झाड़-फूंक के नाम पर नाबालिग से छेड़छाड़, बैगा को 5 साल कठोर कारावास
झाड़-फूंक के नाम पर नाबालिग से छेड़छाड़, बैगा को 5 साल कठोर कारावास
छत्तीसगढ़ संवाददाता
महासमुंद, 15 मार्च। सरायपाली क्षेत्र में झाड़-फूंक करने के नाम पर एक किशोरी के साथ बैगा के द्वारा छेड़छाड़ करने के लगभग सात माह पूर्व के एक मामले में कल शोभना कोष्टा विशेष न्यायाधीश पॉक्सो सरायपाली ने आरोपी बैगा को 5 वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनाई है।
मामला बसना थाना अंतर्गत गांव की एक किशोरी का है, जिसे झाड़ फूंक के लिए बसना में एक बैगा के पास लाया गया था। विशेष लोक अभियोजक आर एल पटेल से मिली जानकारी अनुसार प्रार्थी ने थाना बसना में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह 8 अगस्त 2023 की शाम लगभग 8 बजे अपनी नाबालिग बेटी के साथ ग्राम के सुखीराम धृतलहरे के पास गया था। सुखीराम झाड़ फूंक व बैगा का काम करता है। उसने बताया कि उनकी बेटी 8 दिन से सिर दर्द से परेशान थी।
जब प्रार्थी अपनी बेटी को बैैगा के पास लेकर पहुंचा तो बैगा सुखीराम ने प्रार्थी को कमरे से बाहर जाने के लिए कहा और उनकी बेटी को कमरे में ही रोक लिया। लगभग 5 मिनट के बाद उनकी बेटी कमरे के अंदर से रोती हुई बाहर आई। रास्ते में नाबालिग ने अपने पिता को कोई भी जानकारी नहीं दी, लेकिन घर पहुंचते ही अपने माता-पिता को बैगा के द्वारा छेड़छाड़ करने की जानकारी दी। इस पर प्रार्थी पति-पत्नी सुखीराम के घर गए और इस तरह का कार्य क्यों किया, कहकर धमकाया। बाद में पुलिस को इसकी जानकारी दी।
प्रार्थी की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ धारा 354 एवं धारा 8 पॉक्सो एक्ट के तहत अपराध कायम कर गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने मामले की संपूर्ण विवेचना के उपरांत आरोपी के खिलाफ अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। न्यायालय में मामले के संपूर्ण विचारण के पश्चात् विशेष न्यायाधीश श्रीमती कोष्टा ने दोषसिद्ध पाये जाने पर आरोपी को धारा 354 के तहत 5 वर्ष के सश्रम कारावास, धारा 342 के तहत एक वर्ष का सश्रम कारावास एवं पॉक्सो अधिनियम की धारा 8 के तहत 5 वर्ष के सश्रम कारावास से दण्डित किया है। आरोपी की सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी।
छत्तीसगढ़ संवाददाता
महासमुंद, 15 मार्च। सरायपाली क्षेत्र में झाड़-फूंक करने के नाम पर एक किशोरी के साथ बैगा के द्वारा छेड़छाड़ करने के लगभग सात माह पूर्व के एक मामले में कल शोभना कोष्टा विशेष न्यायाधीश पॉक्सो सरायपाली ने आरोपी बैगा को 5 वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनाई है।
मामला बसना थाना अंतर्गत गांव की एक किशोरी का है, जिसे झाड़ फूंक के लिए बसना में एक बैगा के पास लाया गया था। विशेष लोक अभियोजक आर एल पटेल से मिली जानकारी अनुसार प्रार्थी ने थाना बसना में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह 8 अगस्त 2023 की शाम लगभग 8 बजे अपनी नाबालिग बेटी के साथ ग्राम के सुखीराम धृतलहरे के पास गया था। सुखीराम झाड़ फूंक व बैगा का काम करता है। उसने बताया कि उनकी बेटी 8 दिन से सिर दर्द से परेशान थी।
जब प्रार्थी अपनी बेटी को बैैगा के पास लेकर पहुंचा तो बैगा सुखीराम ने प्रार्थी को कमरे से बाहर जाने के लिए कहा और उनकी बेटी को कमरे में ही रोक लिया। लगभग 5 मिनट के बाद उनकी बेटी कमरे के अंदर से रोती हुई बाहर आई। रास्ते में नाबालिग ने अपने पिता को कोई भी जानकारी नहीं दी, लेकिन घर पहुंचते ही अपने माता-पिता को बैगा के द्वारा छेड़छाड़ करने की जानकारी दी। इस पर प्रार्थी पति-पत्नी सुखीराम के घर गए और इस तरह का कार्य क्यों किया, कहकर धमकाया। बाद में पुलिस को इसकी जानकारी दी।
प्रार्थी की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ धारा 354 एवं धारा 8 पॉक्सो एक्ट के तहत अपराध कायम कर गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने मामले की संपूर्ण विवेचना के उपरांत आरोपी के खिलाफ अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। न्यायालय में मामले के संपूर्ण विचारण के पश्चात् विशेष न्यायाधीश श्रीमती कोष्टा ने दोषसिद्ध पाये जाने पर आरोपी को धारा 354 के तहत 5 वर्ष के सश्रम कारावास, धारा 342 के तहत एक वर्ष का सश्रम कारावास एवं पॉक्सो अधिनियम की धारा 8 के तहत 5 वर्ष के सश्रम कारावास से दण्डित किया है। आरोपी की सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी।