हरितालिका तीज विसर्जन के बाद तालाब की नहीं हुई सफाई:अमृत योजना के तहत तालाब का होना है सौंदर्यीकरण, मठ तालाब में भरी विसर्जित की गई सामग्री
हरितालिका तीज विसर्जन के बाद तालाब की नहीं हुई सफाई:अमृत योजना के तहत तालाब का होना है सौंदर्यीकरण, मठ तालाब में भरी विसर्जित की गई सामग्री
हरितालिका तीज विसर्जन सामग्री को साफ करने के लिए नगरपालिका का स्वच्छता विभाग सक्रिय नजर नहीं आ रहा है। यही कारण है कि विसर्जन के 3 दिन बाद भी शहर के मठ तालाब की सफाई नहीं हो सकी है। इससे तालाब के घाट और आसपास गंदगी नजर आ रही है। विसर्जन सामग्री से भरा तालाब महिलाओं ने हरियाली तीज का वृत रखने के बाद शनिवार की सुबह मठ तालाब में पूजन सामग्री का विसर्जन किया था। शनिवार के बाद रविवार और सोमवार का दिन बीत जाने के बाद भी तालाब में विसर्जित की गई। इस सामग्री की सफाई नहीं कराई गई। इसके कारण तालाब इस सामग्री से भर गया है। तालाब के मुख्य घाट के पास ही विसर्जित की गई पूजन सामग्री के ढेर लगे हुए हैं। ऐसे में जहां तालाब प्रदूषित हो रहा है, वहीं घाट पर पूजन करने पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मई में शुरू हुआ था काम मठ तालाब से साल भर कोई ना कोई त्योहार के लिए श्रद्धालुओं का आना जाना लगा ही रहता है। तालाब की लगातार बिगड़ती हालत और गंदे पानी की वजह से श्रद्धालुओं को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ता है। इसे देखते हुए मठ तालाब के जीर्णोद्धार व सौंदर्यीकरण के लिए 1.5 करोड़ रुपए खर्च किए जाने हैं। बीते मई माह में सौंदर्यीकरण का कार्य प्रारंभ हुआ था। मठ तालाब के 430 मीटर लंबी पार में पिचिंग के साथ ही तालाब के चारों तरफ ढाई मीटर चौड़ा फुटपाथ बनाया जाना है। अमृत 2.0 योजना के अंतर्गत मठ तालाब के जीर्णोद्धार व सौंदर्यीकरण के लिए 1.5 करोड़ रुपए से स्वीकृत करने की मांग पार्षदों ने रखी थी। मठ मंदिर के पीछे बने हुए गार्डन को भी पूरी तरह व्यवस्थित किया जाना है और गंदे पानी को तालाब में पहुंचने से बचाने के लिए डायवर्सन भी यहीं होना है। ताकि गंदा पानी तालाब में ना पहुंच सके।इस सौंदर्यीकरण कार्य के लिए मठ तालाब को गर्मी में पूरी तरह खाली कर दिया गया था।तालाब में पिचिंग कार्य के लिए जेसीबी मशीन से खोदाई भी शुरू कराई गई थी। इसके बाद मानसून में वर्षा के कारण काम रुका हुआ है। नगर पालिका के स्वच्छता प्रभारी केके रजक का कहना है कि मठ तालाब में विसर्जित की गई सामग्री की सफाई का काम कराया जा रहा है। अधिक मात्रा में सामग्री का विसर्जन होने के करण पूरी सफाई में एक दो दिन लग जाते हैं। जल्द ही तालाब की पूरी सफाई हो जाएगी।
हरितालिका तीज विसर्जन सामग्री को साफ करने के लिए नगरपालिका का स्वच्छता विभाग सक्रिय नजर नहीं आ रहा है। यही कारण है कि विसर्जन के 3 दिन बाद भी शहर के मठ तालाब की सफाई नहीं हो सकी है। इससे तालाब के घाट और आसपास गंदगी नजर आ रही है। विसर्जन सामग्री से भरा तालाब महिलाओं ने हरियाली तीज का वृत रखने के बाद शनिवार की सुबह मठ तालाब में पूजन सामग्री का विसर्जन किया था। शनिवार के बाद रविवार और सोमवार का दिन बीत जाने के बाद भी तालाब में विसर्जित की गई। इस सामग्री की सफाई नहीं कराई गई। इसके कारण तालाब इस सामग्री से भर गया है। तालाब के मुख्य घाट के पास ही विसर्जित की गई पूजन सामग्री के ढेर लगे हुए हैं। ऐसे में जहां तालाब प्रदूषित हो रहा है, वहीं घाट पर पूजन करने पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मई में शुरू हुआ था काम मठ तालाब से साल भर कोई ना कोई त्योहार के लिए श्रद्धालुओं का आना जाना लगा ही रहता है। तालाब की लगातार बिगड़ती हालत और गंदे पानी की वजह से श्रद्धालुओं को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ता है। इसे देखते हुए मठ तालाब के जीर्णोद्धार व सौंदर्यीकरण के लिए 1.5 करोड़ रुपए खर्च किए जाने हैं। बीते मई माह में सौंदर्यीकरण का कार्य प्रारंभ हुआ था। मठ तालाब के 430 मीटर लंबी पार में पिचिंग के साथ ही तालाब के चारों तरफ ढाई मीटर चौड़ा फुटपाथ बनाया जाना है। अमृत 2.0 योजना के अंतर्गत मठ तालाब के जीर्णोद्धार व सौंदर्यीकरण के लिए 1.5 करोड़ रुपए से स्वीकृत करने की मांग पार्षदों ने रखी थी। मठ मंदिर के पीछे बने हुए गार्डन को भी पूरी तरह व्यवस्थित किया जाना है और गंदे पानी को तालाब में पहुंचने से बचाने के लिए डायवर्सन भी यहीं होना है। ताकि गंदा पानी तालाब में ना पहुंच सके।इस सौंदर्यीकरण कार्य के लिए मठ तालाब को गर्मी में पूरी तरह खाली कर दिया गया था।तालाब में पिचिंग कार्य के लिए जेसीबी मशीन से खोदाई भी शुरू कराई गई थी। इसके बाद मानसून में वर्षा के कारण काम रुका हुआ है। नगर पालिका के स्वच्छता प्रभारी केके रजक का कहना है कि मठ तालाब में विसर्जित की गई सामग्री की सफाई का काम कराया जा रहा है। अधिक मात्रा में सामग्री का विसर्जन होने के करण पूरी सफाई में एक दो दिन लग जाते हैं। जल्द ही तालाब की पूरी सफाई हो जाएगी।