की मांग की। अप्रैल में बहन की शादी थी- मृतक के समधी ईश्वर लाल परमार ने बताया कि दो दिन पहले पंकज की बहन की सगाई हुई थी और अप्रैल में शादी होनी थी। पंकज शादी की तैयारियों में जुटा हुआ था। ईश्वर लाल के अनुसार, ओलावृष्टि के बाद शाम करीब सात बजे पंकज ने उन्हें फोन किया था। उसने फसल बर्बाद होने के कारण बहन की शादी को लेकर चिंता जताई और कहा कि अब शादी कैसे हो पाएगी, जबकि बयाना भी दे चुका है। उन्होंने पंकज को समझाया कि सब मिलकर व्यवस्था कर लेंगे और चिंता न करे, लेकिन इसके बावजूद उसने यह बड़ा कदम उठा लिया। 50 लाख मुआवजे की मांग- विधायक महेश परमार ने बताया कि किसान ने फसल बर्बाद होने के चलते आत्महत्या बड़ा कदम उठाया है। सांत्वना देने आया था। हम एसडीएम कार्यालय का घेराव कर किसान के परिवार को 50 लाख रुपए मुआवजा देने की मांग करेंगे।

तराना में ओलावृष्टि से फसल बर्बाद, किसान ने फांसी लगाई:2 माह बाद होनी थी बहन की शादी, सुसाइड से पहले लगाया स्टेटस
उज्जैन जिले की तराना तहसील के गांवों में मंगलवार शाम तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि से गेहूं की फसल को भारी नुकसान हुआ है। फसल पूरी तरह बर्बाद होने से आहत एक किसान ने आत्महत्या कर ली। खेड़ा जामुनिया गांव के 30 वर्षीय किसान पंकज मालवीय की करीब 6 बीघा जमीन पर लगी गेहूं की फसल ओलावृष्टि में नष्ट हो गई थी। परिजनों के अनुसार, फसल खराब होने के बाद से पंकज काफी परेशान था और मंगलवार रात घर नहीं लौटा। बुधवार सुबह जब परिवार के लोग खेत पहुंचे तो उसका शव मिला। परिवार ने बताया कि घटना से पहले पंकज ने अपनी खराब फसल का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर स्टेटस लगाया था और वह शाम से ही मानसिक तनाव में थे। किसान की मौत की सूचना मिलने पर क्षेत्रीय विधायक महेश परमार पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे और सरकार से 50 लाख रुपए मुआवजा देने की मांग की। अप्रैल में बहन की शादी थी- मृतक के समधी ईश्वर लाल परमार ने बताया कि दो दिन पहले पंकज की बहन की सगाई हुई थी और अप्रैल में शादी होनी थी। पंकज शादी की तैयारियों में जुटा हुआ था। ईश्वर लाल के अनुसार, ओलावृष्टि के बाद शाम करीब सात बजे पंकज ने उन्हें फोन किया था। उसने फसल बर्बाद होने के कारण बहन की शादी को लेकर चिंता जताई और कहा कि अब शादी कैसे हो पाएगी, जबकि बयाना भी दे चुका है। उन्होंने पंकज को समझाया कि सब मिलकर व्यवस्था कर लेंगे और चिंता न करे, लेकिन इसके बावजूद उसने यह बड़ा कदम उठा लिया। 50 लाख मुआवजे की मांग- विधायक महेश परमार ने बताया कि किसान ने फसल बर्बाद होने के चलते आत्महत्या बड़ा कदम उठाया है। सांत्वना देने आया था। हम एसडीएम कार्यालय का घेराव कर किसान के परिवार को 50 लाख रुपए मुआवजा देने की मांग करेंगे।