पूरे 81 दिन अमला आयोग के हवाले

छत्तीसगढ़ संवाददाता रायपुर, 17 मार्च। निर्वाचन आयोग द्वारा आम चुनावों की घोषणा के साथ ही आचार संहिता कल से पूरे प्रदेश के साथ रायपुर जिले में भी लागू कर दी गई हैं। जो पूरे तीन महीने (81 दिन)तक रहेगी। इसके पालन पर नजर रखने कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. गौरव सिंह के निर्देश पर लोकसभा निर्वाचन के लिए स्थानीय निर्वाचन शाखा कलेक्टर परिसर में शिकायत सेल कंट्रोल रूम का गठन किया गया है। जहां पर नोडल अधिकारी व सहायक नोडल अधिकारी के मार्गदर्शन में ड्यूटी सुनिश्चित की गई है। इसके नोडल अधिकारी अपर कलेक्टर श्री बी. सी. साहू है। कंट्रोल रूम का संपर्क नंबर 0771-2445785 जारी किया गया है। जिले में धारा 144 लागू शांति व्यवस्था बनाए रखने एवं भयमुक्त वातावरण में मतदाताओं द्वारा मताधिकार का प्रयोग करने के दृष्टिगत जिले में धारा 144 लागू कर दी है तथा अस्त्र-शस्त्र धारण करने पर प्रतिबंध लगा दिया है। असामाजिक तत्वों द्वारा भय एवं आतंक का वातावरण निर्मित कर शांतिपूर्ण एवं निष्पक्ष चुनाव में बाधा खड़ी न की जा सके तथा मतदाताओं में किसी भी प्रकार का भय पैदा न हो एवं मतदाता भयमुक्त वातावरण में निर्भय होकर अपने मताधिकार का प्रयोग कर सके, इसके मद्देनजर कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने एक आदेश जारी कर जिले में धारा 144 लागू कर दी है तथा आदेश दिया है कि कोई भी व्यक्ति किसी प्रकार का शस्त्र, तलवार, फरसा, भाला, लाठी, चाकू, छुरी, कुल्हाड़ी, गुफ्ती, त्रिशूल, खुकरा, सांग एव बल्लम अथवा अन्य अस्त्र शस्त्र लेकर सार्वजनिक स्थान पर नहीं निकलेगा। जो व्यक्ति शासकीय कर्तव्य पर है वे ड्यूटी के दौरान अस्त्र-शस्त्र धारण कर सकेंगे। यह आदेश उन व्यक्तियों पर भी लागू नहीं होगा जो शारीरिक दुर्बलता, वृद्धावस्था व विकलांगता के कारण सहारे के रूप में लाठी लेकर चलते हैं तथा धार्मिक आस्थाओं के आधार पर धारित अस्त्र-शस्त्र पर भी यह प्रतिबंध लागू नहीं होगा। ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग निषेध कोलाहल विहीन वातावरण बनाए रखने के उद्देश्य से कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. गौरव सिंह ने आदेश जारी कर रायपुर जिले में लोकसभा निर्वाचन 2024 के कार्य समाप्ति तक बिना अनुमति के ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग को निषेध कर दिया है। उन्होने कहा है कि निर्वाचन प्रचार-प्रसार एवं आमसभा प्रचार जुलूस वाहन इत्यादि के लिए क्षेत्र के संबंधित सक्षम प्राधिकारी से लिखित अनुमति प्राप्त करने के उपरांत ही ध्वनि विस्तारक यंत्र का उपयोग प्रात: 6 बजे से रात्रि 10 बजे तक की अवधि में किया जा सकता है। रायपुर जिले के अंतर्गत आने वाले समस्त विधानसभा क्षेत्र हेतु अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी, रायपुर को सक्षम प्राधिकारी नियुक्त किया गया है। जनप्रतिनिधियों को आबंटित वाहन वापस लेने के निर्देश जिला दण्डाधिकारी ने जारी किया आदेश जनप्रतिनिधियों को आबंटित वाहन वापस लेने के निर्देश दिएगए हैं। इस संबंध में आदेशानुसार परिणाम घोषित होनेे के दिनांक तक केन्द्र राज्य शासन के उपक्रम, संयुक्त क्षेत्र के उपक्रमों स्वायत्तशासी संस्थाओं, जिला पंचायतों, जनपद पंचायतो, ग्राम पंचायतों, नगर पंचायतों, विपणन बोर्ड, विपणन संस्थाओं, कृषि उपज मंडी समिति प्राधिकरणों या अन्य ऐसे निकाय जिनमें सरकारी धन का कितना भी छोटा अंश निवेश किया गया हो, के वाहनों के उपयोग के किसी भी प्रकरण की अनुमति संसद सदस्य, लोकसभा सदस्य या राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों अथवा अभ्यर्थियों या निर्वाचन से संबंधित किसी व्यक्ति को नहीं दिए जाने के आदेश है। अतएव उल्लेखित जनप्रतिनिधियों को आबंटित वाहन वापस ले कर सूचना प्रदान करें। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. गौरव सिंह ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देशित कर कहा है कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा लोकसभा निर्वाचन 2024 के कार्यक्रम की घोषणा किये जाने के साथ ही निर्वाचन की प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है, इस दृष्टिकोंण से यह सुनिश्चित किया जावे कि जिले में किसी संपत्ति का विरूपण न हो। इस संबंध में आदेश जारी करते हुए कहा गया है कि छत्तीसगढ़ संपत्ति विरूपण निवारण अधिनियम 1994 के प्रावधानों को कठोरतापूर्वक अनुपालन सुनिश्चित करें। इसके अनुसार संपत्ति के विरूपण पर की जाए आवश्यक कार्यवाही छत्तीसगढ संपत्ति विरूपण निवारण अधिनियम 1994 की धारा 03 में निहित प्रावधानानुसार कोई भी व्यक्ति जो संपत्ति के स्वामी की लिखित अनुज्ञा के बिना सार्वजनिक दृष्टि में आने वाली किसी संपत्ति को स्याही, खडिया, रंग या किसी अन्य पदार्थ से लिख कर या चिन्हित कर के उसे विरूपित करेगा, वह जुर्माने से जो एक हजार रूपये तक का हो सकेगा, दण्डनीय होगा। इस अधिनियम के अधीन दण्डानीय कोई भी अपराध संज्ञेय होगा। इस संबंध में टीम गठित की जाएगी, जिसमें नगरीय निकाय, लोक निर्माण विभाग, राजस्व विभाग और पुलिस विभाग के कर्मचारी-अधिकारी शामिल रहेंगे। यह टीम सघन भ्रमण कर विरूपित संपत्ति को, संपत्ति विरूपण करने वाले के व्यय पर पूर्ण स्वरूप में लाएगी तथा टीम द्वारा संपत्ति विरूपण करने वाले तत्वों के विरूद्ध अधिनियम के प्रावधानों के अंतर्गत एफआईआर दर्ज कर कार्यवाही की जाएगी। यदि किसी राजनैतिक दल या चुनाव लडऩे वाले अभ्यर्थी द्वारा किसी निजी संपत्ति को बिना उसके स्वामी की लिखित सहमति के विरूपित किया जाता है तो निजी संपत्ति के स्वामी द्वारा संबंधित थाने में सूचना दर्ज कराने के बाद गठित टीम निजी संपत्ति को विरूपित होने से बचाने की कार्यवाही करेगा एवं संबंधित थाना प्रभारी प्रदत्त सूचना रिपोर्ट पर विधिवत जांच कर सक्षम न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किया जाएगा। इसी प्रकार किसी धार्मिक स्थल का उपयोग चुनाव के प्रचार-प्रसार के लिये नहीं किया जाएगा। थाना प्रभारी द्वारा संपत्ति विरूपण से संबंधित प्राप्त शिकायतों पर तत्काल एफआईआर दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की जाएगी। अवकाश पर प्रतिबंध जिले के सभी अधिकारी-कर्मचारियों को आदेशित किया जाता है कि वे कलेक्टर या जिला निर्वाचन अधिक

पूरे 81 दिन अमला आयोग के हवाले
छत्तीसगढ़ संवाददाता रायपुर, 17 मार्च। निर्वाचन आयोग द्वारा आम चुनावों की घोषणा के साथ ही आचार संहिता कल से पूरे प्रदेश के साथ रायपुर जिले में भी लागू कर दी गई हैं। जो पूरे तीन महीने (81 दिन)तक रहेगी। इसके पालन पर नजर रखने कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. गौरव सिंह के निर्देश पर लोकसभा निर्वाचन के लिए स्थानीय निर्वाचन शाखा कलेक्टर परिसर में शिकायत सेल कंट्रोल रूम का गठन किया गया है। जहां पर नोडल अधिकारी व सहायक नोडल अधिकारी के मार्गदर्शन में ड्यूटी सुनिश्चित की गई है। इसके नोडल अधिकारी अपर कलेक्टर श्री बी. सी. साहू है। कंट्रोल रूम का संपर्क नंबर 0771-2445785 जारी किया गया है। जिले में धारा 144 लागू शांति व्यवस्था बनाए रखने एवं भयमुक्त वातावरण में मतदाताओं द्वारा मताधिकार का प्रयोग करने के दृष्टिगत जिले में धारा 144 लागू कर दी है तथा अस्त्र-शस्त्र धारण करने पर प्रतिबंध लगा दिया है। असामाजिक तत्वों द्वारा भय एवं आतंक का वातावरण निर्मित कर शांतिपूर्ण एवं निष्पक्ष चुनाव में बाधा खड़ी न की जा सके तथा मतदाताओं में किसी भी प्रकार का भय पैदा न हो एवं मतदाता भयमुक्त वातावरण में निर्भय होकर अपने मताधिकार का प्रयोग कर सके, इसके मद्देनजर कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने एक आदेश जारी कर जिले में धारा 144 लागू कर दी है तथा आदेश दिया है कि कोई भी व्यक्ति किसी प्रकार का शस्त्र, तलवार, फरसा, भाला, लाठी, चाकू, छुरी, कुल्हाड़ी, गुफ्ती, त्रिशूल, खुकरा, सांग एव बल्लम अथवा अन्य अस्त्र शस्त्र लेकर सार्वजनिक स्थान पर नहीं निकलेगा। जो व्यक्ति शासकीय कर्तव्य पर है वे ड्यूटी के दौरान अस्त्र-शस्त्र धारण कर सकेंगे। यह आदेश उन व्यक्तियों पर भी लागू नहीं होगा जो शारीरिक दुर्बलता, वृद्धावस्था व विकलांगता के कारण सहारे के रूप में लाठी लेकर चलते हैं तथा धार्मिक आस्थाओं के आधार पर धारित अस्त्र-शस्त्र पर भी यह प्रतिबंध लागू नहीं होगा। ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग निषेध कोलाहल विहीन वातावरण बनाए रखने के उद्देश्य से कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. गौरव सिंह ने आदेश जारी कर रायपुर जिले में लोकसभा निर्वाचन 2024 के कार्य समाप्ति तक बिना अनुमति के ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग को निषेध कर दिया है। उन्होने कहा है कि निर्वाचन प्रचार-प्रसार एवं आमसभा प्रचार जुलूस वाहन इत्यादि के लिए क्षेत्र के संबंधित सक्षम प्राधिकारी से लिखित अनुमति प्राप्त करने के उपरांत ही ध्वनि विस्तारक यंत्र का उपयोग प्रात: 6 बजे से रात्रि 10 बजे तक की अवधि में किया जा सकता है। रायपुर जिले के अंतर्गत आने वाले समस्त विधानसभा क्षेत्र हेतु अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी, रायपुर को सक्षम प्राधिकारी नियुक्त किया गया है। जनप्रतिनिधियों को आबंटित वाहन वापस लेने के निर्देश जिला दण्डाधिकारी ने जारी किया आदेश जनप्रतिनिधियों को आबंटित वाहन वापस लेने के निर्देश दिएगए हैं। इस संबंध में आदेशानुसार परिणाम घोषित होनेे के दिनांक तक केन्द्र राज्य शासन के उपक्रम, संयुक्त क्षेत्र के उपक्रमों स्वायत्तशासी संस्थाओं, जिला पंचायतों, जनपद पंचायतो, ग्राम पंचायतों, नगर पंचायतों, विपणन बोर्ड, विपणन संस्थाओं, कृषि उपज मंडी समिति प्राधिकरणों या अन्य ऐसे निकाय जिनमें सरकारी धन का कितना भी छोटा अंश निवेश किया गया हो, के वाहनों के उपयोग के किसी भी प्रकरण की अनुमति संसद सदस्य, लोकसभा सदस्य या राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों अथवा अभ्यर्थियों या निर्वाचन से संबंधित किसी व्यक्ति को नहीं दिए जाने के आदेश है। अतएव उल्लेखित जनप्रतिनिधियों को आबंटित वाहन वापस ले कर सूचना प्रदान करें। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. गौरव सिंह ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देशित कर कहा है कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा लोकसभा निर्वाचन 2024 के कार्यक्रम की घोषणा किये जाने के साथ ही निर्वाचन की प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है, इस दृष्टिकोंण से यह सुनिश्चित किया जावे कि जिले में किसी संपत्ति का विरूपण न हो। इस संबंध में आदेश जारी करते हुए कहा गया है कि छत्तीसगढ़ संपत्ति विरूपण निवारण अधिनियम 1994 के प्रावधानों को कठोरतापूर्वक अनुपालन सुनिश्चित करें। इसके अनुसार संपत्ति के विरूपण पर की जाए आवश्यक कार्यवाही छत्तीसगढ संपत्ति विरूपण निवारण अधिनियम 1994 की धारा 03 में निहित प्रावधानानुसार कोई भी व्यक्ति जो संपत्ति के स्वामी की लिखित अनुज्ञा के बिना सार्वजनिक दृष्टि में आने वाली किसी संपत्ति को स्याही, खडिया, रंग या किसी अन्य पदार्थ से लिख कर या चिन्हित कर के उसे विरूपित करेगा, वह जुर्माने से जो एक हजार रूपये तक का हो सकेगा, दण्डनीय होगा। इस अधिनियम के अधीन दण्डानीय कोई भी अपराध संज्ञेय होगा। इस संबंध में टीम गठित की जाएगी, जिसमें नगरीय निकाय, लोक निर्माण विभाग, राजस्व विभाग और पुलिस विभाग के कर्मचारी-अधिकारी शामिल रहेंगे। यह टीम सघन भ्रमण कर विरूपित संपत्ति को, संपत्ति विरूपण करने वाले के व्यय पर पूर्ण स्वरूप में लाएगी तथा टीम द्वारा संपत्ति विरूपण करने वाले तत्वों के विरूद्ध अधिनियम के प्रावधानों के अंतर्गत एफआईआर दर्ज कर कार्यवाही की जाएगी। यदि किसी राजनैतिक दल या चुनाव लडऩे वाले अभ्यर्थी द्वारा किसी निजी संपत्ति को बिना उसके स्वामी की लिखित सहमति के विरूपित किया जाता है तो निजी संपत्ति के स्वामी द्वारा संबंधित थाने में सूचना दर्ज कराने के बाद गठित टीम निजी संपत्ति को विरूपित होने से बचाने की कार्यवाही करेगा एवं संबंधित थाना प्रभारी प्रदत्त सूचना रिपोर्ट पर विधिवत जांच कर सक्षम न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किया जाएगा। इसी प्रकार किसी धार्मिक स्थल का उपयोग चुनाव के प्रचार-प्रसार के लिये नहीं किया जाएगा। थाना प्रभारी द्वारा संपत्ति विरूपण से संबंधित प्राप्त शिकायतों पर तत्काल एफआईआर दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की जाएगी। अवकाश पर प्रतिबंध जिले के सभी अधिकारी-कर्मचारियों को आदेशित किया जाता है कि वे कलेक्टर या जिला निर्वाचन अधिकारी के पूर्वानुमति के न तो अवकाश पर रहेंगे और ना ही मुख्यालय छोड़ेंगे। इस संबंध में आदेश जारी किया गया है। इसके अनुसार जिला स्तर पर तथा जिले अंतर्गत समस्त शासकीय एवं राज्य शासन के विभागीय इकाईयों/उपक्रमों के अमले के अवकाशों की स्वीकृति हेतु जिला कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी अवकाश स्वीकृत करने हेतु सक्षम अधिकारी होंगे।