नेशनल हेराल्ड को विज्ञापन देने पर विधानसभा में सवाल
नेशनल हेराल्ड को विज्ञापन देने पर विधानसभा में सवाल
छत्तीसगढ़ संवाददाता
रायपुर, 10 मार्च।विधानसभा में मंगलवार को पत्र-पत्रिकाओं को दिए गए विज्ञापनों को लेकर सवाल उठा। भाजपा सदस्यों ने आरोप लगाया कि पिछली सरकार में नीति के खिलाफ राजनीतिक दल के मुख्य पत्र नेशनल हेराल्ड, और नवजीवन मैगजीन को करीब सवा चार करोड़ के विज्ञापन दिए गए। इस पर सीएम विष्णु देव साय परीक्षण कराने का भरोसा दिलाया।
भाजपा सदस्य सुशांत शुक्ला ने वर्ष 2019-20 से 2025-26 के बीच नेशनल हेराल्ड और नवसृजन मैगज़ीन को विज्ञापन मद में दी गई राशि, उनके कार्यालय और संचालन के संबंध में जानकारी मांगी।
मुख्यमंत्री ने अपने जवाब में बताया कि नेशनल हेराल्ड को वर्ष 2019-20 में 34 लाख रुपये, 2020-21 में 58 लाख रुपये, 2021-22 में 68 लाख रुपये, 2022-23 में 1 करोड़ 28 लाख रुपये और 2023-24 में 1 करोड़ 36 लाख रुपये विज्ञापन के रूप में दिए गए। वर्ष 2024-25 और 2025-26 में कोई राशि नहीं दी गई है। उन्होंने यह भी बताया कि नवसृजन मैगज़ीन को इस अवधि में कोई भुगतान नहीं किया गया।
भाजपा सदस्य ने कहा कि नेशनल हेराल्ड का प्रकाशन वर्ष-2008 से बंद है। इसके अलावा बाद में साप्ताहिक नवजीवन मैगजीन 2017 में रजिस्ट्रर्ड हुआ। उन्होंने विज्ञापन की राशि, और प्रबंधन को लेकर जानकारी चाही।
इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि नेशनल हेराल्ड के प्रबंधकर्ता पवन बंसल हैं और इसके मुखिया कौन हैं, यह पूरा देश जानता है। उन्होंने यह भी बताया कि संडे नवजीवन को 3 करोड़ 6 लाख रुपये के विज्ञापन दिए गए हैं।
पूरक प्रश्न में सुशांत शुक्ला ने पूछा कि क्या सरकार किसी राजनीतिक दल के विचारों के मुखपत्र को विज्ञापन के रूप में राशि दे सकती है और यदि ऐसा किया गया है तो क्या जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जाएगी। भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने भी सवाल उठाते हुए पूछा कि यह राशि किस नीति के तहत दी गई और क्या इसकी जांच कराई जाएगी। मुख्यमंत्री ने जवाब में कहा कि विज्ञापन प्रति पृष्ठ 8 लाख रुपये की दर से दिए गए हैं और यह सब विज्ञापन नियमावली 2019 के प्रावधानों के तहत किया गया है।
छत्तीसगढ़ संवाददाता
रायपुर, 10 मार्च।विधानसभा में मंगलवार को पत्र-पत्रिकाओं को दिए गए विज्ञापनों को लेकर सवाल उठा। भाजपा सदस्यों ने आरोप लगाया कि पिछली सरकार में नीति के खिलाफ राजनीतिक दल के मुख्य पत्र नेशनल हेराल्ड, और नवजीवन मैगजीन को करीब सवा चार करोड़ के विज्ञापन दिए गए। इस पर सीएम विष्णु देव साय परीक्षण कराने का भरोसा दिलाया।
भाजपा सदस्य सुशांत शुक्ला ने वर्ष 2019-20 से 2025-26 के बीच नेशनल हेराल्ड और नवसृजन मैगज़ीन को विज्ञापन मद में दी गई राशि, उनके कार्यालय और संचालन के संबंध में जानकारी मांगी।
मुख्यमंत्री ने अपने जवाब में बताया कि नेशनल हेराल्ड को वर्ष 2019-20 में 34 लाख रुपये, 2020-21 में 58 लाख रुपये, 2021-22 में 68 लाख रुपये, 2022-23 में 1 करोड़ 28 लाख रुपये और 2023-24 में 1 करोड़ 36 लाख रुपये विज्ञापन के रूप में दिए गए। वर्ष 2024-25 और 2025-26 में कोई राशि नहीं दी गई है। उन्होंने यह भी बताया कि नवसृजन मैगज़ीन को इस अवधि में कोई भुगतान नहीं किया गया।
भाजपा सदस्य ने कहा कि नेशनल हेराल्ड का प्रकाशन वर्ष-2008 से बंद है। इसके अलावा बाद में साप्ताहिक नवजीवन मैगजीन 2017 में रजिस्ट्रर्ड हुआ। उन्होंने विज्ञापन की राशि, और प्रबंधन को लेकर जानकारी चाही।
इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि नेशनल हेराल्ड के प्रबंधकर्ता पवन बंसल हैं और इसके मुखिया कौन हैं, यह पूरा देश जानता है। उन्होंने यह भी बताया कि संडे नवजीवन को 3 करोड़ 6 लाख रुपये के विज्ञापन दिए गए हैं।
पूरक प्रश्न में सुशांत शुक्ला ने पूछा कि क्या सरकार किसी राजनीतिक दल के विचारों के मुखपत्र को विज्ञापन के रूप में राशि दे सकती है और यदि ऐसा किया गया है तो क्या जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जाएगी। भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने भी सवाल उठाते हुए पूछा कि यह राशि किस नीति के तहत दी गई और क्या इसकी जांच कराई जाएगी। मुख्यमंत्री ने जवाब में कहा कि विज्ञापन प्रति पृष्ठ 8 लाख रुपये की दर से दिए गए हैं और यह सब विज्ञापन नियमावली 2019 के प्रावधानों के तहत किया गया है।