सीएम आज करेंगे सभी जिलों में संपदा 2.0 का शुभारंभ:प्रापर्टी खरीदने वाले को पता चल जाएगा, बेचने वाले ने कितना लोन ले रखा है
सीएम आज करेंगे सभी जिलों में संपदा 2.0 का शुभारंभ:प्रापर्टी खरीदने वाले को पता चल जाएगा, बेचने वाले ने कितना लोन ले रखा है
प्रदेश के सभी जिलों में आज से प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री के लिए संपदा 2.0 साफ्टवेयर के आधार पर काम शुरू होने जा रहा है। इस नई व्यवस्था में प्रदेश में अगर कोई व्यक्ति प्रॉपर्टी खरीदना चाहता है, तो उसे यह पता चल जाएगा कि उस प्रॉपर्टी पर कितना लोन बकाया है। इसके साथ ही प्रॉपर्टी की पहचान कस्टोडियम डिपार्टमेंट से कराई जा सकेगी। घर बैठे ई पंजीयन किया जा सकेगा और रजिस्ट्री के लिए गवाह तलाशने की जरूरत नहीं होगी। ई साइन और डिजिटल सिग्नेचर के माध्यम से रजिस्ट्री का काम हो सकेगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज पंजीयन विभाग द्वारा विकसित सॉफ्टवेयर संपदा -2.0 के ई-पंजीयन एवं ई-स्टॉम्पिंग का शुभारंभ करेंगे। कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कनवैंशन सेंटर में आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा करेंगे। सीएम यादव विभागीय अधिकारियों से संपदा-2.0 की विशेषताओं पर चर्चा करेंगे। वाणिज्यिक कर विभाग द्वारा संपदा 2.0 का नोटिफिकेशन जारी किया जा चुका है। उप मुख्यमंत्री देवड़ा के अनुसार पायलट प्रोजेक्ट के सफल क्रियान्वयन एवं नोटिफिकेशन जारी होने से अब मध्यप्रदेश दस्तावेजों के पंजीयन एवं ई-स्टांम्पिंग में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो जाएगा। उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने कहा कि अप्रैल-2024 में 4 जिलों गुना, हरदा, डिंडौरी एवं रतलाम में पायलट प्रोजेक्ट के अंतर्गत ई-पंजीयन एवं ई-स्टॉम्पिंग का संचालन शुरू किया गया। इस सॉफ्टवेयर पर दस्तावेजों के ई-पंजीयन एवं ई-स्टॉम्पिंग प्रदेश के सभी जिलों में लागू किये जाने की कार्यवाही पूरी की जा चुकी है। सॉफ्टवेयर द्वारा प्रॉपर्टी ट्रांजैक्शन, लोन और अन्य दस्तावेजों का रजिस्ट्रेशन पूरी तरह डिजिटल हो जाएगा। अगर उस दस्तावेज पर लोन लिया गया होगा, तो उसकी जानकारी भी इसमें देखी जा सकेगी। साथ ही संपत्ति की पहचान कस्टोडियम डिपार्टमेंट से कराई जाएगी। पंजीयक की पहचान ई-केवाईसी के माध्यम से पूर्ण की जाएगी। इसमें घर बैठे पंजीयन एवं ई-स्टॉम्पिंग की सुविधा भी होगी।
प्रदेश के सभी जिलों में आज से प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री के लिए संपदा 2.0 साफ्टवेयर के आधार पर काम शुरू होने जा रहा है। इस नई व्यवस्था में प्रदेश में अगर कोई व्यक्ति प्रॉपर्टी खरीदना चाहता है, तो उसे यह पता चल जाएगा कि उस प्रॉपर्टी पर कितना लोन बकाया है। इसके साथ ही प्रॉपर्टी की पहचान कस्टोडियम डिपार्टमेंट से कराई जा सकेगी। घर बैठे ई पंजीयन किया जा सकेगा और रजिस्ट्री के लिए गवाह तलाशने की जरूरत नहीं होगी। ई साइन और डिजिटल सिग्नेचर के माध्यम से रजिस्ट्री का काम हो सकेगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज पंजीयन विभाग द्वारा विकसित सॉफ्टवेयर संपदा -2.0 के ई-पंजीयन एवं ई-स्टॉम्पिंग का शुभारंभ करेंगे। कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कनवैंशन सेंटर में आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा करेंगे। सीएम यादव विभागीय अधिकारियों से संपदा-2.0 की विशेषताओं पर चर्चा करेंगे। वाणिज्यिक कर विभाग द्वारा संपदा 2.0 का नोटिफिकेशन जारी किया जा चुका है। उप मुख्यमंत्री देवड़ा के अनुसार पायलट प्रोजेक्ट के सफल क्रियान्वयन एवं नोटिफिकेशन जारी होने से अब मध्यप्रदेश दस्तावेजों के पंजीयन एवं ई-स्टांम्पिंग में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो जाएगा। उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने कहा कि अप्रैल-2024 में 4 जिलों गुना, हरदा, डिंडौरी एवं रतलाम में पायलट प्रोजेक्ट के अंतर्गत ई-पंजीयन एवं ई-स्टॉम्पिंग का संचालन शुरू किया गया। इस सॉफ्टवेयर पर दस्तावेजों के ई-पंजीयन एवं ई-स्टॉम्पिंग प्रदेश के सभी जिलों में लागू किये जाने की कार्यवाही पूरी की जा चुकी है। सॉफ्टवेयर द्वारा प्रॉपर्टी ट्रांजैक्शन, लोन और अन्य दस्तावेजों का रजिस्ट्रेशन पूरी तरह डिजिटल हो जाएगा। अगर उस दस्तावेज पर लोन लिया गया होगा, तो उसकी जानकारी भी इसमें देखी जा सकेगी। साथ ही संपत्ति की पहचान कस्टोडियम डिपार्टमेंट से कराई जाएगी। पंजीयक की पहचान ई-केवाईसी के माध्यम से पूर्ण की जाएगी। इसमें घर बैठे पंजीयन एवं ई-स्टॉम्पिंग की सुविधा भी होगी।