मूंग सिंचाई के लिए तवाडैम से नहर में छोड़ा पानी:771 एमसीएम पानी उपलब्ध, 1 अप्रैल से नर्मदापुरम और 5 अप्रैल से इटारसी उपनहरों में पहुंचेगा

हरदा जिले के किसानों के लिए ग्रीष्मकालीन मूंग फसल की सिंचाई के उद्देश्य से तवा डैम से आज (शुक्रवार) नहर में पानी छोड़ना शुरू कर दिया गया। सुबह 9 बजे तवा नहर के एसडीओ एनएस सूर्यवंशी और किसान संघ के पदाधिकारी डैम पर पहुंचकर पूजन पाठ किया। इसके बाद डैम के बायीं तट से गेट खोलकर मुख्य नहर में पानी छोड़ा गया। जल संसाधन विभाग ने बताया कि हरदा जिले के किसानों को पानी मिलेगा। वहीं, 1 अप्रैल से नर्मदापुरम जिले के सिवनी मालवा क्षेत्र की रायगढ़, मकड़ई, भिलाड़िया और मिसरोद उपनहरों में पानी पहुंचेगा। 5 अप्रैल से इटारसी और नर्मदापुरम क्षेत्र की सुपरली, इटारसी और होशंगाबाद उपनहरों में पानी छोड़ा जाएगा। इसके अलावा पिपरिया शाखा नहर (सोहागपुर) के लिए दायीं तट मुख्य नहर से 8 अप्रैल से किसानों की मांग के अनुसार पानी उपलब्ध कराया जाएगा। पानी की उपलब्धता जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता राजाराम मीना ने बताया कि वर्तमान में तवा बांध में कुल 865 एमसीएम पानी संग्रहित है, जिसमें से 771 एमसीएम पानी सिंचाई के लिए उपयोग किया जाएगा। यह कदम ग्रीष्मकालीन मूंग फसल की बेहतर उत्पादन क्षमता और किसानों की सिंचाई सुविधा सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।

मूंग सिंचाई के लिए तवाडैम से नहर में छोड़ा पानी:771 एमसीएम पानी उपलब्ध, 1 अप्रैल से नर्मदापुरम और 5 अप्रैल से इटारसी उपनहरों में पहुंचेगा
हरदा जिले के किसानों के लिए ग्रीष्मकालीन मूंग फसल की सिंचाई के उद्देश्य से तवा डैम से आज (शुक्रवार) नहर में पानी छोड़ना शुरू कर दिया गया। सुबह 9 बजे तवा नहर के एसडीओ एनएस सूर्यवंशी और किसान संघ के पदाधिकारी डैम पर पहुंचकर पूजन पाठ किया। इसके बाद डैम के बायीं तट से गेट खोलकर मुख्य नहर में पानी छोड़ा गया। जल संसाधन विभाग ने बताया कि हरदा जिले के किसानों को पानी मिलेगा। वहीं, 1 अप्रैल से नर्मदापुरम जिले के सिवनी मालवा क्षेत्र की रायगढ़, मकड़ई, भिलाड़िया और मिसरोद उपनहरों में पानी पहुंचेगा। 5 अप्रैल से इटारसी और नर्मदापुरम क्षेत्र की सुपरली, इटारसी और होशंगाबाद उपनहरों में पानी छोड़ा जाएगा। इसके अलावा पिपरिया शाखा नहर (सोहागपुर) के लिए दायीं तट मुख्य नहर से 8 अप्रैल से किसानों की मांग के अनुसार पानी उपलब्ध कराया जाएगा। पानी की उपलब्धता जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता राजाराम मीना ने बताया कि वर्तमान में तवा बांध में कुल 865 एमसीएम पानी संग्रहित है, जिसमें से 771 एमसीएम पानी सिंचाई के लिए उपयोग किया जाएगा। यह कदम ग्रीष्मकालीन मूंग फसल की बेहतर उत्पादन क्षमता और किसानों की सिंचाई सुविधा सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।