छत्तीसगढ़ संवाददाता
दंतेवाड़ा, 25 जून। दंतेवाड़ा पुलिस ने लाखों रुपये की साइबर ठगी करने वाले एक अंतरराज्यीय नेटवर्क का खुलासा किया है। मामले में पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर केरल से तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया, जहाँ से उन्हें 27 जून तक न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
पुलिस के अनुसार, यह नेटवर्क साइबर ठगी की रकम के लेन-देन के लिए बैंक खाते, एटीएम और सिम कार्ड किराए पर लेने या कमीशन पर उपलब्ध कराने का काम करता था।
61 लाख से अधिक की ठगी की शिकायत पर हुई कार्रवाई
मामले का खुलासा तब हुआ, जब प्रार्थी भूपेंद्र तेलामी (निवासी ग्राम हारमपारा, गीदम) ने शिकायत दर्ज कराई कि अज्ञात व्यक्तियों द्वारा ऑनलाइन टास्क और निवेश का झांसा देकर विभिन्न बैंक खातों में राशि जमा कराई गई और उनके साथ ?61,06,592 की ठगी की गई। शिकायत पर थाना गीदम में अपराध क्रमांक 27/2025, भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) एवं 66(डी) आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर विवेचना में लिया गया था।
गृह मंत्रालय के समन्वय पोर्टल और पुलिस मुख्यालय से प्राप्त तकनीकी इनपुट्स के आधार पर पुलिस ने बैंक खातों का विश्लेषण किया। इससे पहले भी इस प्रकरण से जुड़े कुछ संदेहियों को महाराष्ट्र, राजस्थान, दिल्ली और केरल से गिरफ्तार किया जा चुका है। शेष फरार लोगों की तलाश के लिए गठित विशेष टीम ने केरल के कोझिकोड जिले में दबिश देकर तीन और लोगों को हिरासत में लिया।
पूछताछ के दौरान आरोपी मुहम्मद नीजाज आर.एम. ने स्वीकार किया कि उसके नाम सहित विभिन्न बैंकों में अनेक खाते संचालित थे, जिनका उपयोग साइबर ठगी से प्राप्त रकम के लेन-देन, ऑनलाइन ट्रांसफर एवं नकद निकासी के लिए किया जाता था। आरोपी के पास विभिन्न बैंकों के 7-8 खाते होने की जानकारी प्राप्त हुई है।
उल्लेखनीय है कि ट्रांजिट रिमांड पर छत्तीसगढ़ लाते समय 20 जून 2026 को यह संदेही केरल के मलाबार क्षेत्र के एक लॉज से सुरक्षाकर्मियों को चकमा देकर फरार हो गया था, जिसे स्थानीय पुलिस की मदद से 21 जून को पुन: गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी अभिनव श्रीनिवास ने अपने परिचितों के नाम पर खाते खुलवाकर ठगी की राशि प्राप्त की और कमीशन के बदले उस रकम को क्रिप्टो करेंसी के माध्यम से आगे ट्रांसफर करने की बात स्वीकार की है।
आरोपी मुहम्मद साहिल द्वारा भी अपने बैंक खाते का उपयोग साइबर ठगी की राशि के लेन-देन और निकासी के लिए करने की जानकारी सामने आई है।
छत्तीसगढ़ संवाददाता
दंतेवाड़ा, 25 जून। दंतेवाड़ा पुलिस ने लाखों रुपये की साइबर ठगी करने वाले एक अंतरराज्यीय नेटवर्क का खुलासा किया है। मामले में पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर केरल से तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया, जहाँ से उन्हें 27 जून तक न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
पुलिस के अनुसार, यह नेटवर्क साइबर ठगी की रकम के लेन-देन के लिए बैंक खाते, एटीएम और सिम कार्ड किराए पर लेने या कमीशन पर उपलब्ध कराने का काम करता था।
61 लाख से अधिक की ठगी की शिकायत पर हुई कार्रवाई
मामले का खुलासा तब हुआ, जब प्रार्थी भूपेंद्र तेलामी (निवासी ग्राम हारमपारा, गीदम) ने शिकायत दर्ज कराई कि अज्ञात व्यक्तियों द्वारा ऑनलाइन टास्क और निवेश का झांसा देकर विभिन्न बैंक खातों में राशि जमा कराई गई और उनके साथ ?61,06,592 की ठगी की गई। शिकायत पर थाना गीदम में अपराध क्रमांक 27/2025, भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) एवं 66(डी) आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर विवेचना में लिया गया था।
गृह मंत्रालय के समन्वय पोर्टल और पुलिस मुख्यालय से प्राप्त तकनीकी इनपुट्स के आधार पर पुलिस ने बैंक खातों का विश्लेषण किया। इससे पहले भी इस प्रकरण से जुड़े कुछ संदेहियों को महाराष्ट्र, राजस्थान, दिल्ली और केरल से गिरफ्तार किया जा चुका है। शेष फरार लोगों की तलाश के लिए गठित विशेष टीम ने केरल के कोझिकोड जिले में दबिश देकर तीन और लोगों को हिरासत में लिया।
पूछताछ के दौरान आरोपी मुहम्मद नीजाज आर.एम. ने स्वीकार किया कि उसके नाम सहित विभिन्न बैंकों में अनेक खाते संचालित थे, जिनका उपयोग साइबर ठगी से प्राप्त रकम के लेन-देन, ऑनलाइन ट्रांसफर एवं नकद निकासी के लिए किया जाता था। आरोपी के पास विभिन्न बैंकों के 7-8 खाते होने की जानकारी प्राप्त हुई है।
उल्लेखनीय है कि ट्रांजिट रिमांड पर छत्तीसगढ़ लाते समय 20 जून 2026 को यह संदेही केरल के मलाबार क्षेत्र के एक लॉज से सुरक्षाकर्मियों को चकमा देकर फरार हो गया था, जिसे स्थानीय पुलिस की मदद से 21 जून को पुन: गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी अभिनव श्रीनिवास ने अपने परिचितों के नाम पर खाते खुलवाकर ठगी की राशि प्राप्त की और कमीशन के बदले उस रकम को क्रिप्टो करेंसी के माध्यम से आगे ट्रांसफर करने की बात स्वीकार की है।
आरोपी मुहम्मद साहिल द्वारा भी अपने बैंक खाते का उपयोग साइबर ठगी की राशि के लेन-देन और निकासी के लिए करने की जानकारी सामने आई है।