छत्तीसगढ़ संवाददाता
जगदलपुर, 17 जून। छत्तीसगढ़ में बिजली दरों में की गई वृद्धि के विरोध में बस्तर जिला कांग्रेस कमेटी ने बुधवार को जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुशील मौर्य और ग्रामीण जिला कांग्रेस अध्यक्ष प्रेमशंकर शुक्ला के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का पुतला दहन किया तथा बिजली विभाग कार्यालय का घेराव कर राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा।
बारिश के बीच आयोजित विरोध प्रदर्शन में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने बिजली दरों में बढ़ोतरी को जनविरोधी बताते हुए तत्काल वापस लेने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आम जनता, किसानों और छोटे व्यापारियों पर बढ़ते आर्थिक बोझ का मुद्दा उठाया।
शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुशील मौर्य ने कहा कि भाजपा सरकार महंगाई, बेरोजगारी और आर्थिक संकट से जूझ रही जनता को राहत देने के बजाय लगातार जनविरोधी फैसले ले रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिजली जैसी मूलभूत आवश्यकता पर दरों में वृद्धि कर सरकार गरीब, मध्यम वर्ग, छोटे व्यवसायियों और किसानों की कमर तोडऩे का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासनकाल में जनता को राहत देने के लिए कई कदम उठाए गए थे, जबकि वर्तमान सरकार हर क्षेत्र में आर्थिक बोझ बढ़ा रही है।
वहीं ग्रामीण जिला कांग्रेस अध्यक्ष प्रेमशंकर शुक्ला ने कहा कि किसान पहले से ही खेती की बढ़ती लागत, खाद-बीज और डीजल की समस्या से परेशान हैं। ऐसे में कृषि विद्युत शुल्क में वृद्धि किसानों की आय और मेहनत पर सीधा प्रहार है। उन्होंने कहा कि बिजली दरों में बढ़ोतरी से खेती की लागत और बढ़ेगी तथा किसानों की आर्थिक स्थिति प्रभावित होगी।
कांग्रेस नेताओं ने दावा किया कि घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बिजली दरों में 30 से 50 पैसे प्रति यूनिट, गैर-घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 20 से 40 पैसे प्रति यूनिट तथा कृषि विद्युत शुल्क में 40 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि की गई है। पार्टी ने चेतावनी दी कि यदि सरकार यह निर्णय वापस नहीं लेती है तो प्रदेशभर में चरणबद्ध और उग्र आंदोलन किया जाएगा।
प्रदर्शन में पूर्व विधायक रेखचंद जैन, नेता प्रतिपक्ष राजेश चौधरी, कविता साहू, विक्रम सिंह डांगी, रविशंकर तिवारी, लता निषाद, अभिषेक नायडू, जाहिद हुसैन, निकेत राज झा, विशाल खंबारी सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी, कार्यकर्ता और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
छत्तीसगढ़ संवाददाता
जगदलपुर, 17 जून। छत्तीसगढ़ में बिजली दरों में की गई वृद्धि के विरोध में बस्तर जिला कांग्रेस कमेटी ने बुधवार को जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुशील मौर्य और ग्रामीण जिला कांग्रेस अध्यक्ष प्रेमशंकर शुक्ला के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का पुतला दहन किया तथा बिजली विभाग कार्यालय का घेराव कर राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा।
बारिश के बीच आयोजित विरोध प्रदर्शन में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने बिजली दरों में बढ़ोतरी को जनविरोधी बताते हुए तत्काल वापस लेने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आम जनता, किसानों और छोटे व्यापारियों पर बढ़ते आर्थिक बोझ का मुद्दा उठाया।
शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुशील मौर्य ने कहा कि भाजपा सरकार महंगाई, बेरोजगारी और आर्थिक संकट से जूझ रही जनता को राहत देने के बजाय लगातार जनविरोधी फैसले ले रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिजली जैसी मूलभूत आवश्यकता पर दरों में वृद्धि कर सरकार गरीब, मध्यम वर्ग, छोटे व्यवसायियों और किसानों की कमर तोडऩे का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासनकाल में जनता को राहत देने के लिए कई कदम उठाए गए थे, जबकि वर्तमान सरकार हर क्षेत्र में आर्थिक बोझ बढ़ा रही है।
वहीं ग्रामीण जिला कांग्रेस अध्यक्ष प्रेमशंकर शुक्ला ने कहा कि किसान पहले से ही खेती की बढ़ती लागत, खाद-बीज और डीजल की समस्या से परेशान हैं। ऐसे में कृषि विद्युत शुल्क में वृद्धि किसानों की आय और मेहनत पर सीधा प्रहार है। उन्होंने कहा कि बिजली दरों में बढ़ोतरी से खेती की लागत और बढ़ेगी तथा किसानों की आर्थिक स्थिति प्रभावित होगी।
कांग्रेस नेताओं ने दावा किया कि घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बिजली दरों में 30 से 50 पैसे प्रति यूनिट, गैर-घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 20 से 40 पैसे प्रति यूनिट तथा कृषि विद्युत शुल्क में 40 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि की गई है। पार्टी ने चेतावनी दी कि यदि सरकार यह निर्णय वापस नहीं लेती है तो प्रदेशभर में चरणबद्ध और उग्र आंदोलन किया जाएगा।
प्रदर्शन में पूर्व विधायक रेखचंद जैन, नेता प्रतिपक्ष राजेश चौधरी, कविता साहू, विक्रम सिंह डांगी, रविशंकर तिवारी, लता निषाद, अभिषेक नायडू, जाहिद हुसैन, निकेत राज झा, विशाल खंबारी सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी, कार्यकर्ता और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।