राज्यसभा सांसद नारण राठवा अपने बेटे संग BJP में हुए शामिल

अहमदाबाद। राज्यसभा सदस्य और पूर्व केंद्रीय मंत्री नारण राठवा ने भी कांग्रेस का दामन छोड़ भाजपा का हाथ पकड़ लिया है। नारण राठवा का राज्यसभा का कार्यकाल पूरा होने में अभी कुछ दिन बाकी है। राठवा ने अपने बेटे संग्राम सिंह के साथ गांधीनगर स्थित भाजपा के प्रदेश कार्यालय कमलम् में सदस्यता ग्रहण की। आदिवासी समुदाय से आने वाले कांग्रेस के कद्दावर नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री नारण राठवा का राज्यसभा सदस्य के रूप में कार्यकाल इस साल अप्रैल में समाप्त होने वाला है। उन्होंने राजनीति की शुरुआत कांग्रेस से की। वह पांच बार लोकसभा के लिए चुने गए - पहली बार 1989 में, फिर 1991, 1996, 1998 और 2004 में। वह 2004 से 2009 तक यूपीए-1 में रेल राज्य मंत्री रहे। 2009 के लोकसभा चुनाव में वह भाजपा के रामसिंह राठवा से हार गए। फिर वह कांग्रेस से राज्यसभा सांसद बने। नारण राठवा के शामिल होने के मौके पर गुजरात भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सीआर पाटिल ने कहा कि उनका राज्यसभा का कार्यकाल बाकी है, लेकिन फिर भी वे शामिल हो रहे हैं। पाटिल ने राठवा और अन्य को भगवा रंग का पट्टा और टोपियां भेंट कर पार्टी में शामिल किया।

राज्यसभा सांसद नारण राठवा अपने बेटे संग BJP में हुए शामिल
अहमदाबाद। राज्यसभा सदस्य और पूर्व केंद्रीय मंत्री नारण राठवा ने भी कांग्रेस का दामन छोड़ भाजपा का हाथ पकड़ लिया है। नारण राठवा का राज्यसभा का कार्यकाल पूरा होने में अभी कुछ दिन बाकी है। राठवा ने अपने बेटे संग्राम सिंह के साथ गांधीनगर स्थित भाजपा के प्रदेश कार्यालय कमलम् में सदस्यता ग्रहण की। आदिवासी समुदाय से आने वाले कांग्रेस के कद्दावर नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री नारण राठवा का राज्यसभा सदस्य के रूप में कार्यकाल इस साल अप्रैल में समाप्त होने वाला है। उन्होंने राजनीति की शुरुआत कांग्रेस से की। वह पांच बार लोकसभा के लिए चुने गए - पहली बार 1989 में, फिर 1991, 1996, 1998 और 2004 में। वह 2004 से 2009 तक यूपीए-1 में रेल राज्य मंत्री रहे। 2009 के लोकसभा चुनाव में वह भाजपा के रामसिंह राठवा से हार गए। फिर वह कांग्रेस से राज्यसभा सांसद बने। नारण राठवा के शामिल होने के मौके पर गुजरात भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सीआर पाटिल ने कहा कि उनका राज्यसभा का कार्यकाल बाकी है, लेकिन फिर भी वे शामिल हो रहे हैं। पाटिल ने राठवा और अन्य को भगवा रंग का पट्टा और टोपियां भेंट कर पार्टी में शामिल किया।