युवक को लैपटॉप में नहीं मिला SSD पोर्ट:उपभोक्ता फोरम ने कंपनी को दिए आदेश- पोर्ट लगाकर दें; 8 हजार का भुगतान करें

गुना के एक युवक ने लैपटॉप खरीदा। उसमें खरीदते समय जो फीचर्स बताए गए थे वह नहीं मिले। इसके बाद युवक ने इसे सेवा में कमी बताते हुए उपभोक्ता फोरम में केस दर्ज किया। फोरम ने शुक्रवार को फैसला सुनते हुए कंपनी और दुकानदार को आदेश दिया है कि जो फीचर्स बताए थे, वो लैपटॉप में लगा कर दें। साथ ही 8000 रुपए भी युवक को अदा करें। शहर की उद्गम रेजिडेंसी में रहने वाले राहुल त्रिवेदी ने वर्ष 2018 में एक लैपटॉप खरीदा था। इसके लिए उसने दुकानदार को 42 हजार रुपए दिए थे। लैपटॉप में SSD (सॉलिड स्टेट ड्राइव) के लिए पोर्ट लगा हुआ था। लेकिन उस लैपटॉप में यह पार्ट लगता ही नहीं है। युवक ने इसे मैन्युफैक्चरिंग डिफेक्ट बताते हुए दुकानदार और लैपटॉप बनाने वाली कंपनी के खिलाफ वर्ष 2022 में अपने वकील एडवोकेट डॉ पुष्पराग के जरिए उपभोक्ता फोरम में परिवाद दायर किया। फोरम में सुनवाई के दौरान यह सामने आया कि युवक ड्राइव को लैपटॉप में लगाकर पोर्ट का उपयोग नहीं कर पा रहा था। दुकानदार का यह दायित्व था कि जब वह लैपटॉप ग्राहक को बेच रहा था, तो उसे हर पार्ट के उपयोग के बारे में उसे पूरी जानकारी देनी थी। लेकिन, दुकानदार द्वारा केवल मौखिक आधार पर युवक को सुविधाओं का प्रलोभन देकर अपना सामान बेच दिया। हालांकि, फोरम ने इसे मैन्युफैक्चरिंग डिफेक्ट नहीं माना। फोरम का कहना था कि SSD कार्ड का उपयोग करने के लिए लैपटॉप में उचित स्लॉट न होना मैन्युफैक्चरिंग डिफेक्ट नहीं माना जा सकता। ऐसी स्थिति में युवक को लैपटॉप की पूरी राशि वापस दिलाया जाना उचित प्रतीत नहीं होता है। कोर्ट ने लैपटॉप बेचने वाले दुकानदार नरेंद्र इलेक्ट्रॉनिक्स और लैपटॉप बनाने वाली कंपनी HP को आदेश दिया है कि लैपटॉप में SSD स्लॉट लगाकर दें। साथ ही युवक को हुए मानसिक कष्ट के रूप में 5 हजार और बाद व्यय के लिए 3 हजार रुपए का भुगतान करें।

युवक को लैपटॉप में नहीं मिला SSD पोर्ट:उपभोक्ता फोरम ने कंपनी को दिए आदेश- पोर्ट लगाकर दें; 8 हजार का भुगतान करें
गुना के एक युवक ने लैपटॉप खरीदा। उसमें खरीदते समय जो फीचर्स बताए गए थे वह नहीं मिले। इसके बाद युवक ने इसे सेवा में कमी बताते हुए उपभोक्ता फोरम में केस दर्ज किया। फोरम ने शुक्रवार को फैसला सुनते हुए कंपनी और दुकानदार को आदेश दिया है कि जो फीचर्स बताए थे, वो लैपटॉप में लगा कर दें। साथ ही 8000 रुपए भी युवक को अदा करें। शहर की उद्गम रेजिडेंसी में रहने वाले राहुल त्रिवेदी ने वर्ष 2018 में एक लैपटॉप खरीदा था। इसके लिए उसने दुकानदार को 42 हजार रुपए दिए थे। लैपटॉप में SSD (सॉलिड स्टेट ड्राइव) के लिए पोर्ट लगा हुआ था। लेकिन उस लैपटॉप में यह पार्ट लगता ही नहीं है। युवक ने इसे मैन्युफैक्चरिंग डिफेक्ट बताते हुए दुकानदार और लैपटॉप बनाने वाली कंपनी के खिलाफ वर्ष 2022 में अपने वकील एडवोकेट डॉ पुष्पराग के जरिए उपभोक्ता फोरम में परिवाद दायर किया। फोरम में सुनवाई के दौरान यह सामने आया कि युवक ड्राइव को लैपटॉप में लगाकर पोर्ट का उपयोग नहीं कर पा रहा था। दुकानदार का यह दायित्व था कि जब वह लैपटॉप ग्राहक को बेच रहा था, तो उसे हर पार्ट के उपयोग के बारे में उसे पूरी जानकारी देनी थी। लेकिन, दुकानदार द्वारा केवल मौखिक आधार पर युवक को सुविधाओं का प्रलोभन देकर अपना सामान बेच दिया। हालांकि, फोरम ने इसे मैन्युफैक्चरिंग डिफेक्ट नहीं माना। फोरम का कहना था कि SSD कार्ड का उपयोग करने के लिए लैपटॉप में उचित स्लॉट न होना मैन्युफैक्चरिंग डिफेक्ट नहीं माना जा सकता। ऐसी स्थिति में युवक को लैपटॉप की पूरी राशि वापस दिलाया जाना उचित प्रतीत नहीं होता है। कोर्ट ने लैपटॉप बेचने वाले दुकानदार नरेंद्र इलेक्ट्रॉनिक्स और लैपटॉप बनाने वाली कंपनी HP को आदेश दिया है कि लैपटॉप में SSD स्लॉट लगाकर दें। साथ ही युवक को हुए मानसिक कष्ट के रूप में 5 हजार और बाद व्यय के लिए 3 हजार रुपए का भुगतान करें।