खरगोन में अधिकारी-कर्मचारी संयुक्त मोर्चा का आंदोलन शुरू:पदोन्नति, ओल्ड पेंशन सहित 16 मांगों को लेकर रैली निकालकर की नारेबाजी

मध्य प्रदेश में सरकारी कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर बड़ा आंदोलन शुरू कर दिया है। अधिकारी-कर्मचारी संयुक्त मोर्चा के बैनर तले कर्मचारियों ने गुरुवार को जिला मुख्यालय पर रैली निकाली और जमकर नारेबाजी की। मोर्चा के जिलाध्यक्ष सुधीर शर्मा के नेतृत्व में कर्मचारियों ने संयुक्त कलेक्टर हेमलता सोलंकी को मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा। कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में 2016 से बंद पदोन्नति को फिर से शुरू करना और पात्रता दिनांक से पदोन्नति का लाभ देना शामिल है। मोर्चा के प्रवक्ता हबीब बेग मिर्जा ने बताया कि लिपिक कर्मचारियों को मंत्रालयीन कर्मचारियों के समान 1 अप्रैल 2006 से वेतनमान का लाभ दिया जाए। साथ ही आउटसोर्स कर्मचारियों को संविदा मानकर नियमित करने और पुरानी पेंशन योजना को बहाल करने की मांग भी प्रमुख है। आंदोलन की रणनीति के तहत 24 जनवरी को प्रभारी मंत्री, सांसद और विधायकों को अपनी मांगों से अवगत कराया जाएगा। 7 फरवरी को कलेक्ट्रेट में धरना होगा और 16 फरवरी को भोपाल में प्रांतव्यापी आंदोलन किया जाएगा। इस आंदोलन में राजस्व कर्मचारी संघ, तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ, लघु वेतन कर्मचारी संघ, अपाक्स संघ, वाहन चालक संघ, अध्यापक संगठन और स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के प्रतिनिधि शामिल हैं। अनुकंपा नियुक्ति में सीपीसीटी की बाध्यता समाप्त करने की मांग कर्मचारियों ने अनुकंपा नियुक्ति में सीपीसीटी की बाध्यता समाप्त करने और शिक्षक संवर्ग में अनुकंपा नियुक्ति के लिए बीएड, डीएड की अनिवार्यता खत्म करने की मांग भी रखी है। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने 'कर्मचारी एकता जिंदाबाद' और 'अभी तो यह अंगड़ाई है, आगे और लड़ाई है' जैसे नारे लगाए।

खरगोन में अधिकारी-कर्मचारी संयुक्त मोर्चा का आंदोलन शुरू:पदोन्नति, ओल्ड पेंशन सहित 16 मांगों को लेकर रैली निकालकर की नारेबाजी
मध्य प्रदेश में सरकारी कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर बड़ा आंदोलन शुरू कर दिया है। अधिकारी-कर्मचारी संयुक्त मोर्चा के बैनर तले कर्मचारियों ने गुरुवार को जिला मुख्यालय पर रैली निकाली और जमकर नारेबाजी की। मोर्चा के जिलाध्यक्ष सुधीर शर्मा के नेतृत्व में कर्मचारियों ने संयुक्त कलेक्टर हेमलता सोलंकी को मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा। कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में 2016 से बंद पदोन्नति को फिर से शुरू करना और पात्रता दिनांक से पदोन्नति का लाभ देना शामिल है। मोर्चा के प्रवक्ता हबीब बेग मिर्जा ने बताया कि लिपिक कर्मचारियों को मंत्रालयीन कर्मचारियों के समान 1 अप्रैल 2006 से वेतनमान का लाभ दिया जाए। साथ ही आउटसोर्स कर्मचारियों को संविदा मानकर नियमित करने और पुरानी पेंशन योजना को बहाल करने की मांग भी प्रमुख है। आंदोलन की रणनीति के तहत 24 जनवरी को प्रभारी मंत्री, सांसद और विधायकों को अपनी मांगों से अवगत कराया जाएगा। 7 फरवरी को कलेक्ट्रेट में धरना होगा और 16 फरवरी को भोपाल में प्रांतव्यापी आंदोलन किया जाएगा। इस आंदोलन में राजस्व कर्मचारी संघ, तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ, लघु वेतन कर्मचारी संघ, अपाक्स संघ, वाहन चालक संघ, अध्यापक संगठन और स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के प्रतिनिधि शामिल हैं। अनुकंपा नियुक्ति में सीपीसीटी की बाध्यता समाप्त करने की मांग कर्मचारियों ने अनुकंपा नियुक्ति में सीपीसीटी की बाध्यता समाप्त करने और शिक्षक संवर्ग में अनुकंपा नियुक्ति के लिए बीएड, डीएड की अनिवार्यता खत्म करने की मांग भी रखी है। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने 'कर्मचारी एकता जिंदाबाद' और 'अभी तो यह अंगड़ाई है, आगे और लड़ाई है' जैसे नारे लगाए।