24 डिसमिल के नाम पर 3.17 एकड़ जमीन की रजिस्ट्री का आरोप, ग्रामीणों संग बुजुर्ग महिला पहुंची कलेक्टोरेट

छत्तीसगढ़ संवाददाता अंबिकापुर, 18 मई। सरगुजा जिले में कथित जमीन घोटाले का मामला सामने आया है, जहां एक बुजुर्ग महिला ने धोखाधड़ी कर उसकी 24 डिसमिल भूमि की बजाय 3 एकड़ 17 डिसमिल जमीन की रजिस्ट्री कराने का आरोप लगाया है। मामले को लेकर सोमवार को बड़ी संख्या में ग्रामीणों के साथ पीडि़त महिला कलेक्ट्रेट पहुंची और प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की। जानकारी के मुताबिक भिठीकला महुआ टिकरा निवासी सावित्री यादव, आनंद यादव एवं अन्य परिजनों द्वारा कलेक्टर को सौंपे गए ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि गांव के डोमन राजवाड़े सहित अन्य भू-माफियाओं ने कम जमीन बेचने का भरोसा देकर दस्तावेजों में अधिक भूमि दर्ज करा ली। ग्रामीणों का कहना है कि करोड़ों रुपये मूल्य की भूमि को बेहद कम कीमत में खरीद लिया गया। बताया जा रहा है कि जमीन बीएम फूड से जुड़े लोगों द्वारा पुष्पा अग्रवाल नामक महिला के नाम पर खरीदी गई है। ग्रामीणों के अनुसार पटवारी प्रतिवेदन में केवल 24 डिसमिल भूमि का उल्लेख था, लेकिन उप पंजीयन कार्यालय में 3.17 एकड़ जमीन की रजिस्ट्री कर दी गई। मामले में मुख्तार, स्टांप वेंडर, उप पंजीयन कार्यालय और अन्य अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए हैं। पीडि़त पक्ष के आनंद यादव ने बताया कि 14 मई 2026 को रजिस्ट्री हुई थी। अगले दिन कंप्यूटर रिकॉर्ड में पूरी जमीन दर्ज दिखाई देने पर कथित गड़बड़ी की जानकारी मिली। ग्रामीणों ने मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। इधर, सरगुजा कलेक्टर अजीत बसंत ने मामले को लेकर कहा कि रजिस्ट्री निरस्त करने का अधिकार सिविल कोर्ट को है, उन्हें वहां जाने की सलाह दी गई है। जमीन के नामांतरण को लेकर कलेक्टर ने कहा कि इसमें कोई त्रुटि है तो अनुविभागीय अधिकारी द्वारा इस पर कार्रवाई की जाएगी। अनुविभागीय अधिकारी बन सिंह नेताम ने कहा कि शिकायत मिली है, मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी। वहीं ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि जल्द कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन तेज किया जाएगा।

24 डिसमिल के नाम पर 3.17 एकड़ जमीन की रजिस्ट्री का आरोप, ग्रामीणों संग बुजुर्ग महिला पहुंची कलेक्टोरेट
छत्तीसगढ़ संवाददाता अंबिकापुर, 18 मई। सरगुजा जिले में कथित जमीन घोटाले का मामला सामने आया है, जहां एक बुजुर्ग महिला ने धोखाधड़ी कर उसकी 24 डिसमिल भूमि की बजाय 3 एकड़ 17 डिसमिल जमीन की रजिस्ट्री कराने का आरोप लगाया है। मामले को लेकर सोमवार को बड़ी संख्या में ग्रामीणों के साथ पीडि़त महिला कलेक्ट्रेट पहुंची और प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की। जानकारी के मुताबिक भिठीकला महुआ टिकरा निवासी सावित्री यादव, आनंद यादव एवं अन्य परिजनों द्वारा कलेक्टर को सौंपे गए ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि गांव के डोमन राजवाड़े सहित अन्य भू-माफियाओं ने कम जमीन बेचने का भरोसा देकर दस्तावेजों में अधिक भूमि दर्ज करा ली। ग्रामीणों का कहना है कि करोड़ों रुपये मूल्य की भूमि को बेहद कम कीमत में खरीद लिया गया। बताया जा रहा है कि जमीन बीएम फूड से जुड़े लोगों द्वारा पुष्पा अग्रवाल नामक महिला के नाम पर खरीदी गई है। ग्रामीणों के अनुसार पटवारी प्रतिवेदन में केवल 24 डिसमिल भूमि का उल्लेख था, लेकिन उप पंजीयन कार्यालय में 3.17 एकड़ जमीन की रजिस्ट्री कर दी गई। मामले में मुख्तार, स्टांप वेंडर, उप पंजीयन कार्यालय और अन्य अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए हैं। पीडि़त पक्ष के आनंद यादव ने बताया कि 14 मई 2026 को रजिस्ट्री हुई थी। अगले दिन कंप्यूटर रिकॉर्ड में पूरी जमीन दर्ज दिखाई देने पर कथित गड़बड़ी की जानकारी मिली। ग्रामीणों ने मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। इधर, सरगुजा कलेक्टर अजीत बसंत ने मामले को लेकर कहा कि रजिस्ट्री निरस्त करने का अधिकार सिविल कोर्ट को है, उन्हें वहां जाने की सलाह दी गई है। जमीन के नामांतरण को लेकर कलेक्टर ने कहा कि इसमें कोई त्रुटि है तो अनुविभागीय अधिकारी द्वारा इस पर कार्रवाई की जाएगी। अनुविभागीय अधिकारी बन सिंह नेताम ने कहा कि शिकायत मिली है, मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी। वहीं ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि जल्द कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन तेज किया जाएगा।