बड़वानी के बावनगजा में जैन संत समागम:गणिनी आर्यिका विशिष्ट मति माताजी ससंघ का मंगल प्रवेश, 31 संत भी विराजमान
बड़वानी के बावनगजा में जैन संत समागम:गणिनी आर्यिका विशिष्ट मति माताजी ससंघ का मंगल प्रवेश, 31 संत भी विराजमान
बड़वानी के दिगम्बर जैन सिद्ध क्षेत्र बावनगजा में धार्मिक कार्यक्रम आयोजित हुआ। राष्ट्र संत गणचार्य विराग सागर जी महाराज की शिष्या गणिनी आर्यिका विशिष्ट मति जी माताजी ने 9 आर्यिका माताजी के साथ क्षेत्र में प्रवेश किया। महाराष्ट्र से पाटी की ओर पद विहार करते हुए पहुंचे संघ का स्वागत किया गया। ट्रस्ट अध्यक्ष विनोद दोशी और स्टाफ ने आगवानी की। निमाड़, मालवा, गुजरात, महाराष्ट्र, राजस्थान और उत्तर प्रदेश से पहुंचे श्रद्धालुओं ने मंगल आशीर्वाद लिया। आर्यिका संघ ने अपने ज्येष्ठ गुरु भाई पूज्य विवर्धन सागर, मुनि विश्व नायक सागर और मुनि प्रशम सागर की वंदना की। समाधिस्थ गुरु आचार्य विराग सागर जी की स्मृति में माताजी भावुक हो गईं। वर्तमान में बावनगजा में 31 श्रमण विराजमान हैं। इनमें एक आचार्य, 13 मुनिराज और शेष आर्यिका, क्षुल्लक-क्षुल्लिका हैं। सभी संत अप्रैल में पावागिरी सिद्ध क्षेत्र ऊन के पंच कल्याणक महोत्सव और इंदौर के पट्टाचार्य महोत्सव में शामिल होंगे। दिनभर धार्मिक गतिविधियां चलती रहीं। प्रतिक्रमण, सामयिक, मुनि संघ की तत्व चर्चा, स्वाध्याय और भगवान की आरती का आयोजन हुआ। बड़वानी का युवा संघ और स्थानीय श्रद्धालु ओसाडा से पद विहार में साथ रहे।
बड़वानी के दिगम्बर जैन सिद्ध क्षेत्र बावनगजा में धार्मिक कार्यक्रम आयोजित हुआ। राष्ट्र संत गणचार्य विराग सागर जी महाराज की शिष्या गणिनी आर्यिका विशिष्ट मति जी माताजी ने 9 आर्यिका माताजी के साथ क्षेत्र में प्रवेश किया। महाराष्ट्र से पाटी की ओर पद विहार करते हुए पहुंचे संघ का स्वागत किया गया। ट्रस्ट अध्यक्ष विनोद दोशी और स्टाफ ने आगवानी की। निमाड़, मालवा, गुजरात, महाराष्ट्र, राजस्थान और उत्तर प्रदेश से पहुंचे श्रद्धालुओं ने मंगल आशीर्वाद लिया। आर्यिका संघ ने अपने ज्येष्ठ गुरु भाई पूज्य विवर्धन सागर, मुनि विश्व नायक सागर और मुनि प्रशम सागर की वंदना की। समाधिस्थ गुरु आचार्य विराग सागर जी की स्मृति में माताजी भावुक हो गईं। वर्तमान में बावनगजा में 31 श्रमण विराजमान हैं। इनमें एक आचार्य, 13 मुनिराज और शेष आर्यिका, क्षुल्लक-क्षुल्लिका हैं। सभी संत अप्रैल में पावागिरी सिद्ध क्षेत्र ऊन के पंच कल्याणक महोत्सव और इंदौर के पट्टाचार्य महोत्सव में शामिल होंगे। दिनभर धार्मिक गतिविधियां चलती रहीं। प्रतिक्रमण, सामयिक, मुनि संघ की तत्व चर्चा, स्वाध्याय और भगवान की आरती का आयोजन हुआ। बड़वानी का युवा संघ और स्थानीय श्रद्धालु ओसाडा से पद विहार में साथ रहे।